हुंदै मोटर इंडिया ने अपने कार्यबल में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने को लेकर बड़ा रणनीतिक लक्ष्य तय किया है। कंपनी की योजना 2030 तक कार्यकारी स्तर के कर्मचारियों में महिलाओं की हिस्सेदारी बढ़ाकर 20 प्रतिशत करने की है। फिलहाल कंपनी के 4,000 से अधिक कार्यकारी स्तर के कर्मचारियों में महिलाओं की हिस्सेदारी 8 प्रतिशत से अधिक है। ऐसे में अगले कुछ वर्षों में महिला कर्मचारियों की संख्या बढ़ाना कंपनी की दीर्घकालिक कार्यबल रणनीति का अहम हिस्सा बनने जा रहा है।
कंपनी का कहना है कि इस पहल का उद्देश्य केवल महिला कर्मचारियों की संख्या बढ़ाना नहीं है, बल्कि प्रतिभाओं के लिए ज्यादा अवसर तैयार करना और ऐसा कार्यस्थल विकसित करना है, जहां हर कर्मचारी अपनी क्षमता का पूरा इस्तेमाल कर सके। कंपनी विविधता, समानता और समावेशन यानी Diversity, Equity and Inclusion को अपनी भविष्य की प्रतिभा रणनीति का महत्वपूर्ण हिस्सा मान रही है।
हुंदै मोटर इंडिया के प्रबंध निदेशक और मुख्य कार्यपालक अधिकारी तरुण गर्ग ने कहा कि 2030 तक कार्यकारी स्तर पर महिलाओं की हिस्सेदारी 20 प्रतिशत करने की प्रतिबद्धता अवसरों का विस्तार करने और प्रतिभाओं की मजबूत श्रृंखला तैयार करने पर कंपनी के फोकस को दिखाती है। उनका कहना है कि प्रतिभाओं का परिदृश्य लगातार बदल रहा है और विभिन्न उद्योगों में प्रतिभाशाली महिला पेशेवरों की भागीदारी बढ़ रही है।
कंपनी ने युवा प्रतिभाओं की नियुक्ति में भी महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने की दिशा में कदम उठाया है। हुंदै मोटर इंडिया के मुताबिक, 2026 में नियुक्त किए गए प्रबंधन प्रशिक्षुओं और इंजीनियर प्रशिक्षुओं में करीब 45 प्रतिशत महिलाएं हैं। इससे संकेत मिलता है कि कंपनी भविष्य के नेतृत्व स्तर के लिए शुरुआती चरण से ही ज्यादा महिला प्रतिभाओं को अपने साथ जोड़ने की कोशिश कर रही है।
कंपनी की रणनीति सिर्फ भर्ती तक सीमित नहीं है। एचएमआईएल ने दीर्घकालिक कार्यबल योजना के तहत प्रतिभाओं को आकर्षित करने, उन्हें विकसित करने और कंपनी में बनाए रखने के लिए व्यापक डीईआई ढांचा लागू किया है। इसके साथ ही करियर में प्रगति और नेतृत्व विकास को भी इस रणनीति का हिस्सा बनाया गया है, ताकि कर्मचारियों को संगठन के भीतर आगे बढ़ने के समान अवसर मिल सकें।
ऑटोमोबाइल और ट्रांसपोर्ट सेक्टर में तेजी से बदलाव हो रहा है। एडवांस मैन्युफैक्चरिंग, डिजिटलीकरण और ग्राहकों की बदलती जरूरतों के कारण कंपनियों को लगातार नई तकनीक और नए तरीकों के साथ खुद को ढालना पड़ रहा है। ऐसे माहौल में कंपनी का मानना है कि अलग-अलग पृष्ठभूमि और अनुभव वाले कर्मचारियों का होना नए विचारों और बेहतर समस्याओं के समाधान में मदद कर सकता है।
महिलाओं की कार्यबल में बढ़ती भागीदारी को कंपनी अपनी प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता से भी जोड़कर देख रही है। अलग-अलग अनुभव और दृष्टिकोण संगठन को ग्राहकों की बदलती जरूरतों को समझने तथा कारोबारी फैसलों में नए नजरिए अपनाने में मदद कर सकते हैं। इसी वजह से हुंदै मोटर इंडिया आने वाले वर्षों में महिला प्रतिभाओं के लिए भर्ती के साथ-साथ विकास और नेतृत्व के अवसरों पर भी जोर देने की तैयारी में है।
2030 का 20 प्रतिशत लक्ष्य कंपनी के मौजूदा 8 प्रतिशत से काफी ज्यादा है। इसे हासिल करने के लिए भर्ती, प्रतिभा विकास, करियर प्रगति और नेतृत्व के अवसरों पर लगातार काम करना होगा। अगर कंपनी अपने इस लक्ष्य को हासिल करती है, तो यह भारतीय ऑटोमोबाइल सेक्टर में कार्यकारी स्तर पर लैंगिक विविधता बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकता है।
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