भारत और बांग्लादेश के बीच प्रधानमंत्री तारिक़ रहमान की भारत यात्रा को लेकर चल रही चर्चा के बीच विदेश मंत्रालय ने स्थिति साफ कर दी है। भारत ने स्पष्ट किया है कि बांग्लादेश के प्रधानमंत्री तारिक़ रहमान को भारत की ओर से एक नहीं, बल्कि दो अलग-अलग निमंत्रण दिए गए थे। इनमें पहला निमंत्रण द्विपक्षीय यात्रा के लिए था, जबकि दूसरा निमंत्रण BIMSTEC के अध्यक्ष के तौर पर BRICS शिखर सम्मेलन में शामिल होने के लिए दिया गया था।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने मंगलवार को इस मामले में भारत का पक्ष स्पष्ट किया। उन्होंने कहा कि बांग्लादेश के प्रधानमंत्री को भारत की ओर से द्विपक्षीय यात्रा के लिए आमंत्रित किया गया था। इसके बाद उन्हें BIMSTEC के अध्यक्ष के तौर पर BRICS शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए भी अलग से निमंत्रण दिया गया। विदेश मंत्रालय के इस बयान के बाद उन दावों पर स्थिति साफ हो गई, जिनमें कहा जा रहा था कि बांग्लादेश को केवल BIMSTEC के अध्यक्ष के रूप में BRICS सम्मेलन का निमंत्रण मिला था।
दरअसल, बांग्लादेश की ओर से यह कहा गया था कि BRICS शिखर सम्मेलन के लिए मिला निमंत्रण तारिक़ रहमान को प्रधानमंत्री के तौर पर नहीं, बल्कि BIMSTEC के मौजूदा अध्यक्ष के तौर पर दिया गया था। इसी बात को लेकर भारत और बांग्लादेश के बीच निमंत्रण की प्रकृति पर चर्चा शुरू हुई। अब भारतीय विदेश मंत्रालय ने साफ शब्दों में कहा है कि दोनों निमंत्रण अलग-अलग थे और दोनों का उद्देश्य भी अलग था।
भारत के मुताबिक, द्विपक्षीय यात्रा का निमंत्रण दोनों देशों के बीच सीधे बातचीत और संबंधों को मजबूत करने के लिहाज से महत्वपूर्ण था। वहीं, BRICS शिखर सम्मेलन का निमंत्रण क्षेत्रीय बहुपक्षीय भूमिका से जुड़ा था, क्योंकि इस समय BIMSTEC की अध्यक्षता बांग्लादेश के पास है। ऐसे में दोनों निमंत्रणों को एक ही नजर से देखना सही नहीं होगा।
गौर करने वाली बात यह भी है कि तारिक़ रहमान हाल ही में हुए BRICS शिखर सम्मेलन में शामिल नहीं हुए। इसके बाद बांग्लादेश की ओर से भारत के साथ संबंधों को लेकर भी संकेत दिए गए कि वह किसी बहुपक्षीय मंच के बजाय सीधे द्विपक्षीय बातचीत के माध्यम से भारत के साथ अपने रिश्तों को बेहतर करना चाहता है। इससे साफ है कि ढाका भारत के साथ संबंधों को लेकर अलग से सीधी बातचीत को प्राथमिकता देना चाहता है।
भारत और बांग्लादेश के रिश्तों में पिछले कुछ समय से तनाव देखने को मिला है। शेख हसीना के सत्ता से हटने के बाद दोनों देशों के बीच कई मुद्दों को लेकर मतभेद सामने आए हैं। सीमा, राजनीतिक घटनाक्रम और आपसी संबंधों से जुड़े मुद्दों पर दोनों पक्षों के बीच बयानबाजी भी होती रही है। ऐसे में प्रधानमंत्री तारिक़ रहमान की संभावित भारत यात्रा को दोनों देशों के रिश्तों में सुधार की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा सकता है।
BIMSTEC यानी Bay of Bengal Initiative for Multi-Sectoral Technical and Economic Cooperation बंगाल की खाड़ी के आसपास स्थित सात देशों का बहुपक्षीय संगठन है। इसमें भारत और बांग्लादेश के अलावा म्यांमार, श्रीलंका, थाईलैंड, नेपाल और भूटान शामिल हैं। संगठन का उद्देश्य सदस्य देशों के बीच आर्थिक, तकनीकी और क्षेत्रीय सहयोग को बढ़ावा देना है।
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