केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री Jagat Prakash Nadda ने हिमाचल प्रदेश की कांग्रेस सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए आरोप लगाया है कि केंद्र सरकार से मिलने वाली भारी वित्तीय सहायता के बावजूद राज्य में विकास कार्य अपेक्षित गति से नहीं हो पा रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रशासनिक अक्षमता और दूरदर्शिता की कमी के कारण कई महत्वपूर्ण परियोजनाएं अधूरी पड़ी हैं।
शुक्रवार को शिमला में आयोजित एक प्रेस वार्ता के दौरान नड्डा ने कहा कि Narendra Modi के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार ने हिमाचल प्रदेश को हर संभव आर्थिक और प्रशासनिक सहयोग दिया है। इसके बावजूद राज्य सरकार उपलब्ध संसाधनों का प्रभावी उपयोग करने में सफल नहीं रही।
नड्डा ने कहा कि पिछले तीन लोकसभा चुनावों में हिमाचल प्रदेश की जनता ने भाजपा को सभी चार सीटों पर जीत दिलाकर विकास की राजनीति पर अपना विश्वास जताया है। उन्होंने हाल ही में हुए स्थानीय निकाय और पंचायत चुनावों का उल्लेख करते हुए दावा किया कि इन चुनाव परिणामों में कांग्रेस सरकार के प्रति जनता की नाराजगी साफ दिखाई देती है।
केंद्रीय मंत्री ने बताया कि केंद्र सरकार ने विभिन्न योजनाओं के तहत हिमाचल प्रदेश को बड़ी वित्तीय सहायता प्रदान की है। इसमें विशेष सहायता योजना के तहत 2,381 करोड़ रुपये, राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया कोष (NDRF) से 2,006 करोड़ रुपये तथा वर्ष 2024-25 के दौरान बाहरी सहायता प्राप्त परियोजनाओं के लिए 2,150 करोड़ रुपये शामिल हैं।
उन्होंने कहा कि राज्य में 40 हजार करोड़ रुपये से अधिक की लागत वाले राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं पर कार्य चल रहा है। इसके अलावा रेलवे क्षेत्र में भी 2,911 करोड़ रुपये की रिकॉर्ड धनराशि से विभिन्न परियोजनाएं संचालित की जा रही हैं।
स्वास्थ्य क्षेत्र का जिक्र करते हुए नड्डा ने राज्य सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री आयुष्मान भारत स्वास्थ्य अवसंरचना मिशन (PM-ABHIM) के तहत स्वीकृत 15 क्रिटिकल केयर ब्लॉक में से केवल एक ही पूरा हो सका है। इसी तरह 12 एकीकृत सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रयोगशालाओं में से सिर्फ एक ही संचालित हो रही है।
उन्होंने यह भी दावा किया कि स्वीकृत 73 ब्लॉक पब्लिक हेल्थ यूनिट्स में से एक भी परियोजना पूरी नहीं हो सकी है। नड्डा के अनुसार यह स्थिति दर्शाती है कि राज्य सरकार स्वास्थ्य सेवाओं के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने में अपेक्षित गंभीरता नहीं दिखा रही है।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार राज्य के विकास के लिए लगातार संसाधन उपलब्ध करा रही है, लेकिन इन योजनाओं को धरातल पर उतारने की जिम्मेदारी राज्य सरकार की होती है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस सरकार की कार्यशैली के कारण कई महत्वपूर्ण विकास परियोजनाएं निर्धारित समय सीमा में पूरी नहीं हो पा रही हैं।
हालांकि कांग्रेस सरकार की ओर से इन आरोपों पर तत्काल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि आगामी चुनावों को देखते हुए राज्य में भाजपा और कांग्रेस के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर और तेज हो सकता है।
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