लखनऊ, 21 जुलाई 2026। आगामी कांवड़ यात्रा और विभिन्न धार्मिक आयोजनों को देखते हुए उत्तर प्रदेश में निर्बाध एवं सुरक्षित विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए ऊर्जा विभाग ने व्यापक तैयारियां शुरू कर दी हैं। अपर मुख्य सचिव (ऊर्जा) एवं उत्तर प्रदेश पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड (यूपीपीसीएल) के अध्यक्ष डॉ. आशीष गोयल ने सोमवार को शक्ति भवन में आयोजित समीक्षा बैठक में प्रदेश के सभी डिस्कॉम अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि बिजली आपूर्ति, विद्युत सुरक्षा और अनुरक्षण कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।
बैठक में विद्युत आपूर्ति व्यवस्था, स्थानीय फॉल्टों के त्वरित निस्तारण, बिल वितरण एवं वसूली, बिजली चोरी पर नियंत्रण, ट्रांसफार्मर प्रबंधन, विद्युत दुर्घटनाओं की रोकथाम तथा अनुरक्षण कार्यों की गुणवत्ता की विस्तार से समीक्षा की गई।
कांवड़ यात्रा को लेकर विशेष सतर्कता के निर्देश
डॉ. गोयल ने कहा कि आगामी दिनों में कांवड़ यात्रा सहित अनेक धार्मिक आयोजन होने हैं। ऐसे में मंदिरों, शिविरों, प्रमुख मार्गों और अन्य सार्वजनिक स्थलों पर विद्युत सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। सभी आवश्यक अनुरक्षण कार्य समय रहते पूरे किए जाएं तथा आयोजकों को भी सुरक्षित विद्युत उपयोग के संबंध में जागरूक किया जाए।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि स्थानीय जनप्रतिनिधियों के साथ समन्वय बनाकर अपने क्षेत्रों में चल रहे विद्युत सुधार कार्यों और व्यवस्थाओं की नियमित जानकारी साझा करें, ताकि किसी भी समस्या का समय रहते समाधान किया जा सके।

बरसात में बिजली आपूर्ति बाधित न हो, तुरंत दूर हों स्थानीय फॉल्ट
मानसून के दौरान बिजली व्यवस्था पर विशेष ध्यान देने के निर्देश देते हुए अध्यक्ष ने कहा कि वर्षा के मौसम में विद्युत आपूर्ति प्रभावित होने की संभावना बढ़ जाती है। इसलिए अधिकारी नियमित क्षेत्रीय निरीक्षण करें और स्थानीय स्तर पर आने वाले फॉल्टों को न्यूनतम समय में ठीक कर निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करें।
उन्होंने कहा कि किसी भी प्राकृतिक आपदा या अन्य कारण से बिजली बाधित होने पर उपभोक्ताओं को कम से कम समय में राहत मिलनी चाहिए।
ट्रांसफार्मर खराब होने पर तय होगी जिम्मेदारी
डॉ. आशीष गोयल ने ट्रांसफार्मरों की बढ़ती क्षतिग्रस्तता पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि इसमें उल्लेखनीय कमी लाना आवश्यक है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि किसी क्षेत्र में ट्रांसफार्मर बार-बार खराब होते हैं तो संबंधित अधीक्षण अभियंता की जवाबदेही तय की जाएगी और आवश्यक कार्रवाई भी की जाएगी।
अस्थायी बिजली कनेक्शन में देरी नहीं होगी
बैठक में अस्थायी (टेम्परेरी) विद्युत कनेक्शनों की समीक्षा करते हुए अध्यक्ष ने निर्देश दिया कि जहां भी स्वीकृति में अनावश्यक विलंब हुआ है, वहां तत्काल जांच कर कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि अस्थायी कनेक्शन समय पर उपलब्ध कराना आवश्यक है, क्योंकि देरी से उपभोक्ताओं को असुविधा होने के साथ-साथ निगम को राजस्व का भी नुकसान होता है।
सुरक्षा मानकों से समझौता नहीं
विद्युत कर्मचारियों की सुरक्षा पर विशेष जोर देते हुए डॉ. गोयल ने निर्देश दिया कि अनुरक्षण कार्यों के दौरान सभी कर्मचारी निर्धारित सुरक्षा उपकरणों का अनिवार्य रूप से उपयोग करें। बिना सुरक्षा मानकों का पालन किए कोई भी कार्य न किया जाए।
उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि लापरवाही के कारण कोई विद्युत दुर्घटना होती है तो संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों की जिम्मेदारी तय करते हुए आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।

स्थानीय स्तर पर उपलब्ध रहे पर्याप्त संसाधन
अध्यक्ष ने बताया कि सभी क्षेत्रों में आवश्यक विद्युत सामग्री पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है। इसके अतिरिक्त अधिशासी अभियंताओं को स्थानीय स्तर पर आवश्यकता अनुसार सामग्री खरीदने के लिए वित्तीय अधिकार और धनराशि भी उपलब्ध कराई गई है। ऐसे में किसी भी आपात स्थिति में मरम्मत कार्यों में देरी नहीं होनी चाहिए।
वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से हुई समीक्षा
शक्ति भवन में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित इस समीक्षा बैठक में उत्तर प्रदेश पावर कॉरपोरेशन के प्रबंध निदेशक नीतीश कुमार सहित सभी डिस्कॉम के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। बैठक में आगामी कांवड़ यात्रा और मानसून के दौरान प्रदेशभर में सुरक्षित एवं निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने की रणनीति पर विस्तार से चर्चा की गई।
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