लखनऊ। उत्तर प्रदेश में मानसून की भारी बारिश और बाढ़ ने कई जिलों में चिंता बढ़ा दी है। प्रदेश के 12 जिलों के 166 गांव बाढ़ से प्रभावित हैं, जबकि करीब 64,402 लोग बाढ़ की चपेट में बताए जा रहे हैं। लगातार बारिश के कारण शारदा और घाघरा नदियों का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर पहुंच गया है। मौसम विभाग ने उत्तर प्रदेश के 55 जिलों में भारी से अति भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। बारिश का सिलसिला 20 अगस्त तक जारी रहने का अनुमान है।
बाढ़ की स्थिति को देखते हुए उत्तर प्रदेश सरकार और जिला प्रशासन ने राहत एवं बचाव अभियान तेज कर दिया है। प्रभावित क्षेत्रों में एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और पीएसी की टीमें तैनात हैं। प्रशासन ने बाढ़ चौकियों, शरणालयों, नावों, मोटरबोट, मेडिकल टीमों और एंबुलेंस की व्यवस्था बढ़ा दी है।
उत्तर प्रदेश में बाढ़ से 64 हजार से अधिक लोग प्रभावित
प्रदेश में मानसून के दोबारा सक्रिय होने के बाद हुई लगातार बारिश का असर अब बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में साफ दिखाई दे रहा है। प्रशासन के अनुसार 12 जिलों के 166 गांव बाढ़ से प्रभावित हैं और करीब 64,402 लोग बाढ़ की स्थिति से प्रभावित हुए हैं।
बारिश और बाढ़ के कारण अब तक 69 मकानों के क्षतिग्रस्त होने की सूचना है। हालांकि, प्रशासन के अनुसार अभी तक बाढ़ से किसी जनहानि या पशुहानि की सूचना नहीं है।
शारदा और घाघरा नदी खतरे के निशान से ऊपर
बाढ़ की स्थिति में सबसे अधिक चिंता शारदा और घाघरा नदी के बढ़ते जलस्तर को लेकर है। लखीमपुर खीरी के पलियाकलां में शारदा नदी और बाराबंकी के एल्गिनब्रिज के पास घाघरा नदी खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं।
दोनों नदियों के जलस्तर पर प्रशासन लगातार निगरानी कर रहा है। नदी किनारे बसे गांवों और निचले इलाकों में विशेष सतर्कता बरती जा रही है। जलस्तर में संभावित वृद्धि को देखते हुए राहत एवं बचाव दलों को तैयार रखा गया है।
NDRF, SDRF और PAC की 86 टीमें तैनात
उत्तर प्रदेश के बाढ़ प्रभावित इलाकों में राहत एवं बचाव कार्य के लिए एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और पीएसी की 86 टीमें तैनात की गई हैं। प्रशासन ने संभावित आपात स्थिति से निपटने के लिए प्रदेश में 1,586 बाढ़ चौकियां स्थापित की हैं।
इसके अलावा बाढ़ प्रभावित और संवेदनशील इलाकों में लोगों को सुरक्षित रखने के लिए 1,263 शरणालय तैयार किए गए हैं। इनमें से 40 शरणालय वर्तमान में संचालित हैं।
5,849 नाव और 1,101 मोटरबोट उपलब्ध
बाढ़ के दौरान प्रभावित गांवों तक पहुंच और लोगों को सुरक्षित निकालने के लिए प्रशासन ने बड़े पैमाने पर जल परिवहन की व्यवस्था की है। राहत एवं बचाव अभियान के लिए 5,849 नाव और 1,101 मोटरबोट उपलब्ध कराई गई हैं।
इन संसाधनों का इस्तेमाल प्रभावित क्षेत्रों में राहत सामग्री पहुंचाने और जरूरत पड़ने पर बाढ़ में फंसे लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने के लिए किया जा रहा है।
308 राहत केंद्र और 69 मेडिकल टीमें सक्रिय
बाढ़ प्रभावित लोगों तक जरूरी सामान पहुंचाने के लिए 308 राहत वितरण केंद्र बनाए गए हैं। स्वास्थ्य सेवाओं के लिए 69 मेडिकल टीमें और आपात स्थिति में मरीजों को अस्पताल पहुंचाने के लिए 51 एंबुलेंस तैनात की गई हैं।
प्रशासन की ओर से प्रभावित परिवारों को खाद्यान्न, पका हुआ भोजन, ओआरएस और अन्य आवश्यक सामग्री उपलब्ध कराई जा रही है। मेडिकल टीमें प्रभावित इलाकों में स्वास्थ्य संबंधी जरूरतों की निगरानी कर रही हैं।
सोनभद्र में सबसे अधिक 147.2 मिलीमीटर बारिश
सोमवार और मंगलवार को उत्तर प्रदेश के कई जिलों में भारी बारिश दर्ज की गई। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार सोनभद्र में 147.2 मिलीमीटर बारिश हुई, जो इस अवधि में सबसे अधिक रही।
बारिश के प्रमुख आंकड़े इस प्रकार हैं:
- सोनभद्र: 147.2 मिमी
- बरेली: 141 मिमी
- प्रयागराज: 126 मिमी
- रायबरेली: 88.4 मिमी
- लखीमपुर खीरी: 84 मिमी
- शाहजहांपुर: 80.2 मिमी
- लखनऊ: 40.9 मिमी
राजधानी लखनऊ में पिछले 24 घंटे के दौरान 40.9 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई।
55 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट
मौसम विभाग ने उत्तर प्रदेश के 55 जिलों में भारी से अति भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। पूर्वानुमान के मुताबिक प्रदेश में बारिश का दौर 20 अगस्त तक जारी रह सकता है।
मौसम विभाग की चेतावनी के बाद बाढ़ प्रभावित जिलों में प्रशासन को अतिरिक्त सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं। नदियों के जलस्तर, बारिश की स्थिति और संवेदनशील क्षेत्रों की लगातार निगरानी की जा रही है।
बाढ़ प्रभावित लोगों को राहत सामग्री उपलब्ध
प्रशासन के अनुसार बाढ़ प्रभावित लोगों को भोजन और जरूरी सामग्री उपलब्ध कराई जा रही है। राहत केंद्रों के माध्यम से खाद्यान्न, पका हुआ भोजन, ओआरएस और अन्य आवश्यक वस्तुओं का वितरण किया जा रहा है।
प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव दल सक्रिय हैं और किसी भी आपात स्थिति में तत्काल कार्रवाई के लिए संसाधनों को तैयार रखा गया है।
प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने की अपील की
लगातार बारिश और नदियों के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के लोगों से सतर्क रहने की अपील की गई है। लोगों को नदी, नाले और तेज बहाव वाले पानी के पास जाने से बचने तथा प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की सलाह दी जा रही है।
निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को मौसम और जलस्तर से संबंधित अपडेट पर नजर रखने के साथ ही जरूरत पड़ने पर प्रशासन द्वारा बनाए गए सुरक्षित शरणालयों में जाने की सलाह दी गई है।
उत्तर प्रदेश बाढ़ की स्थिति पर प्रशासन की नजर
उत्तर प्रदेश में बाढ़, भारी बारिश और नदियों के बढ़ते जलस्तर को लेकर प्रशासन की निगरानी लगातार जारी है। 12 जिलों के 166 गांवों और 64,402 लोगों के प्रभावित होने के बीच अगले कुछ दिन महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं।
मौसम विभाग की ओर से 55 जिलों में भारी से अति भारी बारिश की चेतावनी के चलते प्रशासन ने राहत और बचाव संसाधनों को सक्रिय रखा है। फिलहाल सबसे बड़ी प्राथमिकता बाढ़ प्रभावित लोगों की सुरक्षा, समय पर राहत सामग्री की उपलब्धता और संभावित जलस्तर वृद्धि की स्थिति में त्वरित बचाव अभियान सुनिश्चित करना है।
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