अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे तनाव ने अब गंभीर रूप ले लिया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा है कि यदि ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य को खोलने की समय सीमा का पालन नहीं किया, तो अगले 48 घंटे बाद उस पर बड़ा एक्शन लिया जाएगा। ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर यह बयान जारी करते हुए कहा कि समय तेजी से बीत रहा है और तय समय सीमा समाप्त होने वाली है।
दरअसल, होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया का सबसे महत्वपूर्ण तेल मार्ग माना जाता है। इस मार्ग से दुनिया की बड़ी मात्रा में कच्चा तेल और गैस की सप्लाई होती है। यदि यह मार्ग बंद होता है, तो इसका सीधा असर वैश्विक तेल बाजार और कई देशों की अर्थव्यवस्था पर पड़ सकता है। इसी वजह से अमेरिका इस मार्ग को हर हाल में खुला रखना चाहता है।
इस बीच खबर है कि ईरान ने अमेरिकी लड़ाकू विमान को मार गिराने का दावा किया है। बताया जा रहा है कि ईरान ने अमेरिकी ‘एफ-15ई स्ट्राइक ईगल’ सहित दो लड़ाकू विमानों को निशाना बनाया। इस घटना के बाद एक अमेरिकी पायलट को सुरक्षित बचा लिया गया, जबकि एक अन्य पायलट अब भी लापता बताया जा रहा है। अमेरिका ने लापता पायलट की तलाश तेज कर दी है, वहीं ईरान ने पायलट की जानकारी देने वाले को इनाम देने की घोषणा की है।
इसी दौरान इजराइल और अमेरिका ने ईरान पर मिसाइल और ड्रोन से हमले जारी रखे हैं। वहीं ईरान ने भी जवाबी कार्रवाई करते हुए ड्रोन हमले किए हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, दुबई में स्थित अमेरिकी टेक कंपनी के एक ऑफिस को भी नुकसान पहुंचा है। हालांकि इस हमले को लेकर आधिकारिक पुष्टि का इंतजार है।
अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) के अनुसार, ईरान के बुशहर परमाणु संयंत्र के पास हुए हवाई हमले में एक सुरक्षा गार्ड की मौत हो गई और एक इमारत को नुकसान पहुंचा है। युद्ध के दौरान यह चौथी बार है जब इस परमाणु संयंत्र के आसपास हमला हुआ है। इससे क्षेत्र में तनाव और बढ़ गया है।
व्हाइट हाउस और पेंटागन ने ईरान द्वारा अमेरिकी विमानों को मार गिराने के दावे पर अभी तक कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया है। लेकिन जिस तरह से अमेरिका ने 48 घंटे की चेतावनी दी है, उससे साफ है कि आने वाले समय में यह संघर्ष और तेज हो सकता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर स्थिति नहीं सुधरी, तो इसका असर पूरी दुनिया की अर्थव्यस्था, तेल की कीमतों और अंतरराष्ट्रीय व्यापार पर पड़ सकता है। फिलहाल पूरी दुनिया की नजर अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते इस तनाव पर टिकी हुई है।
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