NEET UG 2026 पेपर लीक विवाद को लेकर केंद्र सरकार अब पूरी तरह एक्शन मोड में नजर आ रही है। गुरुवार को केंद्रीय रक्षा मंत्री Rajnath Singh के आवास पर इस मुद्दे को लेकर एक हाई-लेवल बैठक आयोजित की गई। करीब 40 मिनट तक चली इस बैठक में शिक्षा व्यवस्था की विश्वसनीयता बहाल करने और परीक्षा में धांधली रोकने को लेकर अहम चर्चा हुई।
बैठक में केंद्रीय शिक्षा मंत्री Dharmendra Pradhan, केंद्रीय मंत्री Jyotiraditya Scindia, राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी यानी NTA के महानिदेशक अभिषेक सिंह और प्रधानमंत्री कार्यालय यानी PMO के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
सूत्रों के मुताबिक, बैठक का मुख्य उद्देश्य छात्रों और अभिभावकों के बीच NEET परीक्षा को लेकर पैदा हुए अविश्वास को दूर करना था। साथ ही पेपर लीक और परीक्षा में अनुचित साधनों का इस्तेमाल करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई पर भी मंथन किया गया।
इस बीच शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने CBSE की ऑन-स्क्रीन मार्किंग यानी OSM मूल्यांकन प्रक्रिया में आई तकनीकी गड़बड़ियों को लेकर जिम्मेदारी स्वीकार की। उन्होंने कहा कि यदि जांच में किसी भी तरह की जानबूझकर की गई अनियमितता सामने आती है, तो दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
धर्मेंद्र प्रधान ने बताया कि CBSE ने पहली बार लगभग 40 करोड़ पन्नों की उत्तर पुस्तिकाओं को OSM तकनीक के जरिए स्कैन किया है। उन्होंने इस प्रणाली को विश्व स्तर पर मान्यता प्राप्त और छात्र हित में बताया। साथ ही उन्होंने कहा कि छात्रों को भुगतान और तकनीकी समस्याओं से राहत दिलाने के लिए बोर्ड लगातार काम कर रहा है।
गौरतलब है कि पेपर लीक की खबरों के बाद राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी यानी NTA ने 3 मई को आयोजित NEET UG 2026 परीक्षा को रद्द कर दिया था। अब यह परीक्षा दोबारा 21 जून 2026 को आयोजित की जाएगी।
सरकार का कहना है कि परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता और निष्पक्षता बनाए रखना उसकी सबसे बड़ी प्राथमिकता है। वहीं लाखों छात्रों और अभिभावकों की नजर अब आगामी पुनर्परीक्षा और जांच एजेंसियों की कार्रवाई पर टिकी हुई है।
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