प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सार्वजनिक शासन में 25 वर्ष पूरे करने के मौके पर उन्हें बधाई देने वाले कई अंतरराष्ट्रीय नेताओं का आभार जताया है। बुधवार को प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अलग-अलग देशों के नेताओं के बधाई संदेशों का जवाब देते हुए भारत के साथ उनके देशों के संबंधों और भविष्य के सहयोग को लेकर अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। इन संदेशों में नाइजीरिया, भूटान, फिलीपींस और बेल्जियम समेत कई देशों के नेताओं की शुभकामनाएं शामिल थीं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का सार्वजनिक नेतृत्व का यह सफर 7 अक्टूबर 2001 से शुरू हुआ था, जब उन्होंने पहली बार गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में पदभार संभाला था। इसके बाद वह लगातार सार्वजनिक जीवन और शासन में सक्रिय रहे। गुजरात के मुख्यमंत्री के तौर पर लंबे समय तक काम करने के बाद उन्होंने 2014 में देश के प्रधानमंत्री के रूप में जिम्मेदारी संभाली और इसके बाद लगातार राष्ट्रीय राजनीति के केंद्र में रहे।
नाइजीरिया के राष्ट्रपति बोला अहमद टिनुबू ने प्रधानमंत्री मोदी को 25 वर्षों की सार्वजनिक सेवा पूरी करने पर बधाई दी। नाइजीरियाई नेतृत्व की ओर से इसे एक महत्वपूर्ण और दुर्लभ उपलब्धि के तौर पर देखा गया। इसके जवाब में प्रधानमंत्री मोदी ने दोनों देशों के बीच मजबूत संबंधों और ग्लोबल साउथ में साझा भूमिका पर जोर दिया।
पीएम मोदी ने राष्ट्रपति टिनुबू का धन्यवाद करते हुए कहा कि भारत और नाइजीरिया करीबी साझेदार हैं और ग्लोबल साउथ की प्रमुख आवाजों में शामिल हैं। उन्होंने कहा कि वह दोनों देशों की रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने तथा एक अधिक समावेशी, समृद्ध और शांतिपूर्ण दुनिया के साझा विजन को आगे बढ़ाने के लिए सहयोग जारी रखने को लेकर उत्सुक हैं।
प्रधानमंत्री ने अन्य देशों के नेताओं की ओर से मिले शुभकामना संदेशों का भी जवाब दिया। उनके जवाबों में केवल व्यक्तिगत आभार नहीं था, बल्कि संबंधित देशों के साथ भारत के द्विपक्षीय संबंधों और भविष्य के सहयोग को लेकर भी संदेश दिया गया। पीएम मोदी ने इस दौरान ग्लोबल साउथ की प्राथमिकताओं, विकास और आपसी साझेदारी को मजबूत करने पर जोर दिया।
जापान की ओर से भी प्रधानमंत्री मोदी के लंबे सार्वजनिक जीवन को लेकर बधाई संदेश आया। जापान की ओर से उनके नेतृत्व और सार्वजनिक जीवन में लंबी सेवा की सराहना की गई। बधाई संदेशों में प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व को अलग-अलग सांस्कृतिक और ऐतिहासिक संदर्भों से जोड़कर भी देखा गया, जिसके बाद यह मामला सोशल मीडिया पर चर्चा में रहा।
भूटान, फिलीपींस और बेल्जियम समेत अन्य देशों के नेताओं ने भी प्रधानमंत्री मोदी को 25 वर्ष की सार्वजनिक सेवा पूरी करने पर शुभकामनाएं दीं। प्रधानमंत्री ने सभी नेताओं का धन्यवाद करते हुए भारत और संबंधित देशों के बीच संबंधों को और मजबूत करने की इच्छा जताई। उन्होंने कहा कि भारत अपने साझेदार देशों के साथ मिलकर वैश्विक चुनौतियों का समाधान तलाशने और सहयोग को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है।
प्रधानमंत्री मोदी के सार्वजनिक जीवन के 25 वर्ष पूरे होने का यह अवसर भारत की विदेश नीति के लिहाज से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। पिछले वर्षों में भारत ने ग्लोबल साउथ के देशों के साथ सहयोग बढ़ाने, विकास और क्षमता निर्माण से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता देने और विभिन्न देशों के साथ रणनीतिक साझेदारियां मजबूत करने पर जोर दिया है।
इस पूरे घटनाक्रम में खास बात यह रही कि प्रधानमंत्री ने विदेशी नेताओं की बधाई को केवल औपचारिक धन्यवाद तक सीमित नहीं रखा। उन्होंने अपने जवाबों में भारत के द्विपक्षीय संबंधों, रणनीतिक साझेदारियों और ग्लोबल साउथ के साथ सहयोग को आगे बढ़ाने की प्रतिबद्धता दोहराई। अलग-अलग देशों से आए संदेशों ने प्रधानमंत्री मोदी के 25 वर्षों के सार्वजनिक जीवन को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मिले ध्यान को भी सामने रखा है।
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