भारतीय महिला हॉकी टीम ने अंडर-18 हॉकी एशिया कप में शानदार प्रदर्शन करते हुए कांस्य पदक अपने नाम कर लिया है। तीसरे स्थान के मुकाबले में भारत ने दक्षिण कोरिया को 3-0 से हराकर टूर्नामेंट का शानदार अंत किया।
सेमीफाइनल में चीन के खिलाफ बेहद करीबी मुकाबले में हार झेलने के बाद भारतीय टीम ने जोरदार वापसी की और कांस्य पदक मैच में शुरुआत से ही अपना दबदबा बनाए रखा।
मैच के दूसरे ही मिनट में भारत को पहली सफलता मिली। संदीप कुमारी ने बेहतरीन फिनिश के साथ गेंद को गोलपोस्ट में पहुंचाया और टीम इंडिया को 1-0 की बढ़त दिला दी। शुरुआती बढ़त मिलने के बाद भारतीय खिलाड़ियों का आत्मविश्वास और बढ़ गया।
भारत ने पूरे मैच के दौरान गेंद पर शानदार नियंत्रण बनाए रखा और लगातार कोरियाई रक्षा पंक्ति पर दबाव बनाकर रखा। इसका फायदा टीम को दूसरे क्वार्टर में मिला जब कप्तान स्वीटी कुजूर ने 16वें मिनट में शानदार मैदानी गोल दागकर भारत की बढ़त 2-0 कर दी।
पहले हाफ की समाप्ति तक भारतीय टीम पूरी तरह मैच पर हावी नजर आई और कोरिया को वापसी का कोई मौका नहीं दिया।
तीसरे क्वार्टर की शुरुआत में भारत ने एक और शानदार गोल दागकर मुकाबले को लगभग अपने नाम कर लिया। 33वें मिनट में टूर्नामेंट की शीर्ष स्कोरर नौशीन नाज ने शानदार फील्ड गोल करते हुए भारत की बढ़त 3-0 कर दी।
इस गोल के साथ नौशीन नाज ने पूरे टूर्नामेंट में अपने कुल गोलों की संख्या 12 तक पहुंचा दी और एक बार फिर अपनी शानदार फॉर्म का परिचय दिया।
भारतीय टीम की मजबूत डिफेंस लाइन ने भी बेहतरीन प्रदर्शन किया। पूरे मुकाबले में कोरिया की टीम कोई गोल नहीं कर सकी और भारतीय गोलकीपर व डिफेंडर्स ने क्लीन शीट बरकरार रखी।
मैच में शानदार प्रदर्शन और शुरुआती गोल करने के लिए संदीप कुमारी को ‘प्लेयर ऑफ द मैच’ चुना गया। उनकी तेज शुरुआत ने भारत की जीत की नींव रखी।
इस जीत के साथ भारतीय महिला टीम ने न केवल कांस्य पदक जीता बल्कि पूरे टूर्नामेंट में अपनी प्रतिभा और जुझारूपन का शानदार प्रदर्शन भी किया। युवा खिलाड़ियों ने साबित कर दिया कि भारतीय महिला हॉकी का भविष्य बेहद उज्ज्वल है।
पूरे देश को इन बेटियों की इस उपलब्धि पर गर्व है। कांस्य पदक जीतकर उन्होंने भारत का नाम अंतरराष्ट्रीय मंच पर रोशन किया है।
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