मध्य पूर्व में बढ़ते सैन्य और राजनीतिक तनाव का असर अब खेल जगत पर भी दिखाई देने लगा है। इसी बीच ईरान की राष्ट्रीय फुटबॉल टीम की आगामी विश्व कप में भागीदारी को लेकर नई चर्चा शुरू हो गई है। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के एक बयान के बाद इस मुद्दे पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बहस तेज हो गई है।
ट्रंप ने दिया न्योता, लेकिन जताई सुरक्षा चिंता
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने गुरुवार को कहा कि ईरान की राष्ट्रीय फुटबॉल टीम का अमेरिका में आयोजित होने वाले विश्व कप में स्वागत है। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि मौजूदा परिस्थितियों को देखते हुए टीम को अपनी सुरक्षा के बारे में गंभीरता से विचार करना चाहिए।
ट्रंप ने सोशल मीडिया पर जारी अपने संदेश में कहा कि ईरान की टीम विश्व कप में भाग लेने के लिए आ सकती है, लेकिन वर्तमान हालात में उनकी मौजूदगी को लेकर सुरक्षा संबंधी चिंताएं भी हैं।
क्षेत्र में बढ़ा तनाव
यह बयान ऐसे समय में सामने आया है जब अमेरिका और इजराइल द्वारा 28 फरवरी से ईरान पर किए गए हवाई हमलों के बाद क्षेत्र में तनाव काफी बढ़ गया है। इन घटनाओं के बाद क्षेत्र की राजनीतिक और सैन्य स्थिति काफी संवेदनशील बनी हुई है।
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार इन हमलों के शुरुआती दिनों में ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत की खबर भी सामने आई थी। इसके बाद देश की सत्ता उनके पुत्र मोजतबा खामेनेई के हाथों में जाने की बात कही जा रही है।
ईरान के खेल मंत्री का बयान
ईरान के खेल मंत्री अहमद दुन्यामाली ने हाल ही में कहा कि मौजूदा हालात में ईरान की टीम के लिए विश्व कप में भाग लेना मुश्किल हो सकता है। उन्होंने कहा कि जिस देश की सरकार पर उनके नेता की हत्या का आरोप है, ऐसे माहौल में वहां जाकर प्रतियोगिता खेलना कठिन फैसला होगा।
अमेरिका में होने थे मैच
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार विश्व कप के दौरान ईरान की टीम के कुछ मुकाबले अमेरिका के शहरों में खेले जाने प्रस्तावित थे। टीम को जून महीने में लॉस एंजेलिस में न्यूजीलैंड और बेल्जियम के खिलाफ मैच खेलना था, जबकि एक अन्य मैच सिएटल में मिस्र के खिलाफ निर्धारित बताया गया है।
फीफा अध्यक्ष का बयान
अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल महासंघ (FIFA) के अध्यक्ष जियानी इन्फेंटिनो ने भी हाल ही में कहा था कि अमेरिकी राष्ट्रपति ने उन्हें भरोसा दिलाया है कि ईरान की टीम का विश्व कप में स्वागत किया जाएगा।
हालांकि मौजूदा सैन्य और राजनीतिक परिस्थितियों को देखते हुए विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले समय में ईरान की टीम की भागीदारी को लेकर स्थिति और स्पष्ट हो सकती है।
![]()

