महाराष्ट्र की राजनीति में विधान परिषद (MLC) चुनाव से पहले बड़ा सियासी फेरबदल देखने को मिल रहा है। किसान नेता और प्रहार जनशक्ति पक्ष के प्रमुख Bacchu Kadu ने उपमुख्यमंत्री Eknath Shinde के नेतृत्व वाली शिवसेना के साथ जाने का ऐलान कर दिया है। वहीं दूसरी ओर, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) ने युवा चेहरे Zeeshan Siddiqui को उम्मीदवार बनाकर नया दांव चला है।
बच्चू कडू ने गुरुवार को साफ किया कि वह आगामी विधान परिषद चुनाव शिवसेना के उम्मीदवार के तौर पर लड़ेंगे। इसके साथ ही उन्होंने अपनी पार्टी ‘प्रहार जनशक्ति पक्ष’ के शिवसेना में विलय का संकेत भी दिया है। यह फैसला उन्होंने बुधवार रात एकनाथ शिंदे से मुलाकात के बाद लिया।
कडू ने बताया कि उन्होंने किसानों, खेतिहर मजदूरों और दिव्यांगजनों से जुड़े मुद्दों को शिंदे के सामने रखा, जिस पर उन्हें सकारात्मक आश्वासन मिला। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने किसानों की कर्जमाफी और दिव्यांगों के लिए आर्थिक सहायता बढ़ाने जैसे मुद्दों पर सहमति जताई है, जिससे उन्हें यह कदम उठाने का भरोसा मिला।
गौरतलब है कि बच्चू कडू पहले अविभाजित शिवसेना का हिस्सा रह चुके हैं, लेकिन 1999 में उन्होंने पार्टी छोड़कर अपनी अलग राजनीतिक पहचान बनाई थी। अब करीब दो दशक बाद उनकी ‘घर वापसी’ महाराष्ट्र की राजनीति में अहम बदलाव के तौर पर देखी जा रही है।
इधर, NCP ने भी विधान परिषद चुनाव को लेकर बड़ा दांव खेला है। पार्टी ने अपने दिवंगत नेता Baba Siddique के बेटे ज़ीशान सिद्दीकी को उम्मीदवार बनाया है। ज़ीशान सिद्दीकी युवा चेहरा हैं और उन्हें पार्टी भविष्य की राजनीति के रूप में पेश कर रही है।
ज़ीशान ने उम्मीदवार बनाए जाने पर पार्टी नेतृत्व, खासकर Supriya Sule और अन्य वरिष्ठ नेताओं का आभार जताया। उन्होंने कहा कि वह युवाओं की आवाज़ को मजबूती से उठाएंगे और जनता की उम्मीदों पर खरा उतरने की कोशिश करेंगे।
हालांकि, ज़ीशान सिद्दीकी 2024 के विधानसभा चुनाव में बांद्रा पूर्व सीट से चुनाव हार चुके हैं, लेकिन इसके बावजूद NCP ने उन पर भरोसा जताया है। यह संकेत देता है कि पार्टी युवा नेतृत्व को आगे बढ़ाने की रणनीति पर काम कर रही है।
महाराष्ट्र में 12 मई को विधान परिषद की 9 सीटों और एक उपचुनाव के लिए मतदान होना है। वहीं, 13 मई को कई सदस्य रिटायर हो रहे हैं, जिनमें Uddhav Thackeray भी शामिल हैं। नामांकन की अंतिम तारीख भी तय कर दी गई है, जिससे सियासी गतिविधियां तेज हो गई हैं।
इस पूरे घटनाक्रम ने महाराष्ट्र की राजनीति को और दिलचस्प बना दिया है। एक तरफ शिंदे गुट अपनी ताकत बढ़ाने में जुटा है, तो दूसरी ओर NCP नए चेहरों के जरिए राजनीतिक समीकरण बदलने की कोशिश कर रही है।
अब सबकी नजरें 12 मई को होने वाली वोटिंग और उसके नतीजों पर टिकी हैं, जो राज्य की राजनीतिक दिशा तय कर सकती हैं।
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