लाइव सत्यकाम न्यूज, लखनऊ : विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति उत्तर प्रदेश के केंद्रीय पदाधिकारियों ने बताया कि राजधानी लखनऊ के बाद अब पूर्वांचल और दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम के अंतर्गत आने वाले शहरों और कस्बों में वर्टिकल रिस्ट्रक्चरिंग कर सैकड़ों की संख्या में बिजली कर्मियों के पदों को समाप्त करने का प्लान है। इसके साथ ही मनमाने ढंग से सभी मापदंडों को ताक पर रखकर पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम में हजारों की संख्या में संविदा कर्मचारियों की छटनी की जा रही है जिससे बिजली कर्मियों में भारी गुस्सा व्याप्त हो गया है।
बड़े पैमाने पर पदों को समाप्त करने और संविदा कर्मियों की छटनी के विरोध में आज वाराणसी और प्रयागराज में बिजली कर्मियों ने जोरदार प्रदर्शन कर अपना आक्रोश व्यक्त किया।
संघर्ष समिति ने बताया कि यह सब निजीकरण की तैयारी है जिससे निजीकरण के बाद निजी कंपनियों को तत्काल छटनी न करनी पड़े। इसीलिये बड़े पैमाने पर पदों को समाप्त किया जा रहा है और अत्यन्त अल्प वेतन भोगी संविदा कर्मियों को बिना किसी मापदंड के हटाया जा रहा है।
संघर्ष समिति ने बताया कि पॉवर कॉरपोरेशन के चेयरमैन डॉ आशीष गोयल ने कल वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में पूर्वांचल में भदोही, मिर्जापुर,फतेहपुर, आजमगढ़ और मऊ में रिस्ट्रक्चरिंग करने तथा दक्षिणांचल में मथुरा और वृन्दावन में रिस्ट्रक्चरिंग करने का आदेश दिया है। इसके साथ ही बड़े पैमाने पर संविदा कर्मियों को हटाया जा रहा है।
संघर्ष समिति ने कहा कि पॉवर कारपोरेशन प्रबन्धन निजीकरण हेतु इतना उतावला हो गया है कि बिना सोचे समझे विफल हो चुकी वर्टिकल रिस्ट्रक्चरिंग की व्यवस्था को एक एक कर पूरे प्रदेश में थोप रहा है जिसके दुष्परिणाम राजधानी लखनऊ में साफ दिख रहे हैं।
संघर्ष समिति ने चेतावनी दी है कि रिस्ट्रक्चरिंग के नाम पर नियमित पदों को समाप्त करने और बिना किसी मापदंड के 48% तक संविदा कर्मियों की छटनी करने की प्रक्रिया वापस न ली गई तो ऊर्जा निगमों में औद्योगिक शांति बिगाड़ने की सारी जिम्मेदारी पॉवर कारपोरेशन प्रबन्धन की होगी।
निजीकरण के विरोध में चल रहे आंदोलन के आज लगातार 379 वें दिन बिजली कर्मियों ने प्रदेश भर में समस्त जनपदों पर व्यापक विरोध प्रदर्शन जारी रखा।
हजारों संविदा कर्मियों की छटनी से बिजली कर्मियों का गुस्सा बढ़ा
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