लाइव सत्यकाम न्यूज,लखनऊ : भारत सरकार के विद्युत मंत्रालय ने इलेक्ट्रिसिटी (अमेंडमेंट) बिल 2025 के मसौदे पर चर्चा के लिये बिजली इंजीनियरों और कर्मचारियों के संगठनों को आगामी 12 जनवरी को वार्ता हेतु दिल्ली में श्रम शक्ति भवन मुख्यालय पर बुलाया है।
ऑल इंडिया पावर इंजीनियर्स फेडरेशन के चेयरमैन शैलेंद्र दुबे ने बताया कि 12 जनवरी की बैठक इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि केंद्र सरकार आगामी बजट सत्र में इलेक्ट्रिसिटी (अमेंडमेंट) बिल को किसी भी तरह पारित कराना चाहती है। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर इलेक्ट्रिसिटी (अमेंडमेंट) बिल 2025 को संसद के बजट सत्र में पारित कराने की कोई एक तरफ कोशिश की गई तो देश के 27 लाख बिजली कर्मचारी और इंजीनियर हड़ताल पर जाने के लिए बाध्य होंगे।
विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति, उत्तर प्रदेश के केन्द्रीय पदाधिकारियों ने कहा कि यदि संसद के बजट सत्र में इलेक्ट्रिसिटी (अमेंडमेंट) बिल 2025 पारित कराने के पहले सभी स्टेक होल्डर्स से बात करने की खानापूरी के लिए बिजली कर्मचारियों और इंजीनियरों के संगठनों को केन्द्रीय विद्युत मंत्रालय ने बुलाया है और बिजली कर्मियों के एतराज के बिन्दुओं पर 12 जनवरी की बैठक में कोई सार्थक चर्चा नहीं होती तो बिजली कर्मी बिल पारित करने की किसी भी एकतरफा कार्यवाही के विरोध में राष्ट्रव्यापी हड़ताल के लिये तैयार हैं।
उन्होंने बताया कि विद्युत मंत्रालय ने 12 जनवरी को बिजली इंजीनियरों और बिजली कर्मचारियों के संगठनों को बुलाया है तो 13 जनवरी को औद्योगिक व व्यावसायिक संगठनों और उपभोक्ता फोरमों को भी बुलाया गया है।
शैलेन्द्र दुबे ने बताया कि इसके बाद 22 और 23 जनवरी को राज्यों के बिजली मंत्रियों की बैठक बुलाई गई है जिसमें इलेक्ट्रिसिटी (अमेंडमेंट) बिल 2025 और बिजली वितरण कंपनियों के निजीकरण के मसौदे पर कई दूरगामी निर्णय लिए जाने वाले हैं ।
उन्होंने बताया कि इसके पहले एन डी ए सरकार 2014 से अब तक पांच बार इलेक्ट्रिसिटी (अमेंडमेंट) बिल ला चुकी है। सबसे पहले दिसंबर 2014 में इलेक्ट्रिसिटी (अमेंडमेंट) बिल 2014 लाया गया। इसके बाद इलेक्ट्रिसिटी (अमेंडमेंट) 2018, 2020, 2021 और 2022 अलग-अलग समय पर लाए गए। बिजली कर्मचारियों और किसानों के विरोध के चलते पांचो बार यह बिल पारित नहीं किया जा सका।
शैलेन्द्र दुबे ने बताया कि 12 जनवरी की मीटिंग केन्द्रीय विद्युत सचिव श्री पंकज अग्रवाल की अध्यक्षता में होगी। इस बैठक हेतु आल इंडिया पावर इंजीनियर्स फेडरेशन, नेशनल कोऑर्डिनेशन कमिटी आफ इलेक्ट्रिसिटी इंप्लाइज एंड इंजीनियर्स, इलेक्ट्रिसिटी इंप्लाइज फेडरेशन ऑफ इंडिया, ऑल इंडिया फेडरेशन ऑफ इलेक्ट्रिसिटी इंप्लाइज को मुख्यरूप से बुलाया गया है।
इसके अतिरिक्त इस बैठक में देश के अलग अलग प्रान्तों के लगभग 45 संगठनों को बुलाया गया है जिसमें उप्र राज्य विद्युत परिषद अभियंता संघ भी शामिल है। इसके साथ सभी प्रदेशों के बिजली इंजीनियरों और कर्मचारियों के संगठन वार्ता हेतु बुलाए गए हैं।
संघर्ष समिति के आह्वान पर निजीकरण के विरोध में चल रहे आंदोलन के आज 407 दिन पूरे होने पर बिजली कर्मियों ने प्रदेश भर में समस्त जनपदों और परियोजनाओं पर व्यापक विरोध प्रदर्शन जारी रखा।
इलेक्ट्रिसिटी (अमेंडमेंट) बिल पर केन्द्रीय विद्युत मंत्रालय की बिजली इंजीनियरों और बिजली कर्मचारियों के संगठनों से 12 जनवरी को दिल्ली में मीटिंग
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