मुंबई के आजाद मैदान में इन दिनों एक ऐसा विवाद खड़ा हो गया है, जिसने बॉलीवुड और क्रिकेट जगत को आमने-सामने ला दिया है। मामला बॉलीवुड अभिनेता रणवीर सिंह की आगामी फिल्म ‘प्रलय’ की शूटिंग से जुड़ा है। जिस मैदान पर युवा खिलाड़ी अपने क्रिकेट करियर का सपना लेकर पसीना बहाते हैं, जहां अंडर-14 और अंडर-16 के मुकाबले खेले जाते हैं, उसी मैदान पर फिल्म की शूटिंग को लेकर अब सवाल उठने लगे हैं। आखिर ऐसा क्या हुआ कि एक फिल्म की शूटिंग के लिए बच्चों के क्रिकेट मैच तक टालने पड़े? और क्यों मुंबई क्रिकेट एसोसिएशन ने इस पूरे फैसले पर अपनी नाराजगी जाहिर की है? यह विवाद अब सिर्फ एक फिल्म की शूटिंग तक सीमित नहीं रह गया, बल्कि खेल के मैदानों के इस्तेमाल को लेकर भी बड़ी बहस शुरू हो गई है।
दरअसल, बॉलीवुड अभिनेता रणवीर सिंह की आने वाली फिल्म ‘प्रलय’ की शूटिंग इन दिनों मुंबई में चल रही है। फिल्म के निर्माता कहानी को वास्तविक लोकेशन पर फिल्माने की कोशिश कर रहे हैं। इसी सिलसिले में मुंबई के ऐतिहासिक आजाद मैदान में भी शूटिंग की अनुमति ली गई। बताया जा रहा है कि फिल्म की टीम को मैदान में लगभग छह घंटे तक शूटिंग करने की इजाजत दी गई थी। लेकिन इस शूटिंग का असर वहां होने वाली क्रिकेट गतिविधियों पर पड़ा। आजाद मैदान में नियमित रूप से युवा क्रिकेटर अभ्यास करते हैं और यहां स्कूली स्तर के कई महत्वपूर्ण मुकाबले भी आयोजित किए जाते हैं।
मामला तब गंभीर हो गया, जब शूटिंग के कारण अंडर-14 और अंडर-16 आयु वर्ग के स्कूली क्रिकेट मैचों को टालना पड़ा। इन मुकाबलों में खेलने वाले युवा खिलाड़ियों के लिए हर मैच काफी महत्वपूर्ण होता है, क्योंकि इन्हीं प्रतियोगिताओं के जरिए उन्हें अपनी प्रतिभा दिखाने और आगे बढ़ने का अवसर मिलता है। ऐसे में फिल्म की शूटिंग के लिए क्रिकेट मैचों का प्रभावित होना खेल जगत में नाराजगी की वजह बन गया। मुंबई क्रिकेट एसोसिएशन यानी एमसीए ने इस पर गंभीर आपत्ति जताई है और सवाल उठाया है कि आखिर क्रिकेट गतिविधियों के लिए इस्तेमाल होने वाले मैदान को व्यावसायिक फिल्म शूटिंग की अनुमति कैसे दी गई?
मुंबई क्रिकेट एसोसिएशन की नाराजगी का एक बड़ा कारण यह भी है कि आजाद मैदान को युवा क्रिकेटरों के लिए महत्वपूर्ण स्थान माना जाता है। यहां कई खिलाड़ी वर्षों से अभ्यास करते आ रहे हैं। छोटे स्तर से क्रिकेट शुरू करने वाले खिलाड़ियों के लिए यह मैदान अपनी प्रतिभा निखारने का एक अहम केंद्र है। ऐसे में जब किसी व्यावसायिक गतिविधि के कारण क्रिकेट मैचों का कार्यक्रम बदलना पड़े, तो खिलाड़ियों और खेल आयोजकों के सामने मुश्किलें खड़ी हो जाती हैं। एमसीए ने इस फैसले पर सवाल उठाते हुए खेल विभाग की भूमिका पर भी नाराजगी जताई है।
बताया जा रहा है कि आजाद मैदान में पहली बार किसी फिल्म की शूटिंग के लिए इस तरह की अनुमति दिए जाने का मामला सामने आया है। इसी बात ने विवाद को और बढ़ा दिया है। क्रिकेट एसोसिएशन का सवाल है कि क्या किसी खेल मैदान का इस्तेमाल व्यावसायिक मनोरंजन के लिए इस तरह किया जाना उचित है, जबकि वहां पहले से खेल प्रतियोगिताएं निर्धारित हों? क्या शूटिंग की अनुमति देने से पहले क्रिकेट मैचों के कार्यक्रम और खिलाड़ियों की सुविधाओं को ध्यान में रखा गया था? इन सवालों के जवाब अब संबंधित विभागों से मांगे जा रहे हैं।
हालांकि, फिल्म निर्माताओं की ओर से वास्तविक लोकेशन पर शूटिंग करना कोई नई बात नहीं है। फिल्मों को वास्तविक माहौल देने के लिए निर्माता अक्सर सार्वजनिक स्थानों, ऐतिहासिक इमारतों और खुले मैदानों का इस्तेमाल करते हैं। लेकिन जब किसी सार्वजनिक स्थान का इस्तेमाल पहले से तय खेल गतिविधियों को प्रभावित करने लगे, तो अनुमति देने की प्रक्रिया और प्राथमिकताओं पर सवाल उठना स्वाभाविक है। खासकर बच्चों और किशोर खिलाड़ियों से जुड़े मुकाबलों में समय और अभ्यास का काफी महत्व होता है।
इस विवाद ने एक बड़ी चर्चा को भी जन्म दे दिया है कि सार्वजनिक खेल मैदानों का पहला उद्देश्य क्या होना चाहिए? क्या ऐसे मैदानों को प्राथमिकता खेल गतिविधियों और खिलाड़ियों को मिलनी चाहिए या फिर उन्हें अन्य व्यावसायिक आयोजनों के लिए भी इस्तेमाल किया जा सकता है? मुंबई क्रिकेट एसोसिएशन की आपत्ति के बाद अब यह मामला खेल प्रेमियों के बीच चर्चा का विषय बन गया है।
फिलहाल रणवीर सिंह की फिल्म ‘प्रलय’ की शूटिंग को लेकर उठा यह विवाद मुंबई के आजाद मैदान से निकलकर खेल और मनोरंजन जगत तक पहुंच गया है। एक तरफ फिल्म निर्माता अपनी कहानी को वास्तविक लोकेशन पर फिल्माना चाहते हैं, तो दूसरी तरफ क्रिकेट से जुड़े संगठन युवा खिलाड़ियों के हितों और खेल गतिविधियों को प्राथमिकता देने की मांग कर रहे हैं। अब देखना होगा कि इस मामले में खेल विभाग क्या जवाब देता है और भविष्य में ऐसे मैदानों पर व्यावसायिक शूटिंग की अनुमति देने के लिए क्या नियम तय किए जाते हैं।
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