भारतीय सेना की सूर्य कमान को नया नेतृत्व मिल गया है। लेफ्टिनेंट जनरल संजय मित्रा, एवीएसएम ने 1 अक्टूबर 2026 को लखनऊ में सूर्य कमान के जनरल ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ (GOC-in-C) के रूप में कार्यभार संभाल लिया। कमान संभालने के बाद उन्होंने लखनऊ स्थित स्मृतिका वॉर मेमोरियल पर शहीद सैनिकों को श्रद्धांजलि अर्पित की और उनके साहस एवं सर्वोच्च बलिदान को नमन किया।
इसके बाद लेफ्टिनेंट जनरल संजय मित्रा ने औपचारिक सैन्य परेड में गार्ड ऑफ ऑनर का निरीक्षण किया। सूर्य कमान की नई जिम्मेदारी संभालने के साथ ही उन्होंने परिचालन तैयारियों को उच्चतम स्तर पर बनाए रखने और बदलते सुरक्षा परिदृश्य के अनुरूप सैन्य क्षमताओं को मजबूत करने की प्रतिबद्धता दोहराई।
लेफ्टिनेंट जनरल संजय मित्रा की प्रमुख प्राथमिकताएं
सूर्य कमान के नए GOC-in-C लेफ्टिनेंट जनरल संजय मित्रा ने ऑपरेशनल तैयारियों को मजबूत बनाए रखने पर जोर दिया। उन्होंने रणनीतिक परिस्थितियों के अनुरूप त्वरित प्रतिक्रिया क्षमता विकसित करने तथा पूरे थिएटर में मल्टी-डोमेन ऑपरेशनल क्षमताओं को सुदृढ़ करने की प्रतिबद्धता जताई।
आधुनिक युद्ध के बदलते स्वरूप में विभिन्न सैन्य क्षेत्रों, तकनीकी क्षमताओं, संसाधनों और लॉजिस्टिक्स के बीच बेहतर तालमेल महत्वपूर्ण होता जा रहा है। ऐसे में सूर्य कमान की परिचालन क्षमता को लगातार मजबूत बनाए रखना महत्वपूर्ण प्राथमिकता होगी।
स्मृतिका वॉर मेमोरियल पर शहीदों को श्रद्धांजलि
कार्यभार संभालने के बाद लेफ्टिनेंट जनरल संजय मित्रा ने स्मृतिका वॉर मेमोरियल, लखनऊ पहुंचकर देश की रक्षा में सर्वोच्च बलिदान देने वाले वीर सैनिकों को श्रद्धांजलि दी।
उन्होंने वीर जवानों के साहस, कर्तव्यनिष्ठा और राष्ट्र के प्रति समर्पण को सम्मान दिया। इसके बाद आयोजित सैन्य समारोह में उन्होंने गार्ड ऑफ ऑनर का निरीक्षण किया।
लेफ्टिनेंट जनरल संजय मित्रा का सैन्य करियर
लेफ्टिनेंट जनरल संजय मित्रा को 10 जून 1989 को भारतीय सैन्य अकादमी (IMA) से ग्रेनेडियर्स रेजिमेंट में कमीशन मिला था। तीन दशक से अधिक लंबे सैन्य करियर में उन्होंने कमांड और स्टाफ से जुड़े कई महत्वपूर्ण पदों पर सेवाएं दी हैं।
उन्होंने इन्फैंट्री बटालियन, इन्फैंट्री ब्रिगेड और इन्फैंट्री डिवीजन की कमान संभाली। इसके अलावा उन्होंने विभिन्न सैन्य प्रशिक्षण एवं रणनीतिक संस्थानों में भी महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाईं।
कमांडो स्कूल और DSSC में निभाई जिम्मेदारी
लेफ्टिनेंट जनरल संजय मित्रा ने कमांडो स्कूल, बेलगाम में इंस्ट्रक्टर के रूप में सेवाएं दीं। इसके बाद वे डिफेंस सर्विसेज स्टाफ कॉलेज (DSSC), वेलिंगटन में चीफ इंस्ट्रक्टर (आर्मी) के पद पर रहे।
उनके अनुभव में नेशनल सिक्योरिटी गार्ड (NSG) में स्क्वाड्रन कमांडर और आर्मी वॉर कॉलेज की फैकल्टी ऑफ स्टडीज में कर्नल जनरल स्टाफ की जिम्मेदारी भी शामिल है।
1 कोर के GOC रह चुके हैं संजय मित्रा
लेफ्टिनेंट जनरल के पद पर पदोन्नति के बाद उन्होंने 9 जून 2023 को 1 कोर के जनरल ऑफिसर कमांडिंग (GOC) का पद संभाला। उन्होंने 17 जून 2025 तक 1 कोर की कमान संभाली।
इसके बाद उन्होंने आर्मी हेडक्वार्टर में डायरेक्टर जनरल ऑफ ऑपरेशनल लॉजिस्टिक्स एंड स्ट्रैटेजिक मूवमेंट के रूप में कार्य किया। इस जिम्मेदारी के दौरान उनका कार्यक्षेत्र ऑपरेशनल लॉजिस्टिक्स और रणनीतिक सैन्य आवागमन से जुड़े महत्वपूर्ण पहलुओं से संबंधित रहा।
सूर्य कमान के सैन्यकर्मियों और परिवारों को शुभकामनाएं
सूर्य कमान के GOC-in-C का पदभार संभालने के अवसर पर लेफ्टिनेंट जनरल संजय मित्रा ने कमान के सभी रैंकों के सैन्यकर्मियों के साथ-साथ वीर नारियों, पूर्व सैनिकों, रक्षा नागरिक कर्मचारियों और उनके परिवारों को बधाई एवं शुभकामनाएं दीं।
उन्होंने सूर्य कमान की परिचालन तैयारियों को मजबूत बनाए रखने, रणनीतिक प्रतिक्रिया क्षमता बढ़ाने और मल्टी-डोमेन सैन्य क्षमताओं को विकसित करने के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।
क्यों महत्वपूर्ण है सूर्य कमान का नेतृत्व?
सूर्य कमान का मुख्यालय लखनऊ में है और यह भारतीय सेना की महत्वपूर्ण कमान संरचनाओं में शामिल है। इसके GOC-in-C के रूप में लेफ्टिनेंट जनरल संजय मित्रा के सामने परिचालन तैयारियों, सैन्य प्रशिक्षण, रणनीतिक प्रतिक्रिया और विभिन्न क्षमताओं के बीच समन्वय से जुड़ी महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां रहेंगी।
उनका इन्फैंट्री कमांड, 1 कोर, सैन्य प्रशिक्षण और सेना मुख्यालय में ऑपरेशनल लॉजिस्टिक्स से जुड़ा अनुभव इस नई जिम्मेदारी के संदर्भ में महत्वपूर्ण है।
निष्कर्ष
लेफ्टिनेंट जनरल संजय मित्रा ने 1 अक्टूबर 2026 को सूर्य कमान के GOC-in-C के रूप में कार्यभार संभाल लिया है। पदभार ग्रहण करने के बाद उन्होंने लखनऊ के स्मृतिका वॉर मेमोरियल पर शहीद सैनिकों को श्रद्धांजलि दी और गार्ड ऑफ ऑनर का निरीक्षण किया।
नए आर्मी कमांडर ने ऑपरेशनल रेडीनेस, रणनीतिक प्रतिक्रिया क्षमता और मल्टी-डोमेन सैन्य क्षमताओं को मजबूत बनाए रखने पर जोर दिया। तीन दशक से अधिक के सैन्य अनुभव के साथ सूर्य कमान की नई जिम्मेदारी उनके सैन्य करियर का महत्वपूर्ण चरण है।
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