भारत एक बड़ी रक्षा डील की तैयारी में है, जो हिंद महासागर में ताकत का संतुलन बदल सकती है। सरकार अमेरिका की कंपनी Boeing से 6 अत्याधुनिक P-8I Poseidon जासूसी विमान खरीदने जा रही है। इस डील की कुल कीमत करीब 3.5 अरब डॉलर बताई जा रही है।
यह डील फॉरेन मिलिट्री सेल्स (FMS) के तहत होगी, यानी यह सीधे भारत और अमेरिका सरकार के बीच होने वाली गवर्नमेंट-टू-गवर्नमेंट डील है। इस प्रस्ताव को जल्द ही प्रधानमंत्री Narendra Modi की अध्यक्षता वाली कैबिनेट कमेटी ऑन सिक्योरिटी के सामने रखा जा सकता है।
अगर कीमत की बात करें तो एक P-8I विमान की लागत करीब 500 से 600 मिलियन डॉलर तक पहुंच गई है। साल 2009 में भारत ने इसी तरह के 8 विमान कम कीमत पर खरीदे थे, लेकिन अब महंगाई, सप्लाई चेन समस्याओं और टेक्नोलॉजी अपग्रेड के कारण कीमत दोगुनी हो गई है।
P-8I Poseidon कोई साधारण विमान नहीं है। यह एक मल्टी-रोल मैरिटाइम सर्विलांस एयरक्राफ्ट है, जो समुद्र में दुश्मनों की हर गतिविधि पर नजर रख सकता है। यह पनडुब्बियों को खोजने और नष्ट करने, दुश्मन जहाजों को ट्रैक करने और इलेक्ट्रॉनिक इंटेलिजेंस जुटाने में सक्षम है।
इसमें एडवांस रडार, लॉन्ग रेंज सेंसर और एंटी-सबमरीन हथियार लगे होते हैं, जिससे यह हजारों किलोमीटर दूर तक निगरानी कर सकता है। खास बात यह है कि यह विमान समुद्र के साथ-साथ जमीन पर भी निगरानी करने में सक्षम है।
हाल के वर्षों में China ने हिंद महासागर में अपनी गतिविधियां बढ़ा दी हैं। चीनी नौसेना के जहाज और पनडुब्बियां भारतीय क्षेत्र के पास देखी जा रही हैं। ऐसे में भारत के लिए यह डील रणनीतिक रूप से बेहद अहम मानी जा रही है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह विमान भारतीय नौसेना की ताकत को कई गुना बढ़ा देगा और समुद्री सुरक्षा को मजबूत करेगा। अब सबकी नजर कैबिनेट कमेटी ऑन सिक्योरिटी के फैसले पर टिकी है।
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