लखनऊ: उत्तर प्रदेश में PM Poshan Yojana के रसोइयों का मानदेय बढ़ा दिया गया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को लखनऊ के गोमती नगर स्थित इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान के जुपिटर सभागार में आयोजित रसोइयों के सम्मान समारोह एवं कैशलेस चिकित्सा कार्ड वितरण कार्यक्रम में 3.53 लाख से अधिक रसोइयों के लिए चार बड़ी घोषणाएं कीं।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रसोइयों का मानदेय ₹2,000 से बढ़ाकर ₹3,000 प्रतिमाह करने की घोषणा की। इसके साथ ही दुर्घटना की स्थिति में ₹2 लाख की सामाजिक सुरक्षा सहायता, रसोइया और उसके परिवार के लिए हर वर्ष ₹5 लाख तक कैशलेस चिकित्सा सुविधा तथा ड्रेस के लिए मिलने वाली राशि को ₹500 से बढ़ाकर ₹1,000 करने का ऐलान किया गया।
UP Cook Salary Hike: रसोइयों का मानदेय ₹3,000 हुआ
योगी सरकार के इस फैसले से उत्तर प्रदेश में पीएम पोषण योजना के तहत काम करने वाले करीब 3.53 लाख रसोइयों को लाभ मिलेगा। इनमें लगभग 93 प्रतिशत महिलाएं हैं।
राज्य सरकार की ओर से रसोइयों के मानदेय में पहले भी चरणबद्ध तरीके से बढ़ोतरी की गई है। वर्ष 2019-20 में ₹500 और वर्ष 2022-23 में ₹500 की वृद्धि की गई थी। अब रसोइयों का मानदेय बढ़ाकर ₹3,000 प्रतिमाह कर दिया गया है।
रसोइयों के लिए चार बड़े ऐलान
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की घोषणाओं में चार प्रमुख फैसले शामिल हैं—
- मानदेय: ₹2,000 से बढ़कर ₹3,000 प्रतिमाह
- दुर्घटना सहायता: दुर्घटना की स्थिति में ₹2 लाख की सामाजिक सुरक्षा सहायता
- कैशलेस चिकित्सा: रसोइया और परिवार के लिए सालाना ₹5 लाख तक की चिकित्सा सुविधा
- ड्रेस राशि: ₹500 से बढ़ाकर ₹1,000
इन घोषणाओं का उद्देश्य पीएम पोषण योजना से जुड़े रसोइयों को आर्थिक सहायता के साथ स्वास्थ्य और सामाजिक सुरक्षा का अतिरिक्त कवच उपलब्ध कराना है।
PM Poshan Yojana से 1.46 करोड़ बच्चों को मिलता है भोजन
बेसिक शिक्षा राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) संदीप सिंह ने बताया कि उत्तर प्रदेश के करीब 1.42 लाख प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक विद्यालयों में लगभग 1.46 करोड़ छात्र-छात्राओं को पीएम पोषण योजना के तहत मध्यावकाश में गर्म, पौष्टिक और गुणवत्तापूर्ण भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है।
प्राथमिक स्तर पर बच्चों के भोजन में करीब 450 कैलोरी ऊर्जा और 12 ग्राम प्रोटीन, जबकि उच्च प्राथमिक स्तर पर 700 कैलोरी ऊर्जा और 20 ग्राम प्रोटीन उपलब्ध कराने का प्रावधान है।
सरकार अपने संसाधनों से बच्चों के पोषण को और बेहतर बनाने के लिए प्रत्येक सोमवार को मौसमी फल तथा प्रत्येक बृहस्पतिवार को फल, चिक्की, गुड़, चना या रामदाना के लड्डू भी उपलब्ध करा रही है।
PM Poshan Yojana में 3.53 लाख रसोइये कार्यरत
संदीप सिंह के अनुसार प्रदेश में पीएम पोषण योजना के तहत करीब 3.53 लाख रसोइये कार्यरत हैं। इनमें महिलाओं की भागीदारी लगभग 93 प्रतिशत है।
रसोइयों को प्रत्येक वर्ष दो ड्रेस के लिए राशि डीबीटी के माध्यम से उपलब्ध कराई जाती है। अब ड्रेस के लिए मिलने वाली राशि भी बढ़ाकर ₹1,000 कर दी गई है।
रसोइयों को स्वास्थ्य और स्वच्छता का प्रशिक्षण
पीएम पोषण योजना के तहत रसोइयों को भोजन तैयार करने से जुड़े स्वास्थ्य, सुरक्षा और स्वच्छता मानकों की जानकारी देने के लिए नियमित प्रशिक्षण दिया जाता है।
‘पोषणा फिल्म’ के माध्यम से रसोइयों को स्वास्थ्य, सुरक्षा, स्वच्छता, पोषण और पाक कला से संबंधित प्रशिक्षण दिया जाता है। इसके अलावा जनपद स्तर पर पाक कला प्रतियोगिताओं का भी आयोजन किया जाता है।
प्रतियोगिता में प्रथम स्थान पाने वाले रसोइये को ₹3,500, द्वितीय स्थान पर ₹2,500 और तृतीय स्थान पर ₹1,500 का पुरस्कार दिया जाता है। अन्य प्रतिभागियों को ₹300 का सांत्वना पुरस्कार दिया जाता है।
वर्ष 2026-27 में प्रदेश के सभी विकासखंडों में पाक कला प्रतियोगिता आयोजित करने की योजना है। इसमें करीब 22 हजार रसोइयों के भाग लेने की संभावना है।
स्कूलों में भोजन की गुणवत्ता की निगरानी
PM Poshan Yojana में बच्चों को मिलने वाले भोजन की गुणवत्ता और योजना के प्रभावी संचालन के लिए जिलाधिकारी की अध्यक्षता में टास्क फोर्स गठित की गई है।
भोजन की गुणवत्ता की निगरानी के लिए ‘मां’ अभियान और आईवीआर आधारित दैनिक अनुश्रवण प्रणाली का इस्तेमाल किया जा रहा है।
वाराणसी और गोरखपुर में अक्षय पात्र फाउंडेशन के केंद्रीय किचेन के माध्यम से बच्चों को गर्म भोजन उपलब्ध कराने की व्यवस्था के विस्तार पर भी काम किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने रसोइयों को बांटे कैशलेस चिकित्सा कार्ड
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विभिन्न जिलों से आई रसोइयों को परिधान किट, कैशलेस चिकित्सा कार्ड और बढ़े हुए मानदेय का प्रतीकात्मक चेक देकर सम्मानित किया।
सम्मानित रसोइयों में सीतापुर की किरण देवी, लखनऊ की आशा तिवारी, गोरखपुर की सुनीता एवं रेखा देवी, अलीगढ़ की सुदेश देवी और पिंकी देवी, वाराणसी की सरिता देवी, हरदोई की गीता देवी, लखीमपुर खीरी की सीमा सिंह और उन्नाव की खिलाना समेत कई रसोइयां शामिल रहीं।
परिधान किट में हेड कवर, ग्लव्स और एप्रन शामिल हैं।
रक्षाबंधन से पहले रसोइया बहनों को बड़ा तोहफा
कार्यक्रम को रक्षाबंधन से पहले प्रदेश की रसोइया बहनों के सम्मान और कल्याण से जोड़कर देखा गया। मानदेय में बढ़ोतरी के साथ दुर्घटना सहायता और कैशलेस स्वास्थ्य सुविधा की घोषणा से रसोइयों के सामाजिक सुरक्षा दायरे को विस्तार मिलने की उम्मीद है।
कार्यक्रम में ये लोग रहे मौजूद
कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक, बेसिक शिक्षा राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) संदीप सिंह, विधायक नीरज बोरा, विधान परिषद सदस्य इंजी. अवनीश कुमार सिंह, रामचंद्र प्रधान, अपर मुख्य सचिव बेसिक एवं माध्यमिक शिक्षा पार्थ सारथी सेन शर्मा, भारतीय स्टेट बैंक के मुख्य महाप्रबंधक दीपेश राज और मुख्यमंत्री के सलाहकार अवनीश अवस्थी सहित कई जनप्रतिनिधि एवं वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
कार्यक्रम में विभिन्न जनपदों से बड़ी संख्या में रसोइयों ने भी हिस्सा लिया।
स्वस्थ बच्चों से बनेगा विकसित उत्तर प्रदेश
बेसिक शिक्षा राज्यमंत्री संदीप सिंह ने कहा कि पीएम पोषण योजना का उद्देश्य बच्चों को पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराने के साथ विद्यालयों में सामाजिक सौहार्द, एकता और भाईचारे की भावना को मजबूत करना भी है।
उन्होंने कहा कि स्वस्थ, शिक्षित और सक्षम बच्चे ही विकसित उत्तर प्रदेश और विकसित भारत की मजबूत नींव तैयार करेंगे।
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