लखनऊ: समाजवादी पार्टी की मैनपुरी से सांसद डिम्पल यादव ने गुरुवार को संसद परिसर में मीडिया से बातचीत के दौरान केंद्र और उत्तर प्रदेश की भाजपा सरकार पर कई गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक अधिकारों पर अंकुश लगाने की कोशिश की जा रही है और विपक्षी दलों के कार्यक्रमों को रोकना लोकतंत्र की मूल भावना के खिलाफ है।
डिम्पल यादव ने कहा कि लोकतंत्र में किसी भी राजनीतिक दल को सभा, रैली, बैठक या अन्य कार्यक्रम आयोजित करने का संवैधानिक अधिकार प्राप्त है। उनका आरोप था कि उत्तर प्रदेश में समाजवादी चिंतक जनेश्वर मिश्र की जयंती के अवसर पर लखनऊ के गोमतीनगर स्थित जनेश्वर मिश्र पार्क में कार्यक्रम आयोजित करने की अनुमति नहीं दी गई, जिससे लोगों को अपने नेता और उनके विचारों को श्रद्धांजलि देने का अवसर नहीं मिल सका। उन्होंने इसे लोकतांत्रिक अधिकारों के हनन और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर हमला बताया।
उन्होंने कहा कि यदि किसी लोकतांत्रिक व्यवस्था में शांतिपूर्ण कार्यक्रमों और सभाओं को रोका जाता है, तो यह लोकतंत्र के लिए चिंता का विषय है। सरकार को सभी राजनीतिक दलों के प्रति समान व्यवहार अपनाना चाहिए और लोकतांत्रिक अधिकारों का सम्मान करना चाहिए।
शिक्षा व्यवस्था और पेपर लीक पर भी साधा निशाना
सपा सांसद ने शिक्षा व्यवस्था को लेकर भी भाजपा सरकार की आलोचना की। उन्होंने आरोप लगाया कि उत्तर प्रदेश में स्कूलों के विलय (मर्जर) और अन्य प्रशासनिक कारणों का हवाला देकर बड़ी संख्या में प्राथमिक विद्यालय बंद किए जा रहे हैं, जिससे गरीब और ग्रामीण क्षेत्रों के बच्चों की शिक्षा प्रभावित हो रही है।
उन्होंने यह भी कहा कि प्रदेश में वर्षों से प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक की घटनाएं सामने आती रही हैं, जिससे लाखों युवाओं के भविष्य पर प्रतिकूल असर पड़ा है। उनके अनुसार सरकार को युवाओं के हितों की रक्षा के लिए पारदर्शी और प्रभावी व्यवस्था सुनिश्चित करनी चाहिए।
छात्रों पर कार्रवाई और सदन में चर्चा की मांग
डिम्पल यादव ने कहा कि विपक्ष चाहता है कि हाल में छात्रों के साथ हुई कथित घटनाओं और उन पर हुई कार्रवाई के संबंध में केंद्रीय गृह मंत्री सदन में आकर जवाब दें। उनका कहना था कि छात्रों और युवाओं से जुड़े मुद्दों पर सरकार को स्पष्ट जवाब देना चाहिए और पूरे मामले पर संसद में विस्तृत चर्चा होनी चाहिए।
राम मंदिर चढ़ावा मामले पर भी उठाए सवाल
सपा सांसद ने अयोध्या स्थित श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में चढ़ावे से जुड़े कथित अनियमितताओं के मुद्दे का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि यह करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़ा विषय है और यदि किसी प्रकार की वित्तीय अनियमितता या भ्रष्टाचार के आरोप सामने आते हैं, तो उनकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए तथा पूरे मामले पर संसद में चर्चा कर सच्चाई जनता के सामने लाई जानी चाहिए।
भाजपा सरकार पर लोकतांत्रिक संस्थाओं के सम्मान की अपील
अपने संबोधन के अंत में डिम्पल यादव ने कहा कि लोकतंत्र में असहमति, संवाद और विपक्ष की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण होती है। उन्होंने सरकार से लोकतांत्रिक परंपराओं, संवैधानिक अधिकारों और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का सम्मान करने की अपील की।
नोट: यह समाचार डिम्पल यादव द्वारा मीडिया के समक्ष दिए गए बयानों पर आधारित है। संबंधित आरोपों पर भाजपा या सरकार की आधिकारिक प्रतिक्रिया प्राप्त होने पर समाचार को अद्यतन किया जा सकता है।
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