Sunday, May 24, 2026
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भीषण गर्मी में बढ़ रहा Heat Stroke का खतरा, डिहाइड्रेशन से बचने के लिए अपनाएं ये Health Tips

देशभर में लगातार बढ़ती गर्मी और हीटवेव लोगों की सेहत पर बुरा असर डाल रही है। कई राज्यों में तापमान 45 डिग्री सेल्सियस से ऊपर पहुंच चुका है। ऐसे मौसम में शरीर में पानी की कमी यानी डिहाइड्रेशन होना आम बात है, लेकिन अगर इसे समय रहते नजरअंदाज किया गया तो यह हीट एग्जॉस्टशन और हीटस्ट्रोक जैसी गंभीर समस्या का कारण बन सकता है।

विशेषज्ञों के अनुसार, गर्म और उमस भरे मौसम में शरीर खुद को ठंडा रखने के लिए ज्यादा पसीना निकालता है। पसीने के साथ शरीर से पानी और जरूरी मिनरल्स बाहर निकल जाते हैं। यदि समय पर पानी और तरल पदार्थ न लिए जाएं, तो शरीर में डिहाइड्रेशन शुरू हो जाता है।

डिहाइड्रेशन के शुरुआती लक्षण

शरीर में पानी की कमी होने पर कई संकेत दिखाई देने लगते हैं। इन लक्षणों को नजरअंदाज करना खतरनाक हो सकता है।

बहुत ज्यादा प्यास लगना

मुंह सूखना

होंठ फटना

सिरदर्द

चक्कर आना

कमजोरी और थकान

ड्राई स्किन

गहरे रंग का पेशाब

मांसपेशियों में ऐंठन

ये सभी संकेत बताते हैं कि शरीर को तुरंत पानी और आराम की जरूरत है।

हीट एग्जॉस्टशन क्या है?

जब शरीर ज्यादा गर्मी और डिहाइड्रेशन के कारण थकावट महसूस करने लगता है, तो उसे हीट एग्जॉस्टशन कहा जाता है। इस दौरान व्यक्ति को ज्यादा पसीना, कमजोरी, बेचैनी, सिरदर्द और चक्कर आने जैसी समस्याएं होती हैं।

अगर इस स्थिति में व्यक्ति ने खुद को ठंडा नहीं किया और पर्याप्त पानी नहीं पिया, तो मामला हीटस्ट्रोक तक पहुंच सकता है।

हीटस्ट्रोक कितना खतरनाक?

हीटस्ट्रोक गर्मी के मौसम की सबसे गंभीर समस्याओं में से एक माना जाता है। इसमें शरीर का तापमान अचानक बहुत ज्यादा बढ़ जाता है और शरीर खुद को ठंडा रखने की क्षमता खो देता है।

हीटस्ट्रोक के मुख्य लक्षण हैं:

तेज बुखार

तेज धड़कन

उल्टी या मतली

घबराहट

सांस लेने में परेशानी

बेहोशी

अत्यधिक चक्कर

गंभीर स्थिति में इसका असर दिमाग, दिल और किडनी पर भी पड़ सकता है। ऐसे लक्षण दिखाई देने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना जरूरी है।

गर्मी का स्किन और पाचन पर असर

तेज गर्मी सिर्फ शरीर के अंदर ही नहीं बल्कि त्वचा और पाचन तंत्र पर भी असर डालती है। डिहाइड्रेशन के कारण त्वचा सूखी और बेजान हो सकती है। सनबर्न, जलन और होंठ फटना आम समस्याएं हैं।

इसके अलावा गर्मियों में खाना और पानी जल्दी खराब होने लगता है, जिससे बैक्टीरिया बढ़ते हैं और फूड पॉइजनिंग का खतरा बढ़ जाता है।

इन समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है:

गैस

एसिडिटी

उल्टी

दस्त

अपच

फूड पॉइजनिंग

खुद को कैसे रखें हाइड्रेट?

गर्मी से बचने के लिए शरीर को हाइड्रेट रखना सबसे जरूरी है। प्यास लगने का इंतजार किए बिना नियमित रूप से पानी पीते रहें।

दिनभर पर्याप्त पानी पिएं

नारियल पानी और नींबू पानी लें

ORS का सेवन करें

तरबूज, खीरा, खरबूजा और संतरा खाएं

तला-भुना और मसालेदार खाना कम खाएं

ज्यादा चाय, कॉफी और कोल्ड ड्रिंक से बचें

गर्मी में बरतें ये सावधानियां

दोपहर की तेज धूप में बाहर निकलने से बचें। अगर जरूरी काम हो तो हल्के रंग के सूती कपड़े पहनें और सिर को ढककर रखें। बच्चों और बुजुर्गों का खास ध्यान रखें क्योंकि उनमें डिहाइड्रेशन का खतरा ज्यादा होता है।

यदि किसी व्यक्ति को लगातार चक्कर, कमजोरी, सांस लेने में दिक्कत या बेहोशी महसूस हो तो तुरंत डॉक्टर की सलाह लें।

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