Saturday, May 9, 2026
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क्या अबॉर्शन के बाद मां बनना मुश्किल हो जाता है? एक्सपर्ट से जानें पूरी सच्चाई

हर महिला के जीवन में मां बनना एक बेहद खास और भावनात्मक अनुभव होता है। शादी के बाद कई कपल सही समय पर प्रेग्नेंसी प्लान करना चाहते हैं। हालांकि करियर, आर्थिक स्थिति और पर्सनल चॉइस जैसे कई कारणों से कई बार कपल कुछ समय तक पैरेंटहुड से दूरी बनाए रखते हैं। ऐसे में अनप्लान्ड प्रेग्नेंसी होने पर कई महिलाएं अबॉर्शन का सहारा लेती हैं।

लेकिन अबॉर्शन के बाद महिलाओं के मन में सबसे बड़ा सवाल यही होता है कि क्या भविष्य में दोबारा प्रेग्नेंट होने में कोई परेशानी आएगी? डॉक्टरों के अनुसार यदि अबॉर्शन सुरक्षित तरीके से और मेडिकल निगरानी में कराया गया हो, तो आमतौर पर इसका फर्टिलिटी पर कोई नकारात्मक असर नहीं पड़ता।

विशेषज्ञों का कहना है कि शुरुआती हफ्तों में डॉक्टर की सलाह के अनुसार किया गया सुरक्षित अबॉर्शन भविष्य में कंसीव करने की क्षमता को प्रभावित नहीं करता है। हालांकि असुरक्षित तरीके से कराया गया गर्भपात या बार-बार अबॉर्शन करवाना महिलाओं की सेहत के लिए नुकसानदायक हो सकता है।

डॉक्टरों के मुताबिक बार-बार अबॉर्शन पिल्स लेने या लगातार मेडिकल प्रोसिजर कराने से गर्भाशय यानी यूट्रस में इंफेक्शन या चोट का खतरा बढ़ जाता है। इससे भविष्य में फर्टिलिटी प्रभावित हो सकती है। इसलिए बार-बार अबॉर्शन कराना सुरक्षित नहीं माना जाता।

विशेषज्ञ यह भी सलाह देते हैं कि अबॉर्शन के बाद शरीर को पूरी तरह रिकवर होने के लिए पर्याप्त समय देना बेहद जरूरी है। आमतौर पर डॉक्टर कुछ हफ्तों तक शारीरिक संबंध बनाने और दोबारा प्रेग्नेंसी प्लान करने से बचने की सलाह देते हैं। हालांकि यह समय हर महिला की हेल्थ कंडीशन के अनुसार अलग हो सकता है, इसलिए डॉक्टर से सलाह जरूर लेनी चाहिए।

अबॉर्शन के बाद हार्मोनल बदलाव भी शरीर को प्रभावित करते हैं। ऐसे में शरीर और गर्भाशय के पूरी तरह रिकवर होने के बाद ही अगली प्रेग्नेंसी की योजना बनानी चाहिए। डॉक्टर की सलाह और नियमित हेल्थ चेकअप इस दौरान बेहद जरूरी माने जाते हैं।

महिलाओं की मानसिक सेहत का ध्यान रखना भी उतना ही जरूरी है। अबॉर्शन केवल शारीरिक नहीं बल्कि भावनात्मक रूप से भी महिलाओं को प्रभावित कर सकता है। इसलिए परिवार और पार्टनर का सपोर्ट इस समय बेहद महत्वपूर्ण होता है।

स्वस्थ शरीर और बेहतर फर्टिलिटी के लिए हेल्दी लाइफस्टाइल अपनाना जरूरी है। डॉक्टर महिलाओं को आयरन, फोलिक एसिड और कैल्शियम से भरपूर डाइट लेने की सलाह देते हैं। इसके अलावा पर्याप्त नींद, हल्की एक्सरसाइज और स्ट्रेस मैनेजमेंट भी शरीर को तेजी से रिकवर करने में मदद करते हैं।

विशेषज्ञों का मानना है कि सही जानकारी और मेडिकल गाइडेंस के साथ महिलाएं अबॉर्शन के बाद भी सुरक्षित तरीके से दोबारा प्रेग्नेंसी प्लान कर सकती हैं। इसलिए किसी भी तरह की चिंता या समस्या होने पर बिना झिझक डॉक्टर से सलाह लेना सबसे बेहतर विकल्प है।

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