एम्सटेलवीन में खेले गए एफआईएच विश्व कप मुकाबले में भारतीय पुरुष हॉकी टीम को नीदरलैंड के हाथों 1-3 से हार का सामना करना पड़ा। शुरुआत में भारतीय टीम ने शानदार खेल दिखाया और पहले हाफ में नीदरलैंड को गोल करने का कोई मौका नहीं दिया, लेकिन आखिरी क्वार्टर में भारतीय डिफेंस की कुछ गलतियां टीम पर भारी पड़ गईं।
इस हार के साथ नीदरलैंड ने सेमीफाइनल में अपनी जगह पक्की कर ली है, जबकि भारत की अंतिम चार में पहुंचने की उम्मीदें बेहद कमजोर हो गई हैं। भारतीय टीम को अब अपने अगले मुकाबले में अर्जेंटीना के खिलाफ बड़ी जीत दर्ज करनी होगी और साथ ही दूसरे मुकाबले के नतीजे पर भी निर्भर रहना पड़ेगा।
मैच के पहले हाफ में भारत ने बेहद संतुलित हॉकी खेली। भारतीय डिफेंस ने नीदरलैंड के लगातार हमलों को रोककर रखा और मिडफील्ड में भी खिलाड़ियों ने गेंद पर नियंत्रण बनाए रखने की कोशिश की। नीदरलैंड को शुरुआती दौर में पेनल्टी कॉर्नर के मौके मिले, लेकिन भारतीय खिलाड़ियों ने शानदार रक्षात्मक खेल दिखाते हुए उन्हें गोल में नहीं बदलने दिया।
पहले क्वार्टर में भारत ने भी कई बार नीदरलैंड के सर्कल में प्रवेश किया, लेकिन डच डिफेंस के सामने भारतीय खिलाड़ी अंतिम पास और फिनिशिंग में सफल नहीं हो सके। दूसरे क्वार्टर में नीदरलैंड को लगातार पेनल्टी कॉर्नर मिले, लेकिन भारतीय रक्षापंक्ति ने सभी प्रयासों को नाकाम कर दिया। गोलकीपर मोहित एचएस ने भी कुछ अहम बचाव किए।
पहले हाफ के अंत तक स्कोर 0-0 रहा। भारतीय टीम का प्रदर्शन देखकर लग रहा था कि मुकाबला पूरी तरह बराबरी का है और दूसरे हाफ में भारत के पास जीत हासिल करने का अच्छा मौका रहेगा।
तीसरे क्वार्टर में भी भारतीय टीम ने दबाव बनाए रखने की कोशिश की। भारत को पेनल्टी कॉर्नर के मौके मिले और कप्तान हरमनप्रीत सिंह ने ड्रैग फ्लिक के जरिए गोल करने की कोशिश की, लेकिन नीदरलैंड के गोलकीपर और डिफेंस ने भारतीय हमलों को रोक दिया।
मुकाबले का पहला गोल 41वें मिनट में नीदरलैंड की ओर से आया। भारतीय डिफेंस की एक छोटी सी चूक का फायदा डच टीम ने उठाया और डुको टेलगेनकेंप ने गेंद को गोल में पहुंचा दिया। इसके बाद भारतीय टीम ने बराबरी के लिए लगातार हमले किए।
51वें मिनट में नीदरलैंड ने अपनी बढ़त को 2-0 कर दिया। येप होडेमेकर्स ने शानदार तरीके से गेंद को गोल के अंदर पहुंचाया। भारत के लिए यह बड़ा झटका था, लेकिन टीम ने हार नहीं मानी।
इसके ठीक बाद भारत को पेनल्टी कॉर्नर मिला और कप्तान हरमनप्रीत सिंह ने अपनी तेज ड्रैग फ्लिक से गोल करके स्कोर 1-2 कर दिया। इस गोल के बाद भारतीय टीम के प्रशंसकों को वापसी की उम्मीद जगी। भारत ने बराबरी के लिए दबाव बढ़ाया, लेकिन नीदरलैंड ने भारतीय हमलों को नियंत्रित रखा।
55वें मिनट में नीदरलैंड ने एक और गोल करके भारत की वापसी की उम्मीदों को बड़ा झटका दिया। वान डैम यिप ने भारतीय गोलकीपर के आगे आने का फायदा उठाया और गेंद को गोल में डाल दिया। इसके साथ ही नीदरलैंड ने 3-1 की बढ़त बना ली।
आखिरी मिनटों में भारत ने कई प्रयास किए, लेकिन टीम स्कोर में बदलाव नहीं कर सकी। मुकाबला 3-1 से नीदरलैंड के पक्ष में समाप्त हुआ।
भारत के लिए अब सेमीफाइनल की राह बेहद कठिन हो गई है। टीम को अपने पूल चरण के आखिरी मुकाबले में अर्जेंटीना के खिलाफ बड़ी जीत हासिल करनी होगी। इसके साथ ही उसे नीदरलैंड से इंग्लैंड की हार की उम्मीद भी करनी होगी। भारत के लिए गोल अंतर भी बेहद महत्वपूर्ण हो गया है।
इस मुकाबले में एक बार फिर भारतीय टीम की शुरुआत और अंत के प्रदर्शन में बड़ा अंतर देखने को मिला। पहले हाफ में डिफेंस बेहद मजबूत नजर आया, लेकिन आखिरी क्वार्टर में लगातार हुई गलतियों ने मैच का रुख बदल दिया। नीदरलैंड ने मौके का फायदा उठाते हुए महत्वपूर्ण तीन गोल किए और मुकाबला अपने नाम कर लिया।
अब भारतीय टीम की नजर अर्जेंटीना के खिलाफ होने वाले मुकाबले पर है। सेमीफाइनल में पहुंचने के लिए भारत को सिर्फ जीत ही नहीं, बल्कि बड़े अंतर से जीत की जरूरत होगी। ऐसे में टीम के लिए अगला मुकाबला बेहद अहम होने वाला है।
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