सोशल मीडिया से शुरू होकर विरोध आंदोलन का रूप लेने वाली कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) इन दिनों राजनीतिक गलियारों में चर्चा का केंद्र बनी हुई है। संगठन के तेजी से बढ़ते प्रभाव के बीच इसके वित्तपोषण और राजनीतिक समर्थन को लेकर कई तरह के सवाल उठाए जा रहे हैं। इसी बीच राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के राज्यसभा सांसद मनोज झा का नाम भी इस विवाद में सामने आया है।
हाल ही में सोशल मीडिया और राजनीतिक हलकों में यह दावा किया गया कि नई दिल्ली के कॉन्स्टिट्यूशन क्लब में आयोजित कॉकरोच जनता पार्टी की प्रेस कॉन्फ्रेंस के लिए स्थल बुक कराने में मनोज झा की भूमिका रही थी। इसके बाद विपक्षी और राजनीतिक विश्लेषकों ने सवाल उठाए कि कहीं यह संगठन किसी राजनीतिक गठबंधन या दल के समर्थन से तो नहीं चल रहा।
इन आरोपों के बीच मनोज झा ने अपनी सफाई पेश की है। उन्होंने कहा कि उन्होंने केवल एक पत्रकार और दिल्ली विश्वविद्यालय से जुड़े अपने कुछ वरिष्ठ सहयोगियों के अनुरोध पर कार्यक्रम के लिए स्थान उपलब्ध कराने में मदद की थी। उनके अनुसार यह उनके लिए कोई असामान्य बात नहीं है और वे अक्सर विभिन्न नागरिक समाज संगठनों की इसी प्रकार सहायता करते रहे हैं।
मनोज झा ने कहा कि उनके पत्र की सामग्री को पूरी तरह पढ़े बिना कई लोग उन पर आरोप लगा रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि उन्हें केवल इतना बताया गया था कि संबंधित लोगों को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित करनी है। उन्होंने यह भी कहा कि अतीत में भी उन्होंने कई सामाजिक और नागरिक संगठनों के कार्यक्रमों के लिए कॉन्स्टिट्यूशन क्लब में स्थान उपलब्ध कराने में सहयोग किया है।
आरजेडी सांसद ने यह भी कहा कि उनका किसी आंदोलन या संगठन की विचारधारा से कोई प्रत्यक्ष संबंध नहीं है। उन्होंने कहा कि भविष्य में यदि कोई संस्था या समूह उनसे ऐसी मदद मांगेगा तो वे पहले पूरी तरह से जानकारी और जांच-पड़ताल करेंगे।
उधर, कॉकरोच जनता पार्टी को लेकर चर्चा इसलिए भी तेज हो गई है क्योंकि संगठन 6 जून को दिल्ली के जंतर-मंतर पर एक बड़े विरोध प्रदर्शन की तैयारी कर रहा है। आंदोलन के संस्थापक अभिजीत दिपके के भी भारत लौटकर इस प्रदर्शन में शामिल होने की संभावना जताई जा रही है।
बताया जा रहा है कि इस प्रदर्शन में NEET-UG, CBSE और CUET परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के मुद्दे उठाए जाएंगे और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की जाएगी।
फिलहाल मनोज झा की सफाई के बावजूद कॉकरोच जनता पार्टी और उसके राजनीतिक संबंधों को लेकर बहस जारी है। आने वाले दिनों में जंतर-मंतर पर होने वाला प्रदर्शन इस पूरे मामले को और अधिक राजनीतिक महत्व दे सकता है।
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