नवरात्रि का पर्व आने वाला है और इन नौ दिनों में लाखों लोग व्रत रखते हैं। व्रत के दौरान राजगिरा (रामदाना) का आटा सबसे ज्यादा इस्तेमाल होने वाले आटों में से एक है। हालांकि बाजार में मिलने वाले कई आटों में मिलावट की शिकायतें भी सामने आती रहती हैं।ऐसे में अगर आप 100% शुद्ध राजगिरा का आटा खाना चाहते हैं तो इसे घर पर बनाना सबसे अच्छा विकल्प हो सकता है। घर पर बनाया गया आटा न केवल ज्यादा शुद्ध होता है बल्कि इसकी खुशबू और स्वाद भी बेहतर होता है।आइए जानते हैं कि घर पर राजगिरा का आटा कैसे बनाया जाए और इसे लंबे समय तक कैसे स्टोर किया जाए।
राजगिरा का आटा बनाने की आसान विधि

सबसे पहले एक प्लेट में 2 कप राजगिरा के बीज लें और अच्छी तरह साफ कर लें।
अब एक नॉन-स्टिक पैन को मीडियम आंच पर गर्म करें और उसमें राजगिरा के बीज डालें।
बीजों को 5 से 7 मिनट तक हल्का भूनें ताकि उनमें अच्छी खुशबू आ जाए।
इसके बाद भुने हुए बीजों को प्लेट में निकालकर ठंडा होने दें।
जब बीज ठंडे हो जाएं, तो उन्हें मिक्सर ग्राइंडर में डालकर रुक-रुक कर पीस लें।
अब इस पिसे हुए आटे को बारीक छलनी से छान लें।
जो मोटे दाने बच जाएं, उन्हें दोबारा पीस लें।इस तरह आपका घर का बना शुद्ध राजगिरा आटा तैयार हो जाएगा।
राजगिरा आटा स्टोर करने के जरूरी टिप्सराजगिरा के आटे में प्राकृतिक तेल मौजूद होता है, इसलिए इसे सही तरीके से स्टोर करना जरूरी है।
आटे को हमेशा कांच के एयरटाइट डिब्बे में रखें।
अगर ज्यादा आटा बना लिया है, तो उसे फ्रिज में रखें, इससे यह 2–3 महीने तक ताजा रह सकता है।
आटा निकालते समय हमेशा सूखी चम्मच का इस्तेमाल करें ताकि उसमें नमी न जाए।
डिब्बे में एक तेज पत्ता डालने से कीड़े लगने का खतरा कम हो जाता है।
व्रत में क्यों फायदेमंद है राजगिरा?राजगिरा का आटा ग्लूटेन-फ्री, हाई प्रोटीन और फाइबर से भरपूर होता है। इसलिए यह व्रत के दौरान शरीर को ऊर्जा देने में मदद करता है और लंबे समय तक पेट भरा महसूस कराता है।
![]()

