पश्चिम बंगाल की राजनीति में बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। भाजपा विधायक दल के नेता चुने जाने के बाद शुभेंदु अधिकारी ने राज्यपाल आरएन रवि से मुलाकात कर सरकार बनाने का दावा पेश किया। इसके साथ ही राज्य में पहली भाजपा सरकार के गठन का रास्ता लगभग साफ माना जा रहा है। इस ऐतिहासिक मौके पर पश्चिम बंगाल विधानसभा भवन को भगवा रोशनी से सजाया गया, जिसने राजनीतिक माहौल को और भी खास बना दिया।
भाजपा विधायक दल की बैठक में नेता चुने जाने के बाद शुभेंदु अधिकारी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और पार्टी नेतृत्व का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि पार्टी ने उन पर जो विश्वास जताया है, उसे वे पूरी ईमानदारी और प्रतिबद्धता के साथ निभाएंगे।
शुभेंदु अधिकारी ने साफ कहा कि उनकी सरकार पूरी तरह भाजपा की नीतियों पर चलेगी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा किए गए हर वादे को जमीन पर उतारा जाएगा। उन्होंने कहा कि बंगाल में विकास, सुशासन और पारदर्शिता उनकी सरकार की सबसे बड़ी प्राथमिकता होगी।
अधिकारी ने अपने संबोधन में कहा कि अब बंगाल में “भरोसे की सरकार” बनेगी। उन्होंने दावा किया कि भाजपा सरकार राज्य में कानून व्यवस्था को मजबूत करेगी और जनता को भ्रष्टाचार मुक्त प्रशासन देने का काम करेगी। उनके इस बयान पर भाजपा विधायकों और समर्थकों ने जोरदार तालियां बजाईं।
नई सरकार की प्राथमिकताओं का जिक्र करते हुए शुभेंदु अधिकारी ने बड़ा ऐलान किया। उन्होंने कहा कि पिछली तृणमूल कांग्रेस सरकार के दौरान हुए कथित भ्रष्टाचार मामलों की जांच के लिए एक आयोग बनाया जाएगा। यह आयोग एक सेवानिवृत्त न्यायाधीश की अध्यक्षता में काम करेगा।
इसके अलावा महिलाओं के खिलाफ अपराधों की भी विशेष जांच कराई जाएगी। अधिकारी ने कहा कि महिलाओं की सुरक्षा भाजपा सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारी होगी और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि बंगाल में भय और भ्रष्टाचार की राजनीति को खत्म किया जाएगा।
शुभेंदु अधिकारी ने केंद्र और राज्य के बीच बेहतर तालमेल की जरूरत पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि अगर केंद्र और राज्य मिलकर काम करें तो बंगाल को विकास के नए रास्ते पर आगे बढ़ाया जा सकता है। भाजपा सरकार का लक्ष्य राज्य में निवेश बढ़ाना, रोजगार के अवसर पैदा करना और युवाओं को नई संभावनाएं देना होगा।
भाजपा समर्थकों के बीच इस राजनीतिक बदलाव को लेकर काफी उत्साह देखा जा रहा है। पार्टी कार्यकर्ताओं का मानना है कि बंगाल में पहली बार भाजपा सरकार बनने से राज्य की राजनीति में नया अध्याय शुरू होगा।
अब सभी की नजरें शपथ ग्रहण समारोह पर टिकी हैं, जहां शुभेंदु अधिकारी पश्चिम बंगाल के नए मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ले सकते हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि यह बदलाव बंगाल की राजनीति में लंबे समय तक असर डाल सकता है।
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