पश्चिम एशिया में चल रहे ईरान युद्ध का असर अब भारत में भी दिखाई देने लगा है। वैश्विक तेल कीमतों में उछाल के कारण विमानन टरबाइन ईंधन (ATF) की कीमतों में भारी बढ़ोतरी दर्ज की गई है। इसके साथ ही व्यावसायिक एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में भी इजाफा हुआ है, जिससे होटल, रेस्टोरेंट और छोटे कारोबारियों पर सीधा असर पड़ा है।
बताया जा रहा है कि एटीएफ की कीमत दो लाख रुपये प्रति किलोलीटर के स्तर को पार कर गई है, जो अब तक का रिकॉर्ड स्तर माना जा रहा है। विमानन कंपनियों की कुल परिचालन लागत में ईंधन की हिस्सेदारी लगभग 40 प्रतिशत होती है, ऐसे में ईंधन महंगा होने से हवाई किराए बढ़ने की संभावना भी बढ़ गई है।
दरअसल पश्चिम एशिया में तनाव और होर्मुज जलडमरूमध्य में संकट के कारण कई हवाई मार्ग प्रभावित हुए हैं। विमानों को लंबे रूट से उड़ान भरनी पड़ रही है, जिससे ईंधन की खपत बढ़ रही है और लागत भी बढ़ रही है।
इस बीच 19 किलोग्राम वाले व्यावसायिक एलपीजी सिलेंडर की कीमत में करीब 195 रुपये की बढ़ोतरी की गई है। दिल्ली में अब इसकी कीमत 2,078 रुपये से ज्यादा हो गई है। हालांकि घरेलू गैस सिलेंडर की कीमतों में फिलहाल कोई बदलाव नहीं किया गया है, जिससे आम घरेलू उपभोक्ताओं को कुछ राहत मिली है।
सरकार के अनुसार अंतरराष्ट्रीय हालात को देखते हुए एटीएफ की कीमतों में और ज्यादा बढ़ोतरी हो सकती थी, लेकिन घरेलू यात्रियों को राहत देने के लिए बढ़ोतरी को सीमित रखा गया है। इसके बावजूद आने वाले समय में हवाई यात्रा, होटल और खाने-पीने की चीजें महंगी हो सकती हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि अगर पश्चिम एशिया में तनाव और बढ़ता है, तो इसका सीधा असर भारत की अर्थव्यवस्था, महंगाई और आम लोगों के खर्च पर पड़ेगा।
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