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इलेक्ट्रिसिटी (अमेंडमेंट) बिल 2025 पर ऊर्जा मामलों की संसद की स्टैंडिंग कमेटी द्वारा प्रस्तावित नये ड्राफ्ट को सार्वजनिक किया जाय

लाइव सत्यकाम न्यूज,लखनऊ : ऑल इंडिया पावर इंजीनियर्स फेडरेशन ने चेतावनी दी है कि यदि पॉवर सेक्टर का निजीकरण करने के लिए जल्दबाजी में इलेक्ट्रिसिटी (अमेंडमेंट) बिल 2025 संसद में पारित कराने की कोई भी कोशिश हुई तो देशभर के तमाम बिजली इंजीनियर 27 लाख बिजली कर्मियों के साथ हड़ताल पर जाने को बाध्य होंगे।
ऑल इंडिया पावर इंजीनियर्स फेडरेशन के चेयरमैन शैलेन्द्र दुबे ने केंद्रीय विद्युत सचिव श्री पंकज अग्रवाल को पत्र भेज कर मांग की है कि इलेक्ट्रिसिटी (अमेंडमेंट) बिल 2025 पर स्टेक होल्डर्स से चर्चा करने के पहले संसद की ऊर्जा मामलों की स्टैंडिंग कमेटी द्वारा अमेंडमेंट बिल 2025 पर सुझाए गए नए ड्राफ्ट की प्रतिलिपि सभी स्टेक होल्डर्स को उपलब्ध कराई जाए।
फेडरेशन ने भेजे गए पत्र में स्टैंडिंग कमेटी के माननीय सदस्यों की सूची भी मांगी है। साथ ही यह भी मांग की है कि स्टैंडिंग कमेटी द्वारा सुझाए गए ड्राफ्ट पर कमेंट्स देने के लिए कम से कम 31 मार्च तक का समय दिया जाय।
शैलेन्द्र दुबे ने बताया कि यह जानकारी मिली है कि संसद की ऊर्जा मामलों की स्टैंडिंग कमेटी ने 09 अक्टूबर 2025 को विद्युत मंत्रालय द्वारा जारी किए गए इलेक्ट्रिसिटी (अमेंडमेंट) बिल 2025 पर अपनी टिप्पणी दी है और नया ड्राफ्ट प्रस्तावित किया है। उन्होंने बताया कि स्टैंडिंग कमेटी द्वारा सुझाए गए नए ड्राफ्ट पर केंद्रीय विद्युत मंत्री श्री मनोहर लाल खट्टर आगामी 22, 23 जनवरी को देश भर के सभी राज्यों के बिजली मंत्रियों के साथ बैठक कर रहे हैं।
उन्होंने बताया इस बैठक का मुख्य एजेंडा ही यही है कि स्टैंडिंग कमेटी द्वारा सुझाए गए ड्राफ्ट के अनुसार इलेक्ट्रिसिटी (अमेंडमेंट) बिल 2025 पर आम सहमति बनाई जाए। साथ ही बिजली के निजीकरण, फ्रेंचाइजी मॉडल तथा निजीकरण हेतु सशर्त वित्तीय पैकेज पर आम राय बनाई जाय जिससे इसे संसद के बजट सत्र में पारित किया जा सके।
उन्होंने कहा कि बिजली इंजीनियरों और बिजली कर्मचारियों को किसी भी शर्त पर पावर सेक्टर का निजीकरण स्वीकार्य नहीं है।
उन्होंने कहा कि यह अजीब बात है कि केंद्रीय विद्युत मंत्रालय स्टेक होल्डर्स से इलेक्ट्रिसिटी (अमेंडमेंट) बिल 2025 पर बात कर रहा है और राज्यों के विद्युत मंत्रियों से स्टैंडिंग कमेटी द्वारा सुझाए गए नए ड्राफ्ट पर बात कर रहा है। उन्होंने कहा स्टैंडिंग कमेटी द्वारा सुझाए गए ड्राफ्ट को सार्वजनिक क्यों नहीं किया जा रहा है ?
उन्होंने कहा की 12 जनवरी को केंद्रीय विद्युत सचिव से वार्ता के बाद नेशनल कोऑर्डिनेशन कमेटी ऑफ़ इलेक्ट्रिसिटी इंप्लाइज एंड इंजीनियर्स की कोर कमेटी निजीकरण और इलेक्ट्रिसिटी (अमेंडमेंट) बिल 2025 के विरोध में संघर्ष की रणनीति का खुलासा करेगी।
उत्तर प्रदेश में पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम और दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम के निजीकरण के विरोध में चल रहे लगातार आंदोलन के 410 पूरे दिन पूरे होने पर आज अवकाश के दिन बिजली कर्मचारियों ने उपभोक्ताओं, किसानों और बिजली कर्मियों के बीच व्यापक जनसंपर्क कर निजीकरण के विरोध में जन आंदोलन तैयार करने का काम किया।

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