Friday, October 9, 2026
Homeसंपादकीयशारदीय नवरात्रि 2026: तारीख, घटस्थापना मुहूर्त, पूजा कैलेंडर और लखनऊ के विशेष...

शारदीय नवरात्रि 2026: तारीख, घटस्थापना मुहूर्त, पूजा कैलेंडर और लखनऊ के विशेष आयोजन

शारदीय नवरात्रि 2026 का शुभारंभ 11 अक्टूबर, रविवार से होगा। नौ दिनों तक चलने वाले इस प्रमुख हिंदू पर्व में मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की पूजा-अर्चना की जाएगी। घरों और मंदिरों में घटस्थापना, दुर्गा सप्तशती का पाठ, भजन-कीर्तन, व्रत और कन्या पूजन जैसे धार्मिक अनुष्ठान होंगे। नवरात्रि के समापन के साथ 20 अक्टूबर को विजयादशमी यानी दशहरा मनाया जाएगा।

नवरात्रि केवल धार्मिक आस्था का पर्व नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति, शक्ति उपासना, सामाजिक एकजुटता और नारी सम्मान का भी प्रतीक है। उत्तर प्रदेश सहित देश के विभिन्न हिस्सों में मंदिरों की सजावट, दुर्गा पूजा पंडालों, गरबा-डांडिया आयोजनों और धार्मिक कार्यक्रमों को लेकर विशेष उत्साह देखने को मिलेगा।

शारदीय नवरात्रि 2026: तारीख और पूजा का शुभ मुहूर्त

11 अक्टूबर नवरात्रि का पहला दिन

रविवार, प्रतिपदा तिथि

घटस्थापना और मां शैलपुत्री की पूजा

घटस्थापना का सामान्य संदर्भ मुहूर्त

सुबह 6:19 से 10:12 बजे तक

दिल्ली के पंचांग के अनुसार; स्थानीय मुहूर्त अलग हो सकता है।

अभिजीत मुहूर्त

सुबह 11:44 से दोपहर 12:31 बजे तक

दिल्ली के पंचांग के अनुसार।

विजयादशमी / दशहरा

20 अक्टूबर, मंगलवार

लखनऊ और उत्तर प्रदेश के श्रद्धालु ध्यान दें: घटस्थापना के लिए दिल्ली का मुहूर्त ज्यों का त्यों लागू न मानें। लखनऊ के लिए उपलब्ध पंचांग में सुबह 6:04 से 8:23 बजे तक घटस्थापना का समय दिया गया है। पूजा करने से पहले स्थानीय पंचांग या योग्य पुरोहित से समय की पुष्टि करना उचित रहेगा।

तिथि को लेकर भ्रम क्यों है? आश्विन शुक्ल प्रतिपदा तिथि 10 अक्टूबर की रात से शुरू होकर 11 अक्टूबर की रात तक रहेगी। इसलिए प्रतिपदा तिथि शनिवार रात को लगने के बावजूद नवरात्रि का मुख्य आरंभ और घटस्थापना 11 अक्टूबर को होगी।

नवरात्रि 2026 का दिनवार कैलेंडर: किस दिन होगी किस देवी की पूजा?

तिथियां लखनऊ के उपलब्ध नवरात्रि पंचांग के आधार पर दी गई हैं। अष्टमी, नवमी और कुछ अनुष्ठानों के स्थानीय निर्धारण में परंपरा के अनुसार अंतर संभव है।

तारीख

दिन

पूजा एवं प्रमुख अनुष्ठान

11 अक्टूबर

रविवार

घटस्थापना, मां शैलपुत्री

12 अक्टूबर

सोमवार

मां ब्रह्मचारिणी

13 अक्टूबर

मंगलवार

मां चंद्रघंटा

14 अक्टूबर

बुधवार

मां कूष्मांडा

15 अक्टूबर

गुरुवार

मां स्कंदमाता

16 अक्टूबर

शुक्रवार

मां कात्यायनी, सरस्वती आवाहन

17 अक्टूबर

शनिवार

मां कालरात्रि, सरस्वती पूजा

18 अक्टूबर

रविवार

नवरात्रि का आठवां दिन; स्थानीय पंचांग के अनुसार अनुष्ठान

19 अक्टूबर

सोमवार

दुर्गा अष्टमी, मां महागौरी, महानवमी संबंधी अनुष्ठान

20 अक्टूबर

मंगलवार

विजयादशमी, दशहरा, दुर्गा विसर्जन

विशेष ध्यान दें: 2026 में नवरात्रि के अंतिम दिनों में अष्टमी और नवमी के अनुष्ठानों का निर्धारण पंचांग और क्षेत्रीय परंपरा के अनुसार किया जाना चाहिए। इसलिए व्रत, हवन, कन्या पूजन और पारण की तारीख तय करने से पहले स्थानीय पंचांग देखना उपयोगी होगा।

नवरात्रि 2026 में लखनऊ के प्रमुख आकर्षण और विशेष आयोजन

Lucknow's Durga Puja: Latouche Road Society's Kumbh Mela Theme

1. ला टच रोड दुर्गा पूजा: बंगाली परंपरा की झलक

लखनऊ में ला टच रोड पूजा संसद सोसायटी का आयोजन 15 से 21 अक्टूबर तक प्रस्तावित है। इस वर्ष पंडाल की थीम पारंपरिक बंगाली संपन्न परिवार के आवास और ठाकुर दलान की शैली पर आधारित होगी। सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ भोग और हस्तशिल्प के स्टॉल भी आकर्षण का हिस्सा होंगे।

Bengali Club & Youngmen’s Association

2. बंगाली क्लब: उत्तम कुमार को विशेष श्रद्धांजलि

बंगाली क्लब एंड यंगमेन एसोसिएशन का 112वां दुर्गा पूजा आयोजन 16 से 20 अक्टूबर तक होगा। इस बार महान बंगाली अभिनेता उत्तम कुमार की जन्मशताब्दी के अवसर पर उनकी फिल्मों और सांस्कृतिक विरासत को समर्पित विशेष प्रस्तुतियों की योजना है।

A migrant from Kolkata started the trend of theme puja in Lucknow | Hindustan Times

3. मॉडल हाउस: अक्षरधाम मंदिर की प्रतिकृति

मित्रो संघो दुर्गा पूजा समिति की ओर से 17 से 20 अक्टूबर तक मॉडल हाउस में आयोजन प्रस्तावित है। यहां गुजरात के अक्षरधाम मंदिर से प्रेरित पंडाल, मां दुर्गा की प्रतिमा और विभिन्न सांस्कृतिक गतिविधियां श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र रहेंगी।

इन आयोजनों की यात्रा करने से पहले आयोजनसमितियों से प्रवेश, कार्यक्रम के समय, भोग वितरण और यातायात संबंधी जानकारी की पुष्टि कर लेना बेहतर रहेगा।

घटस्थापना की पूजा विधि: घर पर कैसे करें मां दुर्गा का आह्वान?

Shardiya Navratri 2025 Ghatasthapana Muhurat: शारदीय नवरात्रि आरंभ, जानें घटस्थापना का शुभ मुहूर्त, पूजन सामग्री लिस्ट और पूजा विधि
Navratri Puja Vidhi at Home – Step-by-Step Guide for a Divine Celebrat – Art of Puja
नवरात्रि में इसलिए बोई जाती है जौ, इसके उगने से मिलते हैं भविष्य के शुभ संकेत | why Jau is sown during Navratri know significance
नवरात्रि के पहले दिन घटस्थापना के साथ देवी शक्ति की उपासना आरंभ होती है। सामान्य रूप से पूजा की प्रक्रिया में इन बातों का ध्यान रखा जाता है:
  1. पूजा स्थल की सफाई: घर के मंदिर या निर्धारित स्थान को स्वच्छ करके मां दुर्गा की प्रतिमा अथवा तस्वीर स्थापित करें।

  2. संकल्प: स्नान के बाद स्वच्छ वस्त्र पहनकर श्रद्धा के साथ पूजा और व्रत का संकल्प लें।

  3. कलश स्थापना: परंपरा के अनुसार जल, आम के पत्ते, नारियल और अन्य पूजन सामग्री से कलश स्थापित करें।

  4. जौ बोना: मिट्टी के पात्र में जौ बोने की परंपरा का पालन किया जा सकता है।

  5. देवी पूजन: मां शैलपुत्री को पुष्प, अक्षत, धूप, दीप और नैवेद्य अर्पित करें।

  6. पाठ और आरती: दुर्गा चालीसा, दुर्गा सप्तशती या अपनी पारिवारिक परंपरा के अनुसार मंत्रों का पाठ और आरती करें।

पूजा सामग्री और विधि में परिवारों तथा क्षेत्रीय परंपराओं के अनुसार अंतर हो सकता है। विधिवत घटस्थापना के लिए स्थानीय पुरोहित के निर्देशों का पालन किया जा सकता है।

नवरात्रि का धार्मिक और सामाजिक महत्व

नवरात्रि का मूल संदेश शक्ति, साहस, संयम और सकारात्मकता से जुड़ा है। मां दुर्गा के नौ स्वरूप जीवन के विभिन्न गुणों का प्रतीक माने जाते हैं। यह पर्व भक्तों को आत्मअनुशासन, सेवा, करुणा और अपने कर्तव्यों के प्रति सजग रहने की प्रेरणा देता है।

नवरात्रि के दौरान व्रत रखने वाले श्रद्धालु अपनी आस्था और स्वास्थ्य के अनुरूप खानपान का ध्यान रखते हैं। मंदिरों में दर्शन, भजन-कीर्तन, सामूहिक आरती और धार्मिक आयोजनों के माध्यम से समुदाय के लोग एक-दूसरे से जुड़ते हैं।

कन्या पूजन की परंपरा इस पर्व में विशेष स्थान रखती है। इसका व्यापक सामाजिक संदेश बालिकाओं के प्रति सम्मान, सुरक्षा, शिक्षा और समान अवसरों की प्रतिबद्धता को मजबूत करना भी है।

त्योहार के दौरान श्रद्धालु इन बातों का रखें ध्यान

  • मंदिरों और दुर्गा पूजा पंडालों में भीड़ को देखते हुए बच्चों और बुजुर्गों के साथ विशेष सावधानी बरतें।

  • यातायात प्रतिबंध और पार्किंग व्यवस्था की जानकारी लेकर ही प्रमुख पंडालों की यात्रा करें।

  • पूजा स्थलों पर अग्नि सुरक्षा, बिजली के तारों और सजावटी लाइटों के आसपास सतर्क रहें।

  • व्रत के दौरान पर्याप्त पानी पिएं और अपनी शारीरिक क्षमता के अनुसार आहार लें।

  • सार्वजनिक स्थानों पर स्वच्छता बनाए रखें और पूजा सामग्री का निस्तारण निर्धारित स्थान पर करें।

निष्कर्ष: आस्था, संस्कृति और सामाजिक एकता का पर्व है नवरात्रि

शारदीय नवरात्रि 2026 देशभर में भक्ति और उत्सव का वातावरण लेकर आएगी। 11 अक्टूबर को घटस्थापना के साथ शुरू होने वाले नौ दिवसीय पर्व में मां दुर्गा की आराधना, धार्मिक अनुष्ठान और सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रमुख आकर्षण रहेंगे। लखनऊ में बंगाली दुर्गा पूजा की ऐतिहासिक परंपराओं से लेकर आकर्षक थीम वाले पंडालों तक, श्रद्धालुओं को विविध सांस्कृतिक अनुभव मिलेंगे।

नवरात्रि की सार्थकता केवल पूजा-पाठ तक सीमित नहीं है। यह पर्व समाज में नारी सम्मान, सेवा, सद्भाव और सकारात्मक बदलाव के संकल्प को भी मजबूत करने का अवसर है।

Loading

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -spot_img

Most Popular

Recent Comments

error: Content is protected !!
🔴
संयुक्त उद्योग व्यापार मंडल की बैठक लखनऊ गोमती नगर में सम्पन्न हुई • गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर आम आदमी पार्टी की तिरंगा पदयात्रा • डॉ. नेहा सोलंकी को मिला गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड प्रमाणपत्र