जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान नाबालिग के पिता से कथित मारपीट के मामले में गिरफ्तार स्वतंत्र भारद्वाज को कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। पटियाला हाउस कोर्ट ने स्वतंत्र भारद्वाज को तीन हफ्ते की अंतरिम जमानत दे दी है। इस मामले को लेकर उस समय काफी विवाद हुआ था, जब एक पॉडकास्ट का वीडियो सामने आया था और उसके बाद सोशल मीडिया से लेकर राजनीतिक गलियारों तक मामला चर्चा में आ गया था।
मामले की सुनवाई पटियाला हाउस कोर्ट के अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश सौरव प्रताप सिंह लालर की अदालत में हुई। सुनवाई के बाद अदालत ने स्वतंत्र भारद्वाज को तीन सप्ताह की अंतरिम जमानत देने का आदेश जारी किया। हालांकि, यह राहत फिलहाल सीमित अवधि के लिए है और मामले से जुड़ी कानूनी प्रक्रिया आगे भी जारी रहेगी।
यह पूरा मामला जंतर-मंतर पर हुए एक प्रदर्शन से जुड़ा है। प्रदर्शन के दौरान नाबालिग के पिता के साथ कथित तौर पर मारपीट किए जाने का आरोप लगाया गया था। इसी मामले में स्वतंत्र भारद्वाज की गिरफ्तारी हुई थी। पुलिस की कार्रवाई के बाद मामला अदालत तक पहुंचा और आरोपी की ओर से अंतरिम जमानत की मांग की गई थी।
मामले में स्वतंत्र भारद्वाज के खिलाफ मारपीट के आरोपों के साथ-साथ एससी/एसटी एक्ट और पॉक्सो एक्ट से जुड़ी धाराओं के तहत भी केस दर्ज होने की बात सामने आई है। पॉक्सो कानून से जुड़े आरोप होने के कारण यह मामला और भी संवेदनशील हो गया है। हालांकि, किसी भी आरोपी पर लगाए गए आरोप अदालत में साबित होने तक आरोप ही माने जाते हैं और अंतिम फैसला न्यायिक प्रक्रिया के आधार पर होगा।
जंतर-मंतर पर सामने आई कथित मारपीट के बाद मामले ने तब ज्यादा तूल पकड़ा, जब एक पॉडकास्ट का वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आया। वीडियो को लेकर अलग-अलग तरह की प्रतिक्रियाएं सामने आईं और मामले पर बहस तेज हो गई। इसके बाद पुलिस की कार्रवाई और आरोपों को लेकर भी चर्चा शुरू हुई।
अब पटियाला हाउस कोर्ट के अंतरिम जमानत के आदेश के बाद स्वतंत्र भारद्वाज को फिलहाल तीन सप्ताह के लिए राहत मिल गई है। हालांकि, अंतरिम जमानत का मतलब मामले से पूरी तरह बरी होना नहीं है। मामले की जांच और कानूनी कार्यवाही अपनी प्रक्रिया के अनुसार आगे बढ़ेगी और अदालत आगे की सुनवाई में मामले से जुड़े तथ्यों पर विचार करेगी।
जंतर-मंतर लंबे समय से राजनीतिक और सामाजिक आंदोलनों का प्रमुख केंद्र रहा है। यहां होने वाले प्रदर्शनों के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखना प्रशासन की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी होती है। ऐसे में प्रदर्शन के दौरान किसी व्यक्ति के साथ कथित मारपीट और उसके बाद दर्ज हुए आपराधिक मामलों को लेकर पुलिस और अदालत की कार्रवाई पर सभी की नजर बनी हुई है।
फिलहाल अदालत के आदेश के बाद स्वतंत्र भारद्वाज को तीन सप्ताह की अंतरिम राहत मिल गई है। अब आगे की सुनवाई में यह तय होगा कि मामले में उनकी अंतरिम जमानत को आगे बढ़ाया जाता है या नहीं और जांच किस दिशा में आगे बढ़ती है। वहीं, इस मामले से जुड़े आरोपों और पॉडकास्ट वीडियो को लेकर भी सार्वजनिक चर्चा जारी है।
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