प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने केरल के पलक्कड़ में एक विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए एलडीएफ और यूडीएफ पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि केरल की जनता अब बदलाव चाहती है और भाजपा राज्य में विकास और पारदर्शिता की राजनीति लाना चाहती है।
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने भाषण में राष्ट्रीय सुरक्षा का मुद्दा उठाते हुए पश्चिम एशिया में चल रहे युद्ध का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि भारत सरकार की इस स्थिति पर लगातार नजर है और वहां रह रहे भारतीयों की सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने आश्वासन दिया कि भारत सरकार हर भारतीय की सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध है और इसके लिए लगातार अंतरराष्ट्रीय स्तर पर संपर्क बनाए हुए है।
प्रधानमंत्री ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि इस मुद्दे पर कांग्रेस के कुछ नेताओं के बयान गैर-जिम्मेदाराना हैं, जिससे देश की छवि पर असर पड़ता है। उन्होंने कहा कि देश की सुरक्षा और भारतीयों की सुरक्षा पर राजनीति नहीं होनी चाहिए।
अपने भाषण में प्रधानमंत्री ने नारीशक्ति वंदन अधिनियम का भी जिक्र किया और कहा कि भाजपा सरकार महिलाओं के नेतृत्व वाले विकास पर विश्वास करती है। उन्होंने कहा कि इस कानून के लागू होने से संसद और विधानसभा में महिलाओं की भागीदारी बढ़ेगी और देश की राजनीति में महिलाओं की भूमिका और मजबूत होगी।
केरल की आर्थिक स्थिति पर बोलते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि आज केरल पर 5 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा का कर्ज हो चुका है, जो पिछले 10 वर्षों में तीन गुना बढ़ा है। उन्होंने आरोप लगाया कि यह पैसा विकास के बजाय भ्रष्टाचार में गया। उन्होंने कहा कि जब केरल में भाजपा सरकार बनेगी तो भ्रष्टाचार करने वालों से पाई-पाई का हिसाब लिया जाएगा और जनता का पैसा वापस लाया जाएगा।
प्रधानमंत्री ने कांग्रेस और वामपंथी दलों पर ‘गुप्त गठबंधन’ का आरोप लगाते हुए कहा कि ये पार्टियां जनता को भ्रमित कर रही हैं। उन्होंने कहा कि दोनों दल भाजपा को रोकने के लिए एकजुट हैं, लेकिन जनता अब सब समझ चुकी है और आने वाले चुनाव में जवाब देगी।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भाजपा का लक्ष्य केरल का विकास, युवाओं को रोजगार, महिलाओं की सुरक्षा और भ्रष्टाचार मुक्त सरकार देना है। उन्होंने जनता से भाजपा को समर्थन देने की अपील की।
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