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लखनऊ पुलिस ने फर्जी SOG बनकर ठगी करने वाले अंतरजनपदीय गिरोह का किया भंडाफोड़, चार आरोपी गिरफ्तार

लाइव सत्यकाम न्यूज,लखनऊ :राजधानी के गोमतीनगर थाना क्षेत्र में पुलिस कमिश्नरेट लखनऊ की पूर्वी जोन क्राइम टीम और थाना गोमतीनगर पुलिस ने मिलकर एक ऐसे अंतरजनपदीय ठग गिरोह का भंडाफोड़ किया है, जो खुद को पुलिस की क्राइम ब्रांच यानी SOG का अधिकारी बताकर लोगों को निवेश के नाम पर धोखा दे रहा था। इस गिरोह के चार सक्रिय सदस्यों को गिरफ्तार किया गया है, जिनके कब्जे से भारी मात्रा में नकली नोट, नगद राशि, फर्जी पुलिस पहचान पत्र और एक अवैध तमंचा बरामद किया गया है।यह कार्रवाई उस वक्त सामने आई जब 16 जुलाई को राजकुमार यादव नामक व्यक्ति ने थाना गोमतीनगर में तहरीर दी कि कुछ लोगों ने खुद को पुलिस अधिकारी बताकर उसे पैसे डबल करने का झांसा दिया और फिर उसके साथ लाखों रुपये की धोखाधड़ी की। उन्होंने बताया कि यह ठग पुलिस क्राइम ब्रांच से होने का दावा कर दबाव बनाते थे और निवेश के नाम पर रुपये हड़प लेते थे। इस प्रकरण पर गोमतीनगर थाने में भारतीय न्याय संहिता की धारा 316(2)/318(4) बीएनएस के तहत एफआईआर दर्ज कर जांच उपनिरीक्षक आनंद कुमार यादव को सौंपी गई।तत्पश्चात, पुलिस ने एक सक्रिय टीम बनाकर मुखबिरों की सूचना के आधार पर 17 जुलाई की रात विनीत खंड स्थित आईआईएलएम रोड के पास से चार अभियुक्तों को गिरफ्तार किया। गिरफ्तार अभियुक्तों में विशाल कुमार (निवासी लखनऊ), रामबहादुर (निवासी संतकबीर नगर), रामप्रसाद (निवासी महाराजगंज) और अंजनी कुमार (निवासी समस्तीपुर, बिहार) शामिल हैं। ये सभी अलग-अलग जिलों से आकर लखनऊ में सक्रिय रूप से फर्जीवाड़े को अंजाम दे रहे थे।गिरफ्तार आरोपियों के पास से 500-500 रुपये के 60 असली नोट (₹30,000), ‘CHILDERN BANK’ लिखे नकली नोटों की 30 गड्डियां और 8 गड्डियां जिनमें ऊपर असली नोट लगाकर नीचे फर्जी नोट लगाए गए थे, बरामद की गईं। साथ ही, उनके पास से एक अवैध देशी तमंचा 315 बोर और एक जिंदा कारतूस भी मिला। इतना ही नहीं, आरोपी खुद को पुलिस अधिकारी दिखाने के लिए फर्जी पहचान पत्र भी बनाए हुए थे, जिन्हें पुलिस ने जब्त कर लिया है।चारों आरोपियों की तलाशी के दौरान नकद रुपए अलग-अलग हिस्सों से बरामद हुए। विशाल कुमार के पास से ₹6,000, रामबहादुर के पास से ₹10,000 नगद व एक अवैध तमंचा, रामप्रसाद के पास से ₹9,000, और अंजनी कुमार के पास से ₹5,000 नगद मिले। अंजनी कुमार पहले भी अयोध्या जनपद के रौनही थाना क्षेत्र में आर्म्स एक्ट समेत बीएनएस की गंभीर धाराओं में अभियुक्त रह चुका है।इस पूरे मामले में मुकदमे की धाराओं में बढ़ोत्तरी करते हुए अब धारा 61(2)/319(2)/338/336(3) बीएनएस के साथ-साथ अभियुक्त रामबहादुर पर आर्म्स एक्ट की धारा 3/25 भी जोड़ी गई है। पुलिस अब गिरोह के नेटवर्क और इसके अन्य जिलों में फैले ठगी के मामलों की पड़ताल में जुट गई है।इस कार्रवाई में थाना गोमतीनगर के प्रभारी निरीक्षक ब्रजेश चंद्र तिवारी के नेतृत्व में उपनिरीक्षक आनंद कुमार यादव, अमरनाथ चौरसिया, हेमंत कुमार, राजन केसरी, कांस्टेबल अंकुर चौधरी, आकाश यादव, शुभम कुमार, बंटी कुमार और पूर्वी जोन की सर्विलांस टीम के सदस्य संदीप पांडेय, अमित कुमार, अजय यादव, शिवानंद खरवार, तरनजीत सिंह और विमल चंद्र शामिल रहे।पुलिस का कहना है कि इस गिरोह से संबंधित और भी जानकारियाँ जुटाई जा रही हैं और इनके खिलाफ सख्त विधिक कार्रवाई की जा रही है। साथ ही अन्य जिलों की पुलिस को भी सूचना भेजी जा रही है, ताकि इस गिरोह से संबंधित ठगी के अन्य मामलों का भी खुलासा किया जा सके।

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