इंग्लैंड दौरे पर भारतीय टीम को चौथे टी20 मुकाबले में हार का सामना करना पड़ा। इस हार के साथ मेजबान टीम ने पांच मैचों की टी20 सीरीज में 3-0 की अजेय बढ़त हासिल कर ली। मुकाबले के बाद भारतीय कप्तान Shreyas Iyer ने टीम के प्रदर्शन पर निराशा जताई और कहा कि गेंदबाज मैच के दौरान तय रणनीति पर अमल नहीं कर सके।
ब्रिस्टल में खेले गए मुकाबले में भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए निर्धारित 20 ओवर में 7 विकेट के नुकसान पर 158 रन बनाए। भारतीय पारी की सबसे बड़ी खासियत कप्तान श्रेयस अय्यर की शानदार बल्लेबाजी रही। उन्होंने 49 गेंदों में नाबाद 80 रन बनाए और टीम को सम्मानजनक स्कोर तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई। हालांकि दूसरे छोर से बल्लेबाज बड़ी साझेदारी नहीं कर सके, जिसके कारण भारत बड़ा स्कोर खड़ा करने से चूक गया।
159 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी इंग्लैंड की टीम ने आक्रामक बल्लेबाजी का प्रदर्शन किया और सिर्फ 13.5 ओवर में एक विकेट खोकर मैच अपने नाम कर लिया। इंग्लैंड के बल्लेबाजों ने शुरुआत से ही भारतीय गेंदबाजों पर दबाव बनाए रखा और लक्ष्य को बेहद आसानी से हासिल कर लिया।
मैच के बाद कप्तान श्रेयस अय्यर ने कहा कि इस विकेट पर 158 रन चुनौतीपूर्ण स्कोर नहीं था। उनके मुताबिक टीम को कम से कम 180 रन के आसपास पहुंचना चाहिए था ताकि गेंदबाजों को मुकाबले में वापसी का मौका मिलता।
अय्यर ने गेंदबाजी प्रदर्शन पर भी खुलकर अपनी राय रखी। उन्होंने कहा कि गेंदबाजों को मध्य और लेग स्टंप की लाइन पर लगातार गेंदबाजी करने की योजना दी गई थी, लेकिन खिलाड़ी उस रणनीति पर टिक नहीं सके। उन्होंने कहा कि कई ढीली गेंदें फेंकी गईं, जिनका इंग्लैंड के बल्लेबाजों ने पूरा फायदा उठाया और तेजी से रन बनाए।
भारत की ओर से शुरुआत में अर्शदीप सिंह ने जोस बटलर का विकेट लेकर अच्छी शुरुआत दिलाई, लेकिन इसके बाद इंग्लैंड के बल्लेबाजों ने मैच पर पूरी तरह नियंत्रण बना लिया। हैरी ब्रूक और फिल साल्ट ने तेज बल्लेबाजी करते हुए भारतीय गेंदबाजी आक्रमण को कोई मौका नहीं दिया। वॉशिंगटन सुंदर, अक्षर पटेल, शिवम दुबे, प्रिंस यादव और प्रसिद्ध कृष्णा महंगे साबित हुए, जिससे इंग्लैंड की जीत आसान हो गई।
अपनी व्यक्तिगत पारी पर कप्तान अय्यर ने कहा कि अर्धशतक बनाना अच्छा लगा, लेकिन यदि टीम मैच नहीं जीतती तो व्यक्तिगत उपलब्धि का महत्व कम हो जाता है। उन्होंने कहा कि उनका लक्ष्य हमेशा टीम को जीत दिलाना होता है और इस मुकाबले में ऐसा नहीं हो सका।
कप्तान ने यह भी कहा कि भारतीय टीम इस समय बदलाव के दौर से गुजर रही है और कई युवा खिलाड़ी पहली बार विदेशी परिस्थितियों में खेल रहे हैं। उनके अनुसार ऐसे अनुभव भविष्य में खिलाड़ियों को और बेहतर बनाएंगे। उन्होंने भरोसा जताया कि टीम अपनी गलतियों से सीखकर आगामी मुकाबलों में अधिक मजबूत प्रदर्शन करेगी।
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