लाइव सत्यकाम न्यूज, लखनऊ : उत्तर प्रदेश पावर कार्पोरेशन प्रबंधन द्वारा 15 मई 2017 को 33/11 के वी विद्युत उपकेन्द्रो के परिचालक व अनुरक्षण कार्य हेतु ,ग्रामीण विद्युत उपकेंद्रों पर 20 आउटसोर्स कर्मचारियों को तथा शहरी विद्युत उपकेंद्रों पर 36 आउटसोर्स कर्मचारियों को तैनात करने का आदेश निर्गत किया गया था। किन्तु पावर कार्पोरेशन प्रबंधन द्वारा अपने स्वयं के आदेश का उल्लंघन कर लगभग 25000 आउटसोर्स कर्मचारियों को कार्य से हटा दिया गया है।
संगठन द्वारा विरोध के बाद पावर कार्पोरेशन प्रबंधन द्वारा 33/11 के वी विद्युत उपकेन्द्रो के अनुरक्षण व परिचालक कार्य हेतु कर्मचारियों को तैनात करने के लिए मानक निर्धारित करने हेतु 23 मई 2025 को मानक समिति का गठन किया गया तथा 4 सितंबर 2025 को अध्यक्ष पावर कार्पोरेशन प्रबंधन द्वारा 15 दिन के अंदर मानक समिति का रिपोर्ट उपलब्ध कराने के लिए संगठन पदाधिकारियों को आस्वस्त किया गया, इसके बावजूद भी ना तो हटाए गए कर्मचारियों को कार्य पर वापस लिया गया और ना ही मानक समिति की रिपोर्ट उपलब्ध कराई गई।
पावर कार्पोरेशन प्रबंधन द्वारा श्रम कानूनों का उल्लंघन करते हुए 55 वर्ष का हवाला देकर अनुभवी कर्मचारियों को कार्य से हटा दिया गया है जिससे जहां एक तरफ बिजली संकट उत्पन्न हो गया है वहीं हटाए गए कर्मचारियों सामने आर्थिक संकट उत्पन्न हो गया है।
पावर कार्पोरेशन प्रबंधन द्वारा दिनांक 14-9-2025 को आउटसोर्सिंग के माध्यम से कार्य कर रहे कर्मचारियों का कार्य के अनुरूप अनुबंध करने, वेतन रुपया 18000 निर्धारित करने, मार्च 2023 में हटाए गए कर्मचारियों को कार्य पर वापस लेने, घायल कर्मचारी का कैशलेस इलाज कराने, तथा घायल कर्मचारी द्वारा उपचार में व्यय की गई धनराशि को संविदाकारों के बिल से काटकर भुगतान करने का आदेश निर्गत किया गया था जिसका पालन नहीं किया जा रहा है।
पावर कार्पोरेशन प्रबंधन द्वारा आउटसोर्सिंग के माध्यम से कार्य कर रहे कर्मचारियों के ई पी एफ में हुए घोटाले में जांच अधिकारियों द्वारा दी गई जांच रिपोर्ट के आधार कार्यवाही नहीं किया जा रहा है। बल्कि ई पी एफ घोटाला करने वाले ठेकेदारों को एक जिले के बाद दूसरे जिले में ठेका दिया जा रहा है।
पावर कार्पोरेशन प्रबंधन द्वारा लखनऊ सहित अन्य जनपदों में वर्टिकल व्यवस्था लागू किया जा रहा है जिससे न केवल बिजली आउटसोर्स कर्मचारियों के ऊपर इसका बुरा प्रभाव पड़ेगा बल्कि उपभोक्ताओं को भी बिजली संकट का सामना करना पड़ेगा तथा विभाग पर अधिक आर्थिक भार पड़ेगा जिससे आम जनमानस में विभाग और बिजली कर्मियों की छवि धूमिल होगी जिसका लाभ कहीं ना कहीं पावर कॉरपोरेशन प्रबंधन उठाना चाह रहा है।
मध्यांचल प्रबंधन द्वारा मध्यांचल के अंतर्गत आने वाले 19 जनपदों में निर्धारित समय से अधिक समय तक कार्य करने के बावजूद भी बिजली के आउटसोर्स कर्मचारियों का अक्टूबर 2025 के वेतन में मनमानी तरीके से कटौती कर लिया गया है जिस पर मध्यांचल प्रबंधन द्वारा कटे वेतन का भुगतान करने का आश्वासन दिया गया।।
उत्तर प्रदेश पावर कॉरपोरेशन निविदा/संविदा कर्मचारी संघ लखनऊ द्वारा प्रदेश के भिन्न-भिन्न जिला मुख्यालयों पर पावर कार्पोरेशन प्रबन्धन का ध्यान आउटसोर्स कर्मचारियों कि उक्त समस्याओं के तरफ आकृष्ट करने हेतु ध्यानाकर्षण कार्यक्रम किया गया।
संगठन द्वारा लखनऊ जनपद में MD मध्यांचल गोखले मार्ग लखनऊ कार्यालय पर ध्यानाकर्षण विरोध प्रदर्शन करते हुए यह कहा गया कि यदि 26 नवंबर 2025 से पहले उक्त समस्याओं का समाधान नहीं किया जाता तो संगठन द्वारा 26 नवंबर 2025 को शक्ति भवन लखनऊ पर विशाल प्रदर्शन किया जाएगा।


