सही फिटिंग वाली ब्रा पहनना सिर्फ अच्छे लुक के लिए ही नहीं, बल्कि आराम के लिए भी जरूरी है। कई बार महिलाएं बिना अपना सही साइज जाने ब्रा खरीद लेती हैं। बहुत टाइट या ढीली ब्रा पहनने से कंधों और पीठ में दर्द, त्वचा पर लाल निशान और असहजता जैसी परेशानियां हो सकती हैं। ऐसे में घर पर ही इंची टेप की मदद से अपना सही साइज नापा जा सकता है।
सही ब्रा साइज जानने के लिए आपको मुख्य रूप से दो माप लेने होंगे—बैंड साइज और बस्ट साइज। इसके बाद दोनों के अंतर से कप साइज का अंदाजा लगाया जा सकता है।
सबसे पहले बैंड साइज नापें। इसके लिए इंची टेप को ब्रेस्ट के ठीक नीचे, यानी रिब केज के चारों ओर रखें। टेप को न तो बहुत ज्यादा कसें और न ही बहुत ढीला रखें। सामान्य तौर पर अगर माप 32 या 34 इंच आता है, तो उसे बैंड साइज के रूप में लिया जाता है। अगर माप विषम संख्या में आता है, तो कई ब्रा-साइजिंग गाइड अगले सम नंबर का इस्तेमाल करती हैं। हालांकि अलग-अलग ब्रांड के साइज में अंतर हो सकता है, इसलिए खरीदने से पहले ब्रांड का साइज चार्ट देखना जरूरी है।
अब दूसरा माप है बस्ट साइज। इंची टेप को ब्रेस्ट के सबसे उभरे हुए हिस्से के आसपास रखें। टेप को शरीर पर आराम से रखें और बहुत कसकर न खींचें। इससे आपको बस्ट का माप मिल जाएगा।
इसके बाद कप साइज का अंदाजा लगाने के लिए बस्ट साइज और बैंड साइज के बीच का अंतर देखा जाता है। उदाहरण के लिए अगर बैंड साइज 34 इंच और बस्ट साइज 36 इंच है, तो अंतर 2 इंच होगा। पारंपरिक साइजिंग में 2 इंच के अंतर को अक्सर B कप से जोड़ा जाता है, इसलिए इस उदाहरण में साइज 34B हो सकता है। लेकिन अलग-अलग ब्रांड और देशों के साइजिंग सिस्टम में कप साइज बदल सकता है।
सही साइज की ब्रा पहनने से आपको बेहतर सपोर्ट और आराम मिल सकता है। वहीं गलत फिटिंग की ब्रा से परेशानी हो सकती है। खासतौर पर बहुत टाइट ब्रा से त्वचा पर दबाव, लाल निशान और रैशेज जैसी समस्या हो सकती है। अगर ब्रा का सपोर्ट सही नहीं है, तो कंधों और ऊपरी पीठ पर भी अतिरिक्त दबाव महसूस हो सकता है।
बहुत टाइट ब्रा पहनने पर कुछ लोगों को सीने के आसपास दबाव या सांस लेने में असहजता महसूस हो सकती है। इसलिए अगर ब्रा पहनने के बाद लगातार दर्द, सुन्नपन, त्वचा पर चोट या सांस लेने में परेशानी हो, तो उसे पहनना बंद करके विशेषज्ञ से सलाह लेना बेहतर है।
एक और जरूरी बात यह है कि सिर्फ टेप से निकला नंबर ही अंतिम साइज नहीं होता। ब्रांड, डिजाइन और ब्रा के मॉडल के अनुसार फिटिंग बदल सकती है। इसलिए ब्रा खरीदते समय बैंड आराम से फिट हो, कप में ब्रेस्ट बाहर न निकले और स्ट्रैप कंधे में न धंसे—इन बातों पर भी ध्यान देना चाहिए। जरूरत पड़ने पर अलग-अलग साइज ट्राई करके सबसे आरामदायक फिट चुना जा सकता है।
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