घरेलू रसोई गैस उपभोक्ताओं को एक बार फिर महंगाई का झटका लगा है। 14.2 किलोग्राम वाले घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमत में 29 रुपये की बढ़ोतरी की गई है, जिसके बाद दिल्ली में इसकी कीमत 942 रुपये हो गई है। हालांकि केंद्र सरकार का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में गैस की कीमतों में भारी उछाल के बावजूद भारतीय उपभोक्ताओं को अब भी अपेक्षाकृत सस्ती रसोई गैस उपलब्ध कराई जा रही है।
सरकार के अनुसार पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और वैश्विक आपूर्ति बाधित होने के कारण एलपीजी की अंतरराष्ट्रीय कीमतों में लगभग 46 प्रतिशत तक वृद्धि दर्ज की गई है। इसके बावजूद घरेलू उपभोक्ताओं पर पूरी लागत का बोझ नहीं डाला गया है।
प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों को राहत देते हुए सरकार ने 300 रुपये प्रति सिलेंडर की सब्सिडी जारी रखने का फैसला किया है। इसके चलते पात्र परिवारों को प्रभावी रूप से 642 रुपये में गैस सिलेंडर मिलेगा।
सरकार का दावा है कि एक घरेलू एलपीजी सिलेंडर की वास्तविक आपूर्ति लागत 1600 रुपये से अधिक है, जबकि उपभोक्ताओं से केवल 942 रुपये लिए जा रहे हैं। लागत और बिक्री मूल्य के बीच का अंतर सार्वजनिक क्षेत्र की तेल कंपनियों और सरकारी सहायता के माध्यम से वहन किया जा रहा है।
सरकार ने यह भी कहा है कि देश में रसोई गैस की आपूर्ति निर्बाध बनाए रखने के लिए अमेरिका, कनाडा और अल्जीरिया जैसे देशों से आयात बढ़ाया गया है। साथ ही घरेलू उत्पादन को भी बढ़ावा दिया गया है, जिससे उपभोक्ताओं को किसी प्रकार की कमी का सामना नहीं करना पड़ा।
ऊर्जा क्षेत्र से जुड़े विशेषज्ञों का मानना है कि वैश्विक बाजार की स्थिति आने वाले महीनों में एलपीजी की कीमतों को प्रभावित कर सकती है। फिलहाल सरकार और तेल कंपनियां अंतरराष्ट्रीय हालात पर लगातार नजर बनाए हुए हैं।
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