लखनऊ। राजधानी में गणेश महोत्सव 2026 की शुरुआत भक्तिमय वातावरण में हो गई है। झूलेलाल वाटिका, हनुमान सेतु के निकट श्री गणेश प्राकट्य कमेटी की ओर से आयोजित श्री गणेश महोत्सव का सोमवार को भगवान गणेश की मूर्ति स्थापना और विधि-विधान से पूजन के साथ शुभारंभ हुआ। गणपति बप्पा के जयकारों से पूरा परिसर गूंज उठा और श्रद्धालुओं में उत्साह देखने को मिला।
महोत्सव में भगवान गणेश को ‘मनौतियों के राजा’ के स्वरूप में सजाया गया है। श्रद्धालु प्रतिदिन सुबह से देर रात तक गणपति बप्पा के दर्शन कर सकेंगे। धार्मिक आयोजनों के साथ भजन, सांस्कृतिक प्रस्तुतियां, झांकियां और विभिन्न मनोरंजक गतिविधियां भी महोत्सव का आकर्षण बनी हुई हैं।
गणपति बप्पा की वंदना से हुआ सांस्कृतिक कार्यक्रम का शुभारंभ
मूर्ति स्थापना के बाद सोमवार शाम सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का संचालन कोलकाता के प्रसिद्ध संजय शर्मा ने किया। गणपति वंदना के साथ शुरू हुई सांस्कृतिक संध्या में कोलकाता के प्रसिद्ध गायक आदर्श राजपूत ने गणेश भक्ति से जुड़े भजनों की प्रस्तुति दी।
आदर्श राजपूत ने ‘आओ आओ पधारो गणराज जी’, ‘गणपति को प्रथम मनाना है’, ‘देवा देवा गणपति देवा तुमसे बढ़कर कौन’ और ‘मेरे सिर पे सदा तेरा हाथ रहे’ जैसे भजनों से माहौल को भक्तिमय बना दिया। उनकी प्रस्तुतियों पर श्रद्धालु भावविभोर नजर आए।
गणेश महोत्सव में दिखी भारत की सांस्कृतिक विविधता
सांस्कृतिक कार्यक्रम के दौरान कलाकारों ने विभिन्न राज्यों की पारंपरिक वेशभूषा में स्वागत नृत्य प्रस्तुत किया। रंग-बिरंगे परिधानों और आकर्षक नृत्य प्रस्तुतियों ने दर्शकों का मन मोह लिया।
महोत्सव परिसर में तिरुपति बालाजी, भगवान श्रीकृष्ण, मां दुर्गा और मां काली की आकर्षक झांकियां भी प्रस्तुत की गईं। श्रद्धालुओं ने इन धार्मिक झांकियों के दर्शन किए और आयोजन की सराहना की।
भगवान गणेश के प्राकट्य की कथा नृत्य नाटिका में हुई प्रस्तुत
श्री गणेश महोत्सव में भगवान गणेश के प्राकट्य से जुड़े पौराणिक प्रसंग पर आधारित विशेष नृत्य नाटिका प्रस्तुत की गई। कलाकारों ने भगवान गणेश के हाथी मस्तक से जुड़े प्रसंग को अभिनय, नृत्य और संगीत के माध्यम से प्रस्तुत किया।
नृत्य नाटिका के माध्यम से भगवान गणेश की प्रथम पूज्य के रूप में प्रतिष्ठा और गणेश चतुर्थी से जुड़ी धार्मिक मान्यताओं को भी दर्शाया गया। प्रस्तुति ने श्रद्धालुओं को भगवान गणेश की कथा और उनकी आराधना के महत्व से परिचित कराया।
रामेश्वरम ज्योतिर्लिंग की स्थापना पर आधारित नृत्य नाटिका रही खास
सांस्कृतिक कार्यक्रम में रामेश्वरम ज्योतिर्लिंग की स्थापना से जुड़े पौराणिक प्रसंग को भी नृत्य नाटिका के माध्यम से प्रस्तुत किया गया। कलाकारों ने भगवान श्रीराम द्वारा भगवान शिव की आराधना और शिवलिंग स्थापना से जुड़ी धार्मिक मान्यता को मंच पर जीवंत किया।
प्रस्तुति के दौरान रावण वध के बाद भगवान श्रीराम की शिव आराधना और रामेश्वरम ज्योतिर्लिंग से जुड़े प्रसंग को प्रभावशाली ढंग से दिखाया गया।
सुबह 9 बजे से रात 11 बजे तक होंगे ‘मनौतियों के राजा’ के दर्शन
श्री गणेश प्राकट्य कमेटी के संरक्षक भारत भूषण गुप्ता ने बताया कि मनौतियों के राजा गणपति के दर्शन श्रद्धालु प्रतिदिन सुबह 9 बजे से रात 11 बजे तक कर सकेंगे। उन्होंने बताया कि गणपति बप्पा की आरती सुबह 9 बजे और शाम 6 बजे होगी।
उन्होंने बताया कि महोत्सव के दौरान कई विशेष धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इनमें गजरा, दूर्वाभिषेक, छप्पन भोग, सिंदूराभिषेक, पाशांकुश पूजन, महाभिषेक और महामोदक प्रमुख हैं।
बच्चों के लिए झूले और खान-पान के स्टॉल बने आकर्षण
लखनऊ गणेश महोत्सव में श्रद्धालुओं की सुविधा और मनोरंजन के लिए विशेष व्यवस्थाएं की गई हैं। महोत्सव परिसर में बच्चों के लिए नए झूले लगाए गए हैं। इसके अलावा फास्ट फूड, आइसक्रीम और चाट के स्टॉल भी लगाए गए हैं।
मीना बाजार में महिलाओं के लिए श्रृंगार सामग्री समेत विभिन्न वस्तुओं के स्टॉल उपलब्ध हैं। धार्मिक आयोजन के साथ खरीदारी और मनोरंजन की सुविधाओं के चलते पूरा परिसर मेले जैसा नजर आ रहा है।
लखनऊ गणेश महोत्सव 2026: प्रमुख कार्यक्रमों की तारीख
| तारीख | कार्यक्रम | समय |
|---|---|---|
| 15 सितंबर | गजरा | रात 8 बजे |
| 18 सितंबर | दूर्वाभिषेक | दोपहर 12 बजे |
| 19 सितंबर | छप्पन भोग | रात 8 बजे |
| 20 सितंबर | सिंदूराभिषेक | दोपहर 12 बजे |
| 23 सितंबर | पाशांकुश पूजन | दोपहर 12 बजे |
| 24 सितंबर | महाभिषेक | दोपहर 12 बजे |
| 24 सितंबर | महामोदक | रात 8 बजे |
श्रद्धालुओं के लिए खास आकर्षण
इस बार लखनऊ में आयोजित श्री गणेश महोत्सव में धार्मिक अनुष्ठान, भक्ति संगीत, सांस्कृतिक कार्यक्रम, पौराणिक झांकियां, नृत्य नाटिकाएं और मेले जैसी गतिविधियां एक साथ देखने को मिल रही हैं। आयोजकों के अनुसार, महोत्सव के आगामी दिनों में होने वाले विशेष धार्मिक कार्यक्रम श्रद्धालुओं के लिए प्रमुख आकर्षण रहेंगे।
स्थान: झूलेलाल वाटिका, हनुमान सेतु के निकट, लखनऊ
दर्शन का समय: प्रतिदिन सुबह 9 बजे से रात 11 बजे तक
आरती: सुबह 9 बजे एवं शाम 6 बजे
आयोजक: श्री गणेश प्राकट्य कमेटी
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