अफ्रीकी देश सूडान से एक दर्दनाक खबर सामने आई है। उत्तरी नील नदी प्रांत में यात्रियों से भरी एक नाव पलट जाने से कम से कम 15 लोगों की मौत हो गई। हादसे में महिलाएं और बच्चे भी शामिल हैं। स्थानीय चिकित्सकों के एक स्वतंत्र समूह ने इस घटना की पुष्टि की है।
नाव में सवार थे 27 यात्री
मिली जानकारी के अनुसार नाव में करीब 27 लोग सवार थे। अचानक संतुलन बिगड़ने के कारण नाव नदी में पलट गई और देखते ही देखते पानी में डूब गई। अब तक 15 शव बरामद किए जा चुके हैं, जबकि छह लोगों को सुरक्षित बचा लिया गया है। कुछ अन्य लोग अब भी लापता बताए जा रहे हैं।
राहत और बचाव दल स्थानीय निवासियों की मदद से तलाशी अभियान चला रहे हैं। अधिकारियों से खोज अभियान में तेजी लाने की मांग की गई है।
ओवरलोडिंग और सुरक्षा की अनदेखी बनती है कारण
विशेषज्ञों का कहना है कि सूडान सहित कई अफ्रीकी देशों में जलमार्ग परिवहन के दौरान सुरक्षा नियमों का पालन पर्याप्त रूप से नहीं किया जाता। ओवरलोड नावें और लाइफ जैकेट जैसे सुरक्षा उपकरणों की कमी ऐसे हादसों की बड़ी वजह बनती हैं।
इस क्षेत्र में पहले भी नाव दुर्घटनाओं की घटनाएं सामने आती रही हैं।
🌍 दुनिया की सबसे लंबी नदियों में से एक: नील नदी
Nile River दुनिया की सबसे लंबी नदियों में से एक मानी जाती है, जिसकी लंबाई लगभग 6,650 किलोमीटर है। यह अफ्रीका के कई देशों से होकर बहती है और अंत में Mediterranean Sea में जाकर मिलती है।
प्राचीन यूनानी इतिहासकार Herodotus ने इसे “मिस्र का वरदान” कहा था, क्योंकि प्राचीन मिस्र की सभ्यता का विकास इसी नदी के किनारे हुआ।
नील नदी की प्रमुख सहायक नदियाँ
नील नदी दो प्रमुख नदियों के संगम से बनती है:
-
White Nile (सफेद नील) – इसका स्रोत मध्य अफ्रीका की Lake Victoria को माना जाता है।
-
Blue Nile (नीली नील) – इसका स्रोत इथियोपिया की Lake Tana है।
दोनों नदियाँ सूडान की राजधानी Khartoum में मिलती हैं, जिसके बाद इसे मुख्य नील नदी कहा जाता है।
निष्कर्ष
Sudan Boat Accident ने एक बार फिर जलमार्ग सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि सुरक्षा मानकों का सख्ती से पालन किया जाए, तो ऐसी दुर्घटनाओं को रोका जा सकता है। फिलहाल राहत और बचाव कार्य जारी है और प्रशासन द्वारा स्थिति पर नजर रखी जा रही है।

