लाइव सत्यकाम न्यूज, लखनऊ : नेशनल कोऑर्डिनेशन कमेटी ऑफ़ इलेक्ट्रिसिटी इंप्लाइज एंड इंजीनियर्स तथा संयुक्त किसान मोर्चा के राष्ट्रीय नेताओं के बीच बनी सहमति के बाद किसानों ने 26 नवम्बर को सारे देश में बिजली के निजीकरण, इलेक्ट्रिसिटी (अमेंडमेंट) बिल 2025 और प्रीपेड मीटर लगाए जाने के विरोध में व्यापक विरोध प्रदर्शन करने का ऐलान किया है। विद्युत कर्मचारी संयुक्त संगठन समिति, उत्तर प्रदेश के संयोजक शैलेन्द्र दुबे ने बताया राष्ट्रीय स्तर पर बिजली कर्मचारियों के फेडरेशन तथा संयुक्त किसान मोर्चा के नेताओं के बीच में बनी सहमति के बाद निजीकरण के विरोध में मिलकर व्यापक राष्ट्रव्यापी आंदोलन चलाने का निर्णय लिया गया है।
विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति, उत्तर प्रदेश के केंद्रीय पदाधिकारियों ने बताया कि 09 दिसंबर 2021 को केंद्र सरकार और संयुक्त किसान मोर्चा के बीच बनी सहमति के बाद केंद्र सरकार ने संयुक्त किसान मोर्चा को लिखित दिया था कि किसानों, उपभोक्ताओं और स्टेकहोल्डर्स को विश्वास में लिए बिना इलेक्ट्रिसिटी (अमेंडमेंट) बिल नहीं लाया जाएगा। इस वायदे का उल्लंघन करते हुए उप्र में बिजली का निजीकरण किया जा रहा है और केन्द्र सरकार एक बार पुनः इलेक्ट्रिसिटी (अमेंडमेंट) बिल 2025 लेकर आ गई है।
संघर्ष समिति ने कहा कि अत्यंत दुर्भाग्य का विषय है कि उत्तर प्रदेश सरकार पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम और दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम के अंतर्गत आने वाले 42 जनपदों का निजीकरण करने पर आमादा है जहां प्रदेश की सबसे गरीब जनता रहती है। उन्होंने कहा कि बिजली कर्मी किसानों और आम उपभोक्ताओं के साथ मिलकर निजीकरण का निर्णय रद्द कराने हेतु कृतसंकल्प हैं।
विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति, उत्तर प्रदेश के केंद्रीय पदाधिकारियों ने बताया कि संयुक्त किसान मोर्चा के बैनर तले उत्तर प्रदेश के सभी जनपद में 26 नवंबर को व्यापक विरोध प्रदर्शन किया जाएगा। विरोध प्रदर्शन की मुख्य मांग है – पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम और दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम के निजीकरण का निर्णय निरस्त किया जाय, इलेक्ट्रिसिटी (अमेंडमेंट) बिल 2025 वापस लिया जाय तथा किसानों और उपभोक्ताओं के घरों पर जबरदस्ती प्रीपेड स्मार्ट मीटर न लगाया जाय।
उन्होंने बताया कि राजधानी लखनऊ में संयुक्त किसान मोर्चा का विरोध प्रदर्शन 26 नवंबर को प्रातः 11:00 बजे परिवर्तन चौक पर होगा । इसमें बिजली कर्मी भी सम्मिलित होंगे।
संघर्ष समिति के आह्वान पर निजीकरण के विरोध में लगातार चल रहे आंदोलन के 357 वें दिन आज बिजली कर्मियों ने प्रदेश के समस्त जनपदों में व्यापक विरोध प्रदर्शन जारी रखा।
आज मुख्यतया वाराणसी, आगरा, मेरठ, कानपुर, गोरखपुर, मिर्जापुर, आजमगढ़, बस्ती, अलीगढ़, मथुरा, एटा, झांसी, बांदा, बरेली, देवीपाटन, अयोध्या, सुल्तानपुर, सहारनपुर, मुजफ्फरनगर, बुलंदशहर, नोएडा, गाजियाबाद, मुरादाबाद में बड़े प्रदर्शन किए गए।
निजीकरण के विरोध में किसानों और उपभोक्ताओं को साथ लेकर बड़े आंदोलन की तैयारी
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