पूर्वी चीन सागर में चीन की हजारों मछली पकड़ने वाली नौकाओं के रहस्यमय जमावड़े ने अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञों और सुरक्षा एजेंसियों का ध्यान खींच लिया है। रिपोर्ट के अनुसार, लगभग 1300 से 2000 चीनी जहाज ताइवान से करीब 300 किलोमीटर उत्तर-पूर्व में समुद्र में ज्यामितीय आकृतियों में खड़े दिखाई दिए।
उपग्रह और जहाज ट्रैकिंग डेटा के विश्लेषण से पता चला है कि ये नौकाएं सीधी समानांतर लाइनों में करीब 30 घंटे तक तूफानी हवाओं के बीच अपनी स्थिति बनाए रखे हुए थीं। यह घटनाएं 25 दिसंबर 2025 और 11 जनवरी 2026 को सामने आईं।
स्वचालित पहचान प्रणाली (AIS) संकेतों से पता चला कि इन जहाजों ने अत्यंत खराब मौसम में भी समुद्र में डटे रहकर एक समन्वित पैटर्न बनाया। विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसी गतिविधि सामान्य मछली पकड़ने से जुड़ी नहीं लगती।
समुद्री मामलों के विशेषज्ञों के अनुसार यह घटना 2016 में जापान के सेनकाकू द्वीप समूह के पास इकट्ठा हुई 200-300 चीनी नौकाओं की घटना से भी कई गुना बड़ी है।
क्यूशू विश्वविद्यालय में अंतरराष्ट्रीय संबंधों की प्रोफेसर और चीनी समुद्री नीति विशेषज्ञ चिसाको मासुओ ने कहा कि उन्होंने पहले कभी इतने बड़े पैमाने पर मछली पकड़ने वाली नौकाओं का जमावड़ा नहीं देखा।
उन्होंने कहा कि इस कदम को जापान और ताइवान पर दबाव बनाने की रणनीति के रूप में देखा जा सकता है।
वहीं उपग्रह विश्लेषण कंपनी इंजीनीस्पेस के मुख्य परिचालन अधिकारी जेसन वांग ने बताया कि समुद्र में इतनी लंबी और सीधी रेखाओं में जहाजों का खड़ा होना असामान्य है।
विशेषज्ञों का मानना है कि चीन अपनी समुद्री मिलिशिया रणनीति (Maritime Militia) के तहत मछली पकड़ने वाली नौकाओं का इस्तेमाल सामरिक गतिविधियों के लिए कर सकता है।
सेंटर फॉर स्ट्रेटेजिक एंड इंटरनेशनल स्टडीज (CSIS) के एशियन मैरीटाइम ट्रांसपेरेंसी इनिशिएटिव के निदेशक ग्रेगरी पोलिंग ने कहा कि उन्होंने बंदरगाह के बाहर इतनी बड़ी संख्या में चीनी मछली पकड़ने वाली नौकाओं को पहले कभी एक साथ नहीं देखा।
विशेषज्ञों के अनुसार यह गतिविधि ताइवान के आसपास संभावित भू-राजनीतिक तनाव या भविष्य के किसी समुद्री ऑपरेशन की तैयारी का संकेत भी हो सकती है।
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