Saturday, October 10, 2026
Homeताजा खबरयूएन में पाकिस्तान को भारत की दो टूक, परमाणु धमकी के आगे...

यूएन में पाकिस्तान को भारत की दो टूक, परमाणु धमकी के आगे कभी नहीं झुकेंगे, आतंकवाद पर भी कड़ा संदेश

संयुक्त राष्ट्र में भारत ने पाकिस्तान को स्पष्ट संदेश देते हुए कहा है कि वह किसी भी परमाणु धमकी या दबाव के आगे नहीं झुकेगा। परमाणु हथियारों और अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर हुई चर्चा के दौरान भारत ने पाकिस्तान की बयानबाजी का जवाब देते हुए आतंकवाद के खिलाफ अपनी नीति भी साफ कर दी। भारतीय राजनयिक अनमोल शेर सिंह बेदी ने कहा कि परमाणु हथियारों को शासन चलाने का सामान्य साधन नहीं माना जाना चाहिए। उन्होंने दोहराया कि भारत शांति का समर्थक है, लेकिन देश की सुरक्षा और नागरिकों पर होने वाले आतंकी हमलों के मामले में कोई समझौता नहीं किया जाएगा।

संयुक्त राष्ट्र महासभा की प्रथम समिति की बैठक में भारत ने अपने जवाब देने के अधिकार का इस्तेमाल करते हुए पाकिस्तान की ओर से जम्मू-कश्मीर का मुद्दा उठाए जाने पर प्रतिक्रिया दी। जिनेवा स्थित निरस्त्रीकरण सम्मेलन में भारत के स्थायी मिशन के वरिष्ठ सलाहकार अनमोल शेर सिंह बेदी ने कहा कि जम्मू-कश्मीर भारत का अभिन्न और अविभाज्य अंग है। भारत ने पाकिस्तान से अपने कब्जे वाले भारतीय क्षेत्रों को खाली करने की मांग भी दोहराई।

भारतीय राजनयिक ने कहा कि भारत हमेशा शांति के पक्ष में खड़ा रहा है और सभी देशों के साथ शांतिपूर्ण संबंध चाहता है। हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि शांति बनाए रखने के लिए गैर-जिम्मेदाराना कार्रवाइयों की जवाबदेही तय होना जरूरी है। उनके अनुसार, यदि ऐसी घटनाओं के लिए जिम्मेदार लोगों को जवाबदेह नहीं ठहराया जाता, तो संकट के समय बनी शांति स्थायी समाधान के बजाय केवल अस्थायी विराम बनकर रह सकती है।

परमाणु हथियारों के मुद्दे पर भारत ने कहा कि किसी देश की मंशा का आकलन केवल उसके बयानों से नहीं, बल्कि उसके व्यवहार और आचरण से किया जाना चाहिए। बेदी ने स्पष्ट किया कि भारत की सैन्य क्षमताएं देश की सुरक्षा जरूरतों के अनुरूप विकसित की जाती हैं और उनका उद्देश्य किसी अन्य देश को निशाना बनाना नहीं है। उन्होंने कहा कि परमाणु हथियारों की धमकी देकर किसी देश पर दबाव बनाने की कोशिश स्वीकार नहीं की जा सकती।

पाकिस्तान की रणनीति पर टिप्पणी करते हुए भारतीय राजनयिक ने आरोप लगाया कि क्षेत्र में बार-बार एक जैसा घटनाक्रम देखने को मिलता है। उनके अनुसार, पहले उकसावे की कार्रवाई होती है, फिर जिम्मेदारी से बचने का प्रयास किया जाता है और जवाब मिलने के बाद संयम बरतने की अपील की जाती है। यह भारत की ओर से संयुक्त राष्ट्र में व्यक्त किया गया पक्ष था।

भारत ने अपने रुख की तीन प्रमुख बातें भी सामने रखीं। पहली, देश के खिलाफ किसी भी आतंकवादी हमले का जवाब दिया जाएगा। दूसरी, भारत परमाणु धमकी के आगे नहीं झुकेगा। तीसरी, आतंकवाद को प्रायोजित करने वालों और उसके षड्यंत्रकारियों के बीच अंतर नहीं किया जाएगा। इन बयानों के जरिए भारत ने आतंकवाद और राष्ट्रीय सुरक्षा को लेकर अपनी नीति दोहराई।

अपने वक्तव्य में भारत ने पिछले वर्ष मई में की गई कार्रवाई का भी उल्लेख किया। भारत के अनुसार, जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में 22 अप्रैल को हुए आतंकवादी हमले में 26 नागरिकों की मौत के बाद आत्मरक्षा के तहत कदम उठाया गया था। इसके जवाब में भारत ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ शुरू किया था, जिसके दौरान पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में आतंकवादी ठिकानों को निशाना बनाया गया था।

संयुक्त राष्ट्र में हुई इस चर्चा के दौरान भारत ने एक तरफ शांति और संवाद की आवश्यकता पर जोर दिया, तो दूसरी तरफ आतंकवाद और परमाणु धमकियों के मुद्दे पर अपना कड़ा रुख स्पष्ट किया। भारत का कहना है कि क्षेत्र में स्थायी शांति के लिए आतंकवाद के खिलाफ ठोस कार्रवाई और जिम्मेदार व्यवहार जरूरी है। अब इस बयान के बाद अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत और पाकिस्तान के बीच कूटनीतिक मतभेद एक बार फिर चर्चा में हैं।

Loading

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -spot_img

Most Popular

Recent Comments

error: Content is protected !!
🔴
संयुक्त उद्योग व्यापार मंडल की बैठक लखनऊ गोमती नगर में सम्पन्न हुई • गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर आम आदमी पार्टी की तिरंगा पदयात्रा • डॉ. नेहा सोलंकी को मिला गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड प्रमाणपत्र