Homeशिक्षा5 हज़ार विद्यार्थियों ने एक साथ गाया वंदे मातरम

5 हज़ार विद्यार्थियों ने एक साथ गाया वंदे मातरम

माँ भारती के जयघोष से गूँजा एस.आर. ग्रुप ऑफ इंस्टिट्यूशन्स का परिसर

लाइव सत्यकाम न्यूज, लखनऊ : अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद द्वारा आज लखनऊ के बक्शी तालाब स्थित एस.आर. ग्रुप ऑफ इंस्टिट्यूशन्स में राष्ट्र गौरव एवं भारतीय एकता के प्रतीक भारत के राष्ट्रीय गीत “वंदे मातरम्” की 150वीं वर्षगांठ के अवसर पर विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस अवसर पर बंकिमचंद्र चटर्जी द्वारा रचित इस अमर गीत को 5 हज़ार से अधिक विद्यार्थियों ने एक साथ गाते हुए माँ भारती को नमन किया। कार्यक्रम में एस.आर. ग्रुप ऑफ इंस्टिट्यूशन्स के वाइस चेयरमैन श्री पीयूष सिंह चौहान एवं अभाविप पूर्वी उत्तर प्रदेश क्षेत्र के क्षेत्रीय संगठन मंत्री श्री घनश्याम शाही की प्रमुख रूप से उपस्थिति रही।

अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ता राष्ट्र प्रथम के भाव के साथ शैक्षणिक एवं सामाजिक परिवेश में सक्रिय हैं। विद्यार्थी परिषद द्वारा देशभर में “वंदे मातरम्” की 150वीं वर्षगांठ मनाई जा रही है। अभाविप के आगामी राष्ट्रीय अधिवेशन के लोगो में भी तिरंगे रंगों का संयोजन इसी भावना का प्रतीक है। प्रांगण में विद्यार्थियों द्वारा किए गए इस सामूहिक गान से वातावरण मंत्रमुग्ध हो उठा। कार्यक्रम के दौरान भारतीय स्वतंत्रता संग्राम में इस गीत की ऐतिहासिक भूमिका पर भी प्रकाश डाला गया।

अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद, पूर्वी उत्तर प्रदेश क्षेत्र के क्षेत्रीय संगठन मंत्री श्री घनश्याम शाही ने कहा,”राष्ट्रीय एकात्मकता एवं गौरव का प्रतीक बंकिमचंद्र चटर्जी द्वारा रचित ‘वंदे मातरम्’ गीत हमें अपने उन्नयन काल से दिशा दिखाता आया है। आज विद्यार्थियों के इतने विशाल समूह द्वारा एक स्वर में इस गीत का गान इतिहास और वर्तमान दोनों में इसकी महत्ता को पुनः स्थापित करता है। इन विद्यार्थियों को देखकर विश्वास होता है कि भारत सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ रहा है, जिसमें राष्ट्रीयता का भाव रखने वाले इन युवाओं की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण होगी।”

एस.आर. ग्रुप ऑफ इंस्टिट्यूशन्स के वाइस चेयरमैन श्री पीयूष सिंह चौहान ने कहा,”आज का यह आयोजन केवल एक सांस्कृतिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि भारत की आत्मा से जुड़ने का अवसर है। जब हजारों विद्यार्थी एक स्वर में ‘वंदे मातरम्’ गाते हैं, तो यह भाव केवल गीत का नहीं, बल्कि एक सशक्त और एकजुट भारत के संकल्प का प्रतीक बन जाता है। ऐसे आयोजनों से विद्यार्थियों में राष्ट्रभक्ति, अनुशासन और सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना सशक्त होती है।”

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