झूलेलाल घाट पर खराब मौसम के बावजूद पहुंचे बड़ी संख्या में श्रद्धालु, नीरज भारद्वाज के भजनों पर झूमे भक्त; राधा-कृष्ण और भगवान विष्णु के वराह अवतार की लीला का हुआ मंचन
लखनऊ। राजधानी लखनऊ के झूलेलाल घाट पर चल रहे मनौतियों के राजा गणेश उत्सव में श्रद्धालुओं की आस्था लगातार उमड़ रही है। गुरुवार को खराब मौसम के बावजूद बड़ी संख्या में भक्त गणपति बप्पा के दर्शन करने पहुंचे। शाम को आयोजित भजन संध्या और नृत्य नाटिका ने गणेश उत्सव के माहौल को और भक्तिमय बना दिया। पंडाल में गणपति के जयकारों के बीच श्रद्धालुओं ने भजनों और धार्मिक प्रस्तुतियों का आनंद लिया।
मनौतियों के राजा के दरबार में बढ़ रही श्रद्धालुओं की भीड़
मनौतियों के राजा गणेश उत्सव में प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन और पूजा-अर्चना के लिए पहुंच रहे हैं। समिति के अनुसार भक्त अपनी मनोकामना के साथ मन्नत की चिट्ठी भी लिख रहे हैं।
समिति के संरक्षक भारत भूषण गुप्ता ने बताया कि मनौतियों के राजा के दरबार में मन्नत की चिट्ठी लिखने के लिए रोजाना श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। इसके लिए सुबह 10 बजे से शाम 6 बजे तक व्यवस्था की गई है।
नीरज भारद्वाज के भजनों पर झूमे श्रद्धालु
गणेश उत्सव के दौरान आयोजित भजन संध्या में कोलकाता के प्रसिद्ध भजन गायक नीरज भारद्वाज ने अपनी प्रस्तुतियों से श्रद्धालुओं को भक्तिरस में डुबो दिया।
उन्होंने “गजानन आन पधारो, लाडवा लाई मैं भारो” और “सुन ले गजानन अर्जी हमारी, तारो न तारो मर्जी तुम्हारी” जैसे भजनों की प्रस्तुति दी। भजनों के साथ श्रद्धालु तालियां बजाते और झूमते नजर आए।
इसके बाद “तूने मुझे बुलाया शेरावालिए” और “डमरू वाले बाबा तुमको आना होगा” जैसे भजनों ने कार्यक्रम में अलग रंग भर दिया। पंडाल में भक्तों ने जयकारे लगाए और पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया।
राधा-कृष्ण की लीलाओं से सजा मंच
भजन संध्या के बाद कोलकाता के प्रसिद्ध कलाकार संजय शर्मा और उनकी टीम ने नृत्य नाटिका प्रस्तुत की। कार्यक्रम में भारतीय पौराणिक कथाओं और धार्मिक प्रसंगों को नृत्य एवं अभिनय के माध्यम से मंच पर जीवंत किया गया।
पहली प्रस्तुति में राधा-कृष्ण की मधुर नोंक-झोंक को दर्शाया गया। इसके बाद ब्रज की पृष्ठभूमि में राधा-कृष्ण के प्रेम और उनकी लीलाओं को आकर्षक नृत्य प्रस्तुति के जरिए पेश किया गया।
तीसरी प्रस्तुति भगवान गणेश को समर्पित रही। इसमें कलाकारों ने भगवान गणेश के विभिन्न स्वरूपों की स्तुति प्रस्तुत की।
वराह अवतार की लीला ने बांधा दर्शकों को
नृत्य नाटिका की अंतिम प्रस्तुति में भगवान विष्णु के वराह अवतार की कथा का मंचन किया गया। प्रस्तुति में दिखाया गया कि हिरण्याक्ष पृथ्वी को रसातल में ले जाता है। इसके बाद भगवान विष्णु वराह अवतार धारण कर पृथ्वी का उद्धार करते हैं और हिरण्याक्ष का वध करते हैं।
कलाकारों ने अभिनय, नृत्य और मंचीय प्रस्तुति के जरिए इस पौराणिक प्रसंग को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया। धार्मिक कथा के मंचन को देखने के लिए पंडाल में मौजूद श्रद्धालु अंत तक कार्यक्रम से जुड़े रहे।
सुबह 9 बजे से रात 11 बजे तक गणपति के दर्शन
समिति के अनुसार मनौतियों के राजा के दर्शन प्रतिदिन सुबह 9 बजे से रात 11 बजे तक किए जा सकेंगे। गणपति बप्पा की आरती सुबह 9 बजे और शाम 6 बजे होगी।
समिति के संरक्षक भारत भूषण गुप्ता ने बताया कि 18 सितंबर को दोपहर 12 बजे दूर्वाभिषेक का विशेष आयोजन होगा।
गणेश उत्सव में मेले जैसा माहौल
मनौतियों के राजा गणेश उत्सव में धार्मिक आयोजनों के साथ श्रद्धालुओं के लिए मेले जैसा माहौल भी तैयार किया गया है। परिसर में बच्चों के लिए विभिन्न प्रकार के झूले लगाए गए हैं।
इसके अलावा फास्ट फूड, चाट और आइसक्रीम के स्टॉल भी लगाए गए हैं। महिलाओं के लिए मीना बाजार में श्रृंगार सामग्री सहित विभिन्न वस्तुओं के स्टॉल लगाए गए हैं। परिसर में अलग-अलग तरह के सामान उपलब्ध होने से श्रद्धालुओं को धार्मिक आयोजन के साथ खरीदारी और मनोरंजन का भी अवसर मिल रहा है।
मनौतियों के राजा गणेश उत्सव के प्रमुख कार्यक्रम
| तारीख | कार्यक्रम | समय |
|---|---|---|
| 18 सितंबर | दूर्वाभिषेक | दोपहर 12 बजे |
| 19 सितंबर | छप्पन भोग | रात 8 बजे |
| 20 सितंबर | सिंदूराभिषेक | दोपहर 12 बजे |
| 23 सितंबर | पाशांकुश पूजन | दोपहर 12 बजे |
| 24 सितंबर | महाभिषेक | दोपहर 12 बजे |
| 24 सितंबर | महामोदक | रात 8 बजे |
ये लोग रहे मौजूद
कार्यक्रम में समिति के संरक्षक भारत भूषण गुप्ता, अध्यक्ष घनश्याम अग्रवाल, पार्षद रंजीत सिंह, जय करन सिंह, अखिलेश बंसल, संजय सिंह गांधी, गोपाल अग्रवाल, सुधांशु बाथम, अजय अग्रवाल, योगेश बंसल, शरद अग्रवाल, नरेश अग्रवाल, रोहित अग्रवाल, सतीश अग्रवाल, रामशंकर वर्मा, देशराज अग्रवाल, संजय अग्रवाल, आशीष अग्रवाल और विजेंद्र अग्रवाल ‘बिज्जू’ सहित अन्य लोग मौजूद रहे।
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