नगर निगम एवं जलकल विभाग के कर्मचारियों की लंबित समस्याओं के समाधान को लेकर कर्मचारी संघ ने प्रशासन के समक्ष 11 प्रमुख मांगें रखीं। अपर नगर आयुक्त पंकज श्रीवास्तव की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में कैशलेस चिकित्सा सुविधा, जलकल कर्मचारियों को नगर निगम भत्ता, अस्थायी कर्मचारियों का विनियमितीकरण, बकाया डीए-बोनस, विभागीय पदोन्नति और रिक्त पदों पर नियुक्ति जैसे मुद्दे उठाए गए। अपर नगर आयुक्त ने संबंधित अधिकारियों को कर्मचारियों की लंबित समस्याओं के समाधान के लिए शीघ्र कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
लखनऊ नगर निगम कर्मचारी संघ की बैठक में उठीं 11 प्रमुख मांगें
नगर निगम एवं जलकल कर्मचारी संघ के अध्यक्ष आनन्द कुमार मिश्र ने कहा कि नगर निगम और जलकल विभाग के कर्मचारी शहर की स्वच्छता, पेयजल आपूर्ति तथा नागरिक सुविधाओं को सुचारु बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इसके बावजूद कर्मचारियों की कई सेवा संबंधी समस्याएं लंबे समय से लंबित हैं। उन्होंने इन मामलों का समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करने की आवश्यकता पर जोर दिया।
बैठक में कर्मचारी संघ ने प्रशासन से मांग की कि कर्मचारियों के हितों को ध्यान में रखते हुए लंबित प्रकरणों का नियमानुसार निस्तारण किया जाए, ताकि कर्मचारियों को राहत मिल सके और नगर निगम की सेवाएं अधिक प्रभावी ढंग से संचालित हो सकें।
कैशलेस चिकित्सा सुविधा और नगर निगम भत्ते की मांग
कर्मचारी संघ ने नगर निगम एवं जलकल विभाग के कर्मचारियों को कैशलेस चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने की मांग की। इसके साथ ही जलकल कर्मचारियों को नगर निगम कर्मचारियों की तरह 250 रुपये प्रतिमाह नगर निगम भत्ता देने का मुद्दा भी उठाया गया।
संघ का कहना है कि कर्मचारियों को आवश्यक सुविधाएं और सेवा संबंधी लाभ समय पर मिलना चाहिए। इससे कर्मचारियों का मनोबल बढ़ाने और विभागीय कार्यप्रणाली को बेहतर बनाने में मदद मिल सकती है।
अस्थायी कर्मचारियों के विनियमितीकरण और बकाया भुगतान का मुद्दा
बैठक में धारा-108 के अंतर्गत कार्यरत अस्थायी कर्मचारियों के वेतन में समानता सुनिश्चित करने तथा उनके विनियमितीकरण और स्थायीकरण की प्रक्रिया पूरी करने की मांग की गई।
इसके अतिरिक्त, अस्थायी कर्मचारियों के वर्षों से लंबित महंगाई भत्ते (डीए) और बोनस का भुगतान तत्काल कराने पर जोर दिया गया। जलकल विभाग में कार्यदायी संस्था के माध्यम से कार्यरत कंप्यूटर ऑपरेटरों को न्यूनतम 19,800 रुपये प्रतिमाह वेतन देने की मांग भी कर्मचारी संघ ने प्रशासन के समक्ष रखी।
विभागीय पदोन्नति और रिक्त पदों पर नियुक्ति की मांग
नगर निगम कर्मचारी संघ ने चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को नियमानुसार द्वितीय श्रेणी लिपिक और अन्य पात्र पदों पर विभागीय पदोन्नति का लाभ देने की मांग की। इसके साथ ही नगर निगम एवं जलकल विभाग के विभिन्न संवर्गों में रिक्त पदों पर नियुक्ति प्रक्रिया जल्द पूरी करने की अपील की गई।
संघ के अनुसार, रिक्त पदों पर नियुक्ति और पात्र कर्मचारियों को पदोन्नति का लाभ मिलने से विभागीय कार्यों के संचालन में सहायता मिल सकती है।
जलकल कर्मचारियों की पेंशन और सेवा पत्रावलियों के निस्तारण पर जोर
कर्मचारी संघ ने जलकल विभाग के कर्मचारियों को सेवानिवृत्ति के बाद पेंशन बुक समय से जारी करने की मांग की। साथ ही कर्मचारियों की व्यक्तिगत सेवा पत्रावलियों का परीक्षण और विभागीय ऑडिट निर्धारित समय में पूरा कराने पर जोर दिया गया।
संघ ने कहा कि सेवानिवृत्ति से पहले कर्मचारियों के आवश्यक दस्तावेजों और विभागीय औपचारिकताओं को पूरा करना जरूरी है, ताकि उन्हें पेंशन और अन्य देय लाभ प्राप्त करने में अनावश्यक परेशानी न हो।
नियमित कर्मचारियों के लिए आवास और भूखंड आवंटन की मांग
बैठक में नियमित कर्मचारियों की आवास संबंधी समस्या भी उठाई गई। कर्मचारी संघ ने नगर निगम की खाली पड़ी भूमि को चिह्नित कर नियमानुसार पात्र कर्मचारियों को भूखंड आवंटित करने की मांग की।
संघ ने प्रशासन से कर्मचारियों की सभी लंबित समस्याओं पर गंभीरता से विचार करने और संबंधित अधिकारियों के माध्यम से समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित करने की अपील की।
कर्मचारियों की मांगों पर सकारात्मक निर्णय की उम्मीद
अपर नगर आयुक्त पंकज श्रीवास्तव ने बैठक में संबंधित अधिकारियों को लंबित समस्याओं के समाधान के लिए शीघ्र कार्रवाई करने के निर्देश दिए। हालांकि, विभिन्न मांगों पर अंतिम निर्णय और उनके क्रियान्वयन की स्थिति संबंधित विभागीय कार्रवाई पर निर्भर करेगी।
संघ के अध्यक्ष आनन्द कुमार मिश्र और महामंत्री सैय्यद कैसर रज़ा सहित उपस्थित प्रतिनिधियों ने मांगों के समयबद्ध निस्तारण पर जोर दिया। संघ ने उम्मीद जताई कि नगर निगम प्रशासन कर्मचारियों के हितों को ध्यान में रखते हुए सकारात्मक निर्णय लेगा।
बैठक में ये कर्मचारी नेता रहे मौजूद
बैठक में संरक्षक शशि कुमार मिश्र, अध्यक्ष आनन्द कुमार मिश्र, वरिष्ठ उपाध्यक्ष सतीश सिंह, उपाध्यक्ष चंद्र मोहन, हरिशंकर पाण्डेय एवं विभा रानी यादव, महामंत्री सैय्यद कैसर रज़ा, कोषाध्यक्ष संतोष श्रीवास्तव, विधिक सलाहकार आर.पी. सिंह, मंत्री विजय कुमार श्रीवास्तव, संतोष अरुणा, संयुक्त मंत्री संजय चंद्रा, आयुष पंत, अमित सिंह, अब्दुल रशीद सहित अन्य वरिष्ठ कर्मचारी नेता उपस्थित रहे।
निष्कर्ष: लखनऊ नगर निगम और जलकल विभाग के कर्मचारियों की 11 मांगों में चिकित्सा सुविधा, वेतन, भत्ते, पदोन्नति, पेंशन, बकाया भुगतान और आवास जैसे महत्वपूर्ण विषय शामिल हैं। अब इन मांगों पर प्रशासन की आगे की कार्रवाई महत्वपूर्ण होगी।
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