भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) ने फॉर्च्यून (Fortune) ब्रांड के तहत बेचे जा रहे फोर्टिफाइड सूरजमुखी तेल के एक नमूने में निर्धारित मानकों का पालन न होने पर AWL Agri Business Limited के खिलाफ कार्रवाई की है। नियामक ने कंपनी पर जुर्माना लगाया है, क्योंकि प्रयोगशाला जांच में उत्पाद में विटामिन-डी का स्तर निर्धारित मानक से काफी कम पाया गया। यह मामला खाद्य सुरक्षा और फोर्टिफाइड खाद्य उत्पादों की गुणवत्ता को लेकर गंभीर सवाल खड़े करता है। जानकारी के अनुसार, यह कार्रवाई गोवा से लिए गए सूरजमुखी तेल के नमूने की जांच रिपोर्ट के आधार पर की गई। लैब परीक्षण में पाया गया कि उत्पाद में मौजूद विटामिन-डी की मात्रा एफएसएसएआई द्वारा तय न्यूनतम मानकों के अनुरूप नहीं थी। इसके बाद नियामक ने इसे खाद्य सुरक्षा एवं गुणवत्ता मानकों का उल्लंघन मानते हुए कंपनी के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई की। AWL Agri Business Limited, जो Fortune ब्रांड के तहत खाद्य तेलों का विपणन करती है, देश की प्रमुख खाद्य तेल कंपनियों में शामिल है। फोर्टिफाइड खाद्य उत्पादों में विटामिन और खनिजों की निर्धारित मात्रा बनाए रखना अनिवार्य होता है, ताकि उपभोक्ताओं को आवश्यक पोषण मिल सके। विशेषज्ञों का कहना है कि फोर्टिफाइड उत्पाद खरीदते समय उपभोक्ता लेबल पर दी गई पोषण संबंधी जानकारी पर भरोसा करते हैं, इसलिए ऐसे मामलों में गुणवत्ता मानकों का पालन बेहद महत्वपूर्ण है। एफएसएसएआई समय-समय पर विभिन्न राज्यों से खाद्य उत्पादों के नमूने लेकर उनकी जांच करता है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि बाजार में बिक रहे उत्पाद तय मानकों के अनुरूप हों। इस मामले ने एक बार फिर खाद्य उत्पादों की गुणवत्ता, लेबल पर दिए गए दावों और नियामकीय निगरानी की अहमियत को उजागर किया है। उपभोक्ताओं को सलाह दी जाती है कि वे हमेशा प्रमाणित और विश्वसनीय स्रोतों से खाद्य उत्पाद खरीदें तथा किसी भी गुणवत्ता संबंधी शिकायत की जानकारी संबंधित अधिकारियों को दें।
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