तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने बुधवार को नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात कर राज्य से जुड़े कई अहम मुद्दों पर चर्चा की। मुख्यमंत्री बनने के बाद विजय की यह पहली आधिकारिक दिल्ली यात्रा मानी जा रही है, जिस पर राजनीतिक और प्रशासनिक दोनों स्तरों पर खास नजर रखी जा रही है।
सूत्रों के अनुसार, इस मुलाकात के दौरान तमिलनाडु सरकार की ओर से केंद्र के सामने कई महत्वपूर्ण मांगें रखी गईं। इनमें राज्य की कल्याणकारी योजनाओं के लिए वित्तीय सहायता, अधोसंरचना विकास परियोजनाओं को मंजूरी, मेकेदातु जल विवाद और पीएम श्री योजना के क्रियान्वयन जैसे मुद्दे प्रमुख रहे।
बताया जा रहा है कि मुख्यमंत्री विजय ने प्रधानमंत्री मोदी को एक विस्तृत ज्ञापन भी सौंपा, जिसमें तमिलनाडु की विकास परियोजनाओं के लिए अतिरिक्त फंड और केंद्र से सहयोग की मांग की गई। राज्य सरकार चाहती है कि सड़क, परिवहन, शिक्षा और जल प्रबंधन से जुड़ी परियोजनाओं को जल्द मंजूरी मिले ताकि विकास कार्यों में तेजी लाई जा सके।
इस दौरान तमिलनाडु के कई वरिष्ठ मंत्री भी मुख्यमंत्री विजय के साथ मौजूद रहे। इनमें मंत्री आदव अर्जुन समेत सरकार के कई अहम चेहरे शामिल थे। हालांकि सरकार की ओर से पूरी यात्रा का विस्तृत कार्यक्रम सार्वजनिक नहीं किया गया है, लेकिन सूत्रों का कहना है कि विजय राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और अन्य केंद्रीय मंत्रियों से भी मुलाकात करेंगे।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के साथ बैठक में राज्य के लिए विशेष वित्तीय पैकेज और लंबित परियोजनाओं के लिए धनराशि जारी करने पर चर्चा होने की संभावना जताई जा रही है। तमिलनाडु सरकार विशेष रूप से उन परियोजनाओं को प्राथमिकता दे रही है जो रोजगार और औद्योगिक विकास को बढ़ावा दे सकती हैं।
राजनीतिक रूप से भी विजय की यह दिल्ली यात्रा काफी अहम मानी जा रही है। हाल ही में हुए तमिलनाडु विधानसभा चुनावों में तमिलगा वेट्री कज़गम यानी TVK की जीत के बाद विजय ने 10 मई को मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी। चुनावों में कांग्रेस के साथ गठबंधन के चलते अब उनके कांग्रेस नेतृत्व से रिश्तों पर भी नजर बनी हुई है।
सूत्रों के मुताबिक, विजय कांग्रेस नेता सोनिया गांधी और राहुल गांधी से भी मुलाकात कर सकते हैं। माना जा रहा है कि इन बैठकों में भविष्य की राजनीतिक रणनीति और केंद्र-राज्य संबंधों पर चर्चा हो सकती है।
विशेषज्ञों का मानना है कि मुख्यमंत्री विजय की यह यात्रा सिर्फ प्रशासनिक नहीं बल्कि राजनीतिक दृष्टि से भी बेहद महत्वपूर्ण है। एक तरफ वे केंद्र सरकार से तमिलनाडु के लिए अधिक सहयोग चाहते हैं, वहीं दूसरी ओर राष्ट्रीय राजनीति में अपनी सक्रिय मौजूदगी दर्ज कराने की कोशिश भी कर रहे हैं।
मेकेदातु परियोजना को लेकर कर्नाटक और तमिलनाडु के बीच लंबे समय से विवाद चल रहा है। ऐसे में इस मुद्दे को प्रधानमंत्री के सामने उठाना भी राजनीतिक रूप से अहम माना जा रहा है। इसके अलावा पीएम श्री योजना को लेकर राज्य सरकार की रणनीति पर भी चर्चा हुई है।
अब सभी की नजर इस बात पर टिकी है कि केंद्र सरकार तमिलनाडु की मांगों पर क्या रुख अपनाती है और विजय की दिल्ली यात्रा का राज्य की राजनीति और विकास योजनाओं पर कितना असर पड़ता है।
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