छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव से एक दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई है, जहां पति-पत्नी के बीच होने वाले घरेलू विवाद का अंत एक दर्दनाक घटना में हुआ। आरोप है कि रोजमर्रा के झगड़ों से परेशान एक पति अपनी पत्नी को घूमने के बहाने मोहारा नदी के पास ले गया और वहां उसे नदी में धक्का दे दिया। पानी में डूबने से पत्नी की मौत हो गई। मामले में पुलिस ने आरोपी पति को गिरफ्तार कर लिया है। आखिर उस शाम नदी किनारे ऐसा क्या हुआ, जिसने एक परिवार की जिंदगी हमेशा के लिए बदल दी? पुलिस मामले की जांच कर रही है।
यह घटना छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव जिले के बसंतपुर थाना क्षेत्र की बताई जा रही है। पुलिस के अनुसार, आरोपी की पहचान मयूर मेश्राम उर्फ रिंकु के रूप में हुई है, जबकि मृतका का नाम नीलम बताया गया है। पुलिस का कहना है कि पति-पत्नी के बीच अक्सर छोटी-छोटी बातों को लेकर विवाद होता रहता था। प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, आरोपी इन घरेलू झगड़ों से परेशान था।
पुलिस के अनुसार, 21 अक्टूबर 2026 की शाम करीब सात बजे मयूर अपनी पत्नी नीलम को घूमने के बहाने मोहारा नदी के पास स्थित छोटी पुलिया की ओर ले गया था। शुरुआत में यह एक सामान्य सैर जैसी लग रही थी, लेकिन नदी किनारे पहुंचने के बाद दोनों के बीच एक बार फिर विवाद हो गया। आरोप है कि इसी दौरान मयूर ने नीलम को नदी में धक्का दे दिया।
मामले में सामने आई जानकारी के अनुसार, आरोपी को पता था कि उसकी पत्नी को तैरना नहीं आता। इसके बावजूद उस पर नीलम को पानी में धकेलने का आरोप है। नदी में गिरने के बाद नीलम डूबने लगी और उसकी मौत हो गई। घटना के बाद मामले की जानकारी पुलिस तक पहुंची और जांच शुरू की गई। हालांकि, घटना के दौरान वास्तव में क्या-क्या हुआ, इसकी पुष्टि जांच और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर ही होगी।
पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए आरोपी पति को गिरफ्तार कर लिया है। उसके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता यानी बीएनएस की धारा 103(1) के तहत हत्या का मामला दर्ज किए जाने की जानकारी दी गई है। अब पुलिस घटना से जुड़े सभी पहलुओं की जांच कर रही है, ताकि वारदात की परिस्थितियों और आरोपी की भूमिका को लेकर साक्ष्यों के आधार पर स्थिति स्पष्ट हो सके।
यह घटना घरेलू विवादों के गंभीर परिणामों को लेकर भी सवाल खड़े करती है। पति-पत्नी के बीच मतभेद होना एक अलग बात है, लेकिन किसी विवाद का हिंसा में बदल जाना बेहद गंभीर स्थिति है। रिश्तों में तनाव होने पर बातचीत, परिवार के भरोसेमंद सदस्यों की मदद या जरूरत पड़ने पर परामर्श लेना बेहतर विकल्प हो सकता है। किसी भी परिस्थिति में हिंसा का सहारा लेना स्वीकार्य नहीं है।
फिलहाल, राजनांदगांव पुलिस की जांच इस मामले में आगे की महत्वपूर्ण कड़ी है। आरोपी की गिरफ्तारी के बाद अब साक्ष्यों, परिस्थितियों और संबंधित बयानों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। नीलम की मौत ने एक परिवार को गहरे दुख में डाल दिया है, जबकि इस मामले में न्यायिक प्रक्रिया के जरिए ही घटना की पूरी सच्चाई सामने आएगी।
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