नई दिल्ली: राजधानी में प्रदूषण नियंत्रण को लेकर एक बड़ी सकारात्मक खबर सामने आई है। Delhi Metro Rail Corporation (DMRC) द्वारा लागू किए गए ‘डस्ट कंट्रोल’ उपायों ने शानदार परिणाम दिए हैं।
आंकड़ों के मुताबिक, 2026 के पहले चार महीनों में मेट्रो निर्माण स्थलों और स्टेशनों से जुड़ी धूल प्रदूषण की शिकायतें घटकर सिर्फ 24 रह गई हैं, जबकि 2025 की इसी अवधि में यह संख्या 640 थी। यानी शिकायतों में करीब 96% की रिकॉर्ड गिरावट दर्ज की गई है।
DMRC के अधिकारियों के अनुसार, यह सुधार कड़े धूल नियंत्रण उपायों, नियमित निरीक्षण और तेज शिकायत निवारण प्रणाली का परिणाम है। निर्माण स्थलों पर पानी का छिड़काव, कवरिंग और मॉनिटरिंग जैसी व्यवस्थाओं को और सख्ती से लागू किया गया है।
पिछले वर्षों के आंकड़े बताते हैं कि मेट्रो विस्तार के दौरान शिकायतों में लगातार वृद्धि हो रही थी—2022 में 945, 2023 में 1378 और 2024 में 2180 शिकायतें दर्ज की गई थीं। हालांकि 2025 में इसमें कमी आनी शुरू हुई और अब 2026 में यह गिरावट और भी स्पष्ट दिख रही है।
निरीक्षण के मोर्चे पर भी DMRC ने अपनी सक्रियता बढ़ाई है। 2025 में कुल 1189 निरीक्षण किए गए थे, जबकि 2026 के शुरुआती महीनों में ही सैकड़ों निरीक्षण कर निगरानी को मजबूत किया गया है।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के मॉडल को अन्य शहरी परियोजनाओं में भी अपनाया जाए तो प्रदूषण नियंत्रण में और बेहतर परिणाम मिल सकते हैं।
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