फुटबॉल की दुनिया में एक ऐसी घटना सामने आई है जिसने खेल जगत के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय समुदाय का भी ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। सोमालिया के प्रतिष्ठित रेफरी उमर आर्टन का FIFA World Cup 2026 में शामिल होने का सपना उस समय टूट गया, जब अमेरिका ने उन्हें प्रवेश की अनुमति देने से इनकार कर दिया। हालांकि अपने देश लौटने पर उनका स्वागत किसी राष्ट्रीय नायक से कम नहीं हुआ।
विश्व कप इतिहास में रचने वाले थे नया इतिहास
उमर आर्टन विश्व कप के इतिहास में सोमालिया के पहले रेफरी बनने जा रहे थे। उनकी नियुक्ति FIFA World Cup 2026 के मैच अधिकारियों की सूची में की गई थी, जिसे सोमालियाई फुटबॉल के लिए एक बड़ी उपलब्धि माना जा रहा था।
आर्टन ने पिछले कुछ वर्षों में अफ्रीकी फुटबॉल में अपनी अलग पहचान बनाई है। वर्ष 2025 में उन्हें अफ्रीका का सर्वश्रेष्ठ पुरुष रेफरी भी चुना गया था।
वीजा मिलने के बावजूद नहीं मिली एंट्री
जानकारी के अनुसार विश्व कप की तैयारियों के तहत उमर आर्टन को अमेरिका के मियामी शहर में आयोजित रेफरी प्रशिक्षण शिविर में शामिल होना था। इसके लिए उन्हें अमेरिका का वीजा भी जारी किया गया था।
लेकिन 6 जून को मियामी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर अमेरिकी अधिकारियों ने उन्हें देश में प्रवेश देने से इनकार कर दिया। अमेरिकी सीमा एवं सीमा शुल्क सुरक्षा एजेंसी ने इस फैसले के पीछे “सुरक्षा जांच संबंधी चिंताओं” का हवाला दिया, हालांकि विस्तृत कारण सार्वजनिक नहीं किए गए।
इस फैसले के बाद FIFA ने उन्हें विश्व कप रेफरी पैनल से हटा दिया।
खेल जगत में उठे सवाल
अमेरिका, कनाडा और मेक्सिको संयुक्त रूप से FIFA World Cup 2026 की मेजबानी कर रहे हैं। ऐसे में किसी आधिकारिक मैच अधिकारी को मेजबान देश में प्रवेश न मिलना बेहद असामान्य माना जा रहा है।
इस घटना के बाद कई फुटबॉल विशेषज्ञों और प्रशंसकों ने सवाल उठाए हैं कि जब रेफरी को वैध वीजा जारी किया जा चुका था, तो फिर उन्हें प्रवेश क्यों नहीं दिया गया।
सोमालिया में हुआ भव्य स्वागत
विश्व कप से बाहर होने के बाद उमर आर्टन अपने देश सोमालिया लौट गए। राजधानी मोगादिशु के अदन अदे अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर उनका भव्य स्वागत किया गया।
सैकड़ों समर्थक राष्ट्रीय ध्वज लेकर एयरपोर्ट पहुंचे। लोगों ने उन्हें कंधों पर उठाया और राष्ट्रीय ध्वज ओढ़ाकर सम्मानित किया। इस स्वागत समारोह में सोमालिया के युवा एवं खेल मंत्री, फुटबॉल महासंघ के अधिकारी और कई गणमान्य लोग भी मौजूद रहे।
भावुक हुए उमर आर्टन
अपने स्वागत से भावुक हुए उमर आर्टन ने कहा कि वह इस घटना से निराश नहीं हैं और भविष्य में विश्व कप का हिस्सा बनने का सपना अभी भी जिंदा है।
उन्होंने कहा कि देश की पहचान और सम्मान को आगे बढ़ाना हर नागरिक की जिम्मेदारी है। उन्होंने युवाओं से हार न मानने और अपने सपनों के लिए संघर्ष जारी रखने की अपील की।
WHO प्रमुख ने भी किया समर्थन
विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के महानिदेशक Tedros Adhanom Ghebreyesus ने भी उमर आर्टन के समर्थन में संदेश जारी किया।
उन्होंने कहा कि विश्व कप के लिए चयनित होना अपने आप में बड़ी उपलब्धि है। मैदान पर उतरने का मौका न मिलना उनकी मेहनत, उपलब्धियों और प्रेरणादायक यात्रा को कम नहीं कर सकता।
युवाओं के लिए बने प्रेरणा
सोमालिया लंबे समय से संघर्ष और अस्थिरता जैसी चुनौतियों का सामना करता रहा है। ऐसे में उमर आर्टन की उपलब्धि देश के युवाओं के लिए प्रेरणा का प्रतीक बन गई है।
भले ही उनका FIFA World Cup 2026 में रेफरी बनने का सपना अधूरा रह गया हो, लेकिन अपने देश और दुनिया भर के फुटबॉल प्रशंसकों के बीच वह पहले ही एक प्रेरणादायक नायक बन चुके हैं।
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