उत्तर प्रदेश में 2027 विधानसभा चुनाव से पहले राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। Yogi Adityanath के नेतृत्व वाली सरकार में जल्द ही बड़ा मंत्रिमंडल विस्तार और फेरबदल हो सकता है। माना जा रहा है कि इस फेरबदल का उद्देश्य शासन व्यवस्था में सुधार और जातीय व क्षेत्रीय समीकरणों को संतुलित करना है।
सूत्रों के मुताबिक, इस संभावित फेरबदल में एक दर्जन से अधिक मंत्रियों को हटाया जा सकता है, जबकि करीब 15 नए चेहरों को मंत्रिमंडल में शामिल किया जा सकता है। यह बदलाव भाजपा की 2027 विधानसभा चुनाव की रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है।
वर्तमान में उत्तर प्रदेश सरकार में उपमुख्यमंत्री Keshav Prasad Maurya और Brajesh Pathak समेत कुल 54 मंत्री हैं। संवैधानिक नियमों के अनुसार राज्य में अधिकतम 60 मंत्री बनाए जा सकते हैं, यानी अभी भी 6 मंत्रियों की नियुक्ति की गुंजाइश है।
बताया जा रहा है कि भाजपा चुनाव से पहले संगठन और सरकार दोनों स्तर पर बदलाव कर सकती है। इससे पहले 5 मार्च 2024 को लोकसभा चुनाव से पहले मंत्रिमंडल विस्तार किया गया था, जिसमें कई नए नेताओं को मंत्रिमंडल में शामिल किया गया था।
राजनीतिक सूत्रों का कहना है कि पार्टी के अंदर दो तरह की राय चल रही है। एक पक्ष बड़ा फेरबदल चाहता है, जबकि दूसरा पक्ष सीमित फेरबदल के पक्ष में है, जिसमें मंत्रियों के विभाग बदले जा सकते हैं लेकिन उन्हें हटाया नहीं जाएगा।
माना जा रहा है कि यह पूरा फेरबदल मिशन 2027 को ध्यान में रखकर किया जा रहा है, ताकि संगठन और सरकार दोनों स्तर पर चुनावी तैयारी मजबूत की जा सके।
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