Sunday, October 4, 2026
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लखनऊ धर्म संसद में VHRP के 12 बड़े प्रस्ताव: मथुरा कृष्ण जन्मभूमि मंदिर निर्माण के लिए देशव्यापी अभियान, 6 दिसंबर को शौर्य दिवस

लखनऊ। राजधानी लखनऊ में आयोजित विश्व हिंदू रक्षा परिषद (VHRP) की धर्म संसद में मथुरा स्थित श्रीकृष्ण जन्मभूमि पर भव्य मंदिर निर्माण समेत कुल 12 महत्वपूर्ण प्रस्ताव पारित किए गए। धर्म संसद में संगठन ने मथुरा मंदिर निर्माण के समर्थन में देशव्यापी जनजागरण अभियान चलाने और 6 दिसंबर को मथुरा में ‘शौर्य दिवस’ मनाने की घोषणा की।

धर्म संसद में भाजपा के राज्यसभा सांसद एवं पूर्व आईपीएस अधिकारी बृजलाल भी पहुंचे। उन्होंने भी अपने संबोधन में मथुरा में भगवान श्रीकृष्ण के भव्य मंदिर निर्माण के समर्थन में विचार रखे। बैठक में धार्मिक, सामाजिक, सांस्कृतिक और संगठनात्मक मुद्दों से जुड़े कई अन्य प्रस्तावों पर भी सहमति बनी।

मथुरा कृष्ण जन्मभूमि मंदिर निर्माण बना धर्म संसद का प्रमुख मुद्दा

विश्व हिंदू रक्षा परिषद की धर्म संसद में मथुरा कृष्ण जन्मभूमि मंदिर निर्माण का मुद्दा सबसे प्रमुख रहा। संगठन के दूसरे प्रस्ताव के अनुसार, मंदिर निर्माण के समर्थन में 5 नवंबर से 5 दिसंबर तक देशभर में जनजागरण अभियान चलाया जाएगा।

VHRP के मुताबिक, इस अभियान के जरिए लोगों से मथुरा पहुंचने का आह्वान किया जाएगा। संगठन ने कहा है कि 6 दिसंबर को बड़ी संख्या में उसके कार्यकर्ता मथुरा पहुंचेंगे और ‘शौर्य दिवस’ मनाएंगे।

मथुरा स्थित श्रीकृष्ण जन्मभूमि-शाही ईदगाह परिसर से संबंधित विवाद न्यायिक प्रक्रिया का विषय है। ऐसे में संगठन की ओर से घोषित किसी भी कार्यक्रम को कानून-व्यवस्था और न्यायिक प्रक्रिया के अनुरूप ही संचालित किया जाना होगा।

‘बृज स्वाभिमान अभियान’ के जरिए मथुरा मुद्दे पर जनजागरण

धर्म संसद के तीसरे प्रस्ताव में ‘बृज स्वाभिमान अभियान’ शुरू करने की घोषणा की गई। VHRP का कहना है कि इस अभियान के माध्यम से मथुरा के धार्मिक एवं ऐतिहासिक महत्व को लेकर लोगों को जागरूक किया जाएगा और संगठन की मांगों को संबंधित पक्षों तक पहुंचाया जाएगा।

संगठन ने मथुरा स्थित विवादित धार्मिक स्थल को लेकर अपनी आपत्ति भी दर्ज कराई है। यह संगठन का पक्ष है और इससे संबंधित विवाद का अंतिम निर्धारण न्यायिक प्रक्रिया के अधीन है।

राजनीतिक दलों के खिलाफ भी आंदोलन की तैयारी

धर्म संसद में पारित चौथे प्रस्ताव के अनुसार, VHRP उन राजनीतिक दलों के खिलाफ भी आंदोलन करेगा जिन्हें संगठन कृष्ण जन्मभूमि पर मंदिर निर्माण की मांग का विरोधी मानता है।

इसके लिए ‘नारायणी सेवा वाहिनी’ गठित करने का प्रस्ताव पारित किया गया है। संगठन के अनुसार, यह इकाई संबंधित राजनीतिक दलों के कार्यालयों के बाहर प्रदर्शन और जनजागरण कार्यक्रम आयोजित करेगी।

धर्मांतरण रोकने के लिए देशभर में कॉल सेंटर

पांचवें प्रस्ताव में धर्मांतरण के खिलाफ अभियान को विस्तार देने का निर्णय लिया गया। संगठन ने विभिन्न राज्यों में ‘एंटी धर्मांतरण कॉल सेंटर’ स्थापित करने का प्रस्ताव पारित किया है।

VHRP के अनुसार, इन कॉल सेंटरों के माध्यम से लोगों को जागरूक करने और धर्मांतरण से जुड़े मामलों की जानकारी प्राप्त करने की व्यवस्था विकसित की जाएगी।

उत्तर प्रदेश के हर जिले में ‘एंटी रोमियो एस्कॉर्ट’ का प्रस्ताव

छठे प्रस्ताव में उत्तर प्रदेश के प्रत्येक जिले में ‘एंटी रोमियो एस्कॉर्ट’ गठित करने की बात कही गई है। संगठन का कहना है कि यह पहल महिलाओं और युवतियों की सुरक्षा तथा संगठन द्वारा ‘लव जिहाद’ के रूप में वर्णित मामलों को लेकर जागरूकता और रोकथाम के लिए काम करेगी।

‘विश्व सनातन संसद’ के गठन का निर्णय

धर्म संसद के सातवें प्रस्ताव में ‘विश्व सनातन संसद’ के गठन पर सहमति बनी। संगठन के मुताबिक, इसके जरिए सनातन धर्म से जुड़े सामाजिक, सांस्कृतिक और धार्मिक मुद्दों पर व्यापक स्तर पर संवाद और गतिविधियों को आगे बढ़ाया जाएगा।

‘कृष्णभूमि–ब्रज संरक्षण अभियान’ की शुरुआत

आठवें प्रस्ताव में ‘कृष्णभूमि–ब्रज संरक्षण अभियान’ चलाने का निर्णय लिया गया। इसके तहत मथुरा, वृंदावन और पूरे ब्रज क्षेत्र की धार्मिक, सांस्कृतिक, ऐतिहासिक एवं प्राकृतिक विरासत के संरक्षण और संवर्धन के लिए लोगों को जागरूक करने की योजना है।

संगठन का कहना है कि ब्रज की विरासत को संरक्षित करने के लिए जनभागीदारी बढ़ाना इस अभियान का प्रमुख उद्देश्य होगा।

मंदिरों के आसपास मांस-मदिरा की दुकानों के खिलाफ अभियान

नौवें प्रस्ताव में धार्मिक स्थलों की पवित्रता बनाए रखने को लेकर अभियान चलाने की घोषणा की गई। संगठन के अनुसार, मंदिर परिसरों और उनके आसपास मांस एवं मदिरा की दुकानों को बंद कराने की मांग को लेकर आंदोलन किया जाएगा।

एक करोड़ Gen Z युवाओं को जोड़ने का लक्ष्य

दसवें प्रस्ताव में ‘सनातन युवा सेवा अभियान’ के जरिए देशभर में एक करोड़ Gen Z युवाओं को जोड़ने का लक्ष्य रखा गया।

संगठन के मुताबिक, युवाओं को सामाजिक सेवा, सांस्कृतिक गतिविधियों और जागरूकता अभियानों से जोड़ने के लिए इस अभियान का विस्तार किया जाएगा।

नवरात्र में ‘दुर्गा शक्ति स्वरूपा अभियान’

ग्यारहवें प्रस्ताव के तहत नवरात्र के दौरान ‘दुर्गा शक्ति स्वरूपा अभियान’ शुरू करने का निर्णय लिया गया। इसके अंतर्गत महिलाओं और युवतियों के लिए मंडल स्तर पर सुरक्षा एवं आत्मरक्षा प्रशिक्षण शिविर आयोजित किए जाएंगे।

संगठन के अनुसार, इन शिविरों में महिलाओं को मार्शल आर्ट और आत्मरक्षा तकनीकों की ट्रेनिंग देने के साथ सुरक्षा के प्रति जागरूक किया जाएगा।

UCC के समर्थन में घर-घर दस्तक और हस्ताक्षर अभियान

धर्म संसद के 12वें प्रस्ताव में समान नागरिक संहिता (Uniform Civil Code-UCC) के समर्थन में देशव्यापी जनसंपर्क अभियान चलाने का निर्णय लिया गया।

VHRP के अनुसार, संगठन के कार्यकर्ता ‘घर-घर दस्तक’ अभियान के जरिए लोगों से संपर्क करेंगे और UCC के समर्थन में हस्ताक्षर अभियान चलाएंगे।

गोपाल राय को फिर मिली अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष की जिम्मेदारी

धर्म संसद के पहले प्रस्ताव में गोपाल राय को विश्व हिंदू रक्षा परिषद के अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष की जिम्मेदारी दोबारा सौंपने का निर्णय लिया गया।

संगठन ने उनके नेतृत्व में आगामी सामाजिक, धार्मिक और जनजागरण अभियानों को आगे बढ़ाने की बात कही है।

लखनऊ धर्म संसद के 12 प्रस्तावों में क्या-क्या शामिल?

धर्म संसद में पारित प्रस्तावों में मथुरा कृष्ण जन्मभूमि मंदिर निर्माण, 6 दिसंबर को शौर्य दिवस, बृज स्वाभिमान अभियान, नारायणी सेवा वाहिनी, धर्मांतरण विरोधी कॉल सेंटर, एंटी रोमियो एस्कॉर्ट, विश्व सनातन संसद, कृष्णभूमि–ब्रज संरक्षण अभियान, धार्मिक स्थलों के आसपास मांस-मदिरा की दुकानों के खिलाफ अभियान, सनातन युवा सेवा अभियान, दुर्गा शक्ति स्वरूपा अभियान और UCC समर्थन अभियान प्रमुख रहे।

VHRP का कहना है कि इन प्रस्तावों को लागू करने के लिए आने वाले समय में अलग-अलग स्तर पर कार्यक्रम और अभियान चलाए जाएंगे।

मथुरा मुद्दे पर आगे बढ़ेगा संगठन

लखनऊ में हुई धर्म संसद के बाद मथुरा कृष्ण जन्मभूमि मंदिर निर्माण का मुद्दा एक बार फिर संगठन के प्रमुख अभियानों में शामिल हो गया है। 5 नवंबर से 5 दिसंबर तक प्रस्तावित देशव्यापी अभियान और 6 दिसंबर के मथुरा कार्यक्रम पर अब संगठन की आगामी गतिविधियों पर नजर रहेगी।

महत्वपूर्ण: मथुरा कृष्ण जन्मभूमि-शाही ईदगाह से संबंधित विवाद न्यायिक प्रक्रिया का विषय है। इस खबर में संगठन की ओर से धर्म संसद में पारित प्रस्तावों और की गई घोषणाओं को उसी संदर्भ में प्रस्तुत किया गया है।

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