महाराष्ट्र के कल्याण-डोंबिवली इलाके में आवारा कुत्तों का आतंक एक बार फिर देखने को मिला है। शहर के अलग-अलग हिस्सों में कुछ ही घंटों के भीतर आवारा कुत्तों ने छह लोगों को काट लिया। अचानक हुई इन घटनाओं के बाद स्थानीय लोगों में डर का माहौल है। बताया जा रहा है कि कुत्तों के हमले में स्कूली बच्चों से लेकर महानगरपालिका की एक महिला सफाई कर्मचारी तक घायल हुई हैं।
जानकारी के मुताबिक, कुत्तों के काटने की घटनाएं कल्याण-डोंबिवली के अलग-अलग इलाकों में सामने आईं। कुछ ही घंटों के अंतराल में छह लोगों के घायल होने की खबर से स्थानीय लोगों की चिंता बढ़ गई। इनमें दो से तीन स्कूली बच्चे भी शामिल बताए जा रहे हैं। बच्चों के साथ हुई घटनाओं ने अभिभावकों की चिंता और बढ़ा दी है, क्योंकि स्कूल आने-जाने के दौरान आवारा कुत्तों के हमले का खतरा बना हुआ है।
कुत्तों के हमले में महानगरपालिका की एक महिला सफाई कर्मचारी भी घायल हुई हैं। वह अपने काम के दौरान इलाके में मौजूद थीं, तभी आवारा कुत्ते ने उन पर हमला कर दिया। अचानक हुए हमले के कारण उन्हें चोटें आईं और उपचार के लिए अस्पताल ले जाना पड़ा। इस घटना के बाद स्थानीय स्तर पर आवारा कुत्तों की समस्या को लेकर फिर सवाल उठने लगे हैं।
हमले के बाद सभी घायलों को इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया गया। अस्पताल में डॉक्टरों ने घायलों का उपचार किया, जिसके बाद उन्हें छुट्टी दे दी गई। फिलहाल सामने आई जानकारी के अनुसार किसी भी घायल की हालत गंभीर नहीं बताई जा रही है। हालांकि, कम समय में छह लोगों के कुत्तों के काटने की घटनाओं ने इलाके में सुरक्षा को लेकर चिंता जरूर बढ़ा दी है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि आवारा कुत्तों की संख्या कई इलाकों में लगातार चिंता का विषय बनी हुई है। सड़क, गलियों और रिहायशी इलाकों में घूमने वाले कुत्तों के कारण खासकर छोटे बच्चों और बुजुर्गों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। लोगों को डर है कि अगर इस समस्या पर समय रहते प्रभावी कदम नहीं उठाए गए तो आगे भी इस तरह की घटनाएं सामने आ सकती हैं।
स्कूली बच्चों के घायल होने की खबर के बाद अभिभावकों में भी चिंता देखी जा रही है। माता-पिता बच्चों को अकेले बाहर भेजने को लेकर सतर्क हो गए हैं। वहीं, स्थानीय लोगों का कहना है कि सुबह और शाम के समय जब लोग अपने काम या स्कूल के लिए निकलते हैं, उस दौरान आवारा कुत्तों की मौजूदगी कई जगह परेशानी पैदा करती है।
कल्याण-डोंबिवली में सामने आई इन घटनाओं ने महानगरपालिका के सामने आवारा कुत्तों की समस्या से निपटने की चुनौती को भी फिर से सामने ला दिया है। स्थानीय स्तर पर लोग चाहते हैं कि कुत्तों की संख्या को नियंत्रित करने और लोगों को सुरक्षित रखने के लिए नियमों के तहत प्रभावी कदम उठाए जाएं। साथ ही ऐसे स्थानों की पहचान किए जाने की जरूरत है, जहां कुत्तों के झुंड अधिक संख्या में दिखाई देते हैं।
कुछ ही घंटों में छह लोगों के घायल होने की घटनाओं के बाद इलाके के लोगों में दहशत का माहौल है। हालांकि सभी घायलों को अस्पताल में उपचार मिलने के बाद छुट्टी दे दी गई है, लेकिन लगातार सामने आ रही ऐसी घटनाएं आवारा कुत्तों को लेकर प्रशासन की तैयारियों और स्थानीय सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर रही हैं। अब लोगों की नजर इस बात पर है कि महानगरपालिका इस समस्या को रोकने के लिए आगे क्या कदम उठाती है।
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